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मिनी सचिवालय में रखा जा रहा धान व गेहूं का बोझा
Updated Thu, 13 Dec 2018 12:31 AM IST
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इलिया। ग्राम पंचायत मंगरौर के गांधीनगर गांव के मिनी सचिवालय पर कब्जा कर कुछ ग्रामीणों ने खलिहान बना दिया है। सचिवालय में ग्राम पंचायत का कार्य होने की जगह उसका निजी प्रयोग किया जा रहा है।
गांव में मिनी सचिवालय का निर्माण वर्ष 2009-10 में 18 लाख की लागत से तत्कालीन ग्राम प्रधान मिथिलेश कुमार ने कराया था। टाइल्स और मार्बल से सुसज्जित सचिवालय में 18 पंखे लगाए गए थे। उद्देश्य था कि ग्राम पंचायत की बैठकों के दौरान अधिकारी और पंचायत कर्मी आसानी से सचिवालय में बैठकर काम का निपटारा कर सकें। साथ ही गांव के सार्वजनिक मामलों का निबटारा भी इसमें किया जा सके मगर ऐसा हो न सका। बनने के कुछ दिनों बाद गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया। स्थिति यह हुई कि सचिवालय में लगे सभी पंखे उखाड़ ले गए। इन दिनों इसमें धान का ढ़ेर भरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय में धान और गेहूं का बोझ रखकर स्वयं के उपयोग में लिया जा रहा है। इससे पंचायतों की होने वाली बैठक अन्यत्र कराई जाती है। खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह का कहना है कि मिनी सचिवालय के निजी उपयोग की जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
गांव में मिनी सचिवालय का निर्माण वर्ष 2009-10 में 18 लाख की लागत से तत्कालीन ग्राम प्रधान मिथिलेश कुमार ने कराया था। टाइल्स और मार्बल से सुसज्जित सचिवालय में 18 पंखे लगाए गए थे। उद्देश्य था कि ग्राम पंचायत की बैठकों के दौरान अधिकारी और पंचायत कर्मी आसानी से सचिवालय में बैठकर काम का निपटारा कर सकें। साथ ही गांव के सार्वजनिक मामलों का निबटारा भी इसमें किया जा सके मगर ऐसा हो न सका। बनने के कुछ दिनों बाद गांव के ही कुछ लोगों ने उस पर कब्जा कर लिया। स्थिति यह हुई कि सचिवालय में लगे सभी पंखे उखाड़ ले गए। इन दिनों इसमें धान का ढ़ेर भरा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिवालय में धान और गेहूं का बोझ रखकर स्वयं के उपयोग में लिया जा रहा है। इससे पंचायतों की होने वाली बैठक अन्यत्र कराई जाती है। खंड विकास अधिकारी धर्मजीत सिंह का कहना है कि मिनी सचिवालय के निजी उपयोग की जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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