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बेमौसम की बारिश ने बढ़ा दी किसानों की मुश्किल
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:52 AM IST
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मुगलसराय। पश्चिमी विक्षोभ के चलते भोर में तीन बजे तेज आंधी के बाद तेज बारिश हुई। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है। गेहूं के खेतों में पानी भरने से कटाई में दिक्कत होगी। वहीं आंधी से खेतों में गेहूं के बोझ बिखर गए। कृषि विभाग के अनुसार गेहूं की खड़ी फसल को कम नुकसान हुआ है। खलिहानों में रखी फसल प्रभावित हुई है। अनाज की गुणवत्ता पर असर पड़ेगा। वहीं आम के टिकोरे आंधी की वजह से गिर गए हैं। कुल मिलाकर दस प्रतिशत फसलों का नुकसान होने की आशंका है। वहीं आंधी पानी की वजह से आधे जिले की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविवार की देर शाम आपूर्ति बहाल हुई।
शनिवार को आधी रात के बाद मौसम अचानक बदल गया। रात में तीन बजे के करीब गरज चमक के साथ तेज आंधी चली और इसके बाद तेज बारिश हुई। तेज आंधी की वजह से खेतों में बोझा बनाकर रखी गई गेहूं की फसल बिखर गई। आम के बौर और टिकोरे टूट कर गिर गए। बरसात के कारण गेहूं के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में नमी हो गई है। इससे उसकी मड़ाई का कार्य एक सप्ताह के लिए टल गया है। वहीं खलिहानो में कटाई के बाद रखा गेहूं भीग गया है। किसानों का मानना है कि आंधी, पानी के कारण गेहूं की क्वालिटी तथा चमक प्रभावित होगी, जिसका खामियाजा किसानो को भुगतना होगा। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में सवा लाख हेक्टेअर में रबी की बोआई की गई है। करीब तीस हजार हेक्टअर में चना, मटर, मसूर, सरसो आदि की खेती की गई है। वर्तमान में गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है, लेकिन बारिश की वजह से दिक्कत हो गईै। नगर में बारिश की वजह से जगह जगह जलजमाव की स्थिति रही।इस संबंध में उपनिदेशक कृषि आरके सिंह ने कहा कि खलिहानों में रखी फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अनाज की गुणवत्ता पर विपरित असर पड़ेगा। आंधी, पानी से खेतों में खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। खलिहानों में रखी फसलों के भीगने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होगी। दानों में कालापन आने की संभावना बढ़ जाएगी।
चकिया संवाददाता के अनुसार तेज आंधी के साथ हुई बरसात तथा आकाशीय बिजली की चपेट में आने से स्थानीय विद्युत उपकेंद्र में नगर की विद्युत आपूर्ति के लिए स्थापित 33 हजार की लाईन का केबिल बाक्स विस्फोट के साथ जल गया। इससे नगर की आपूर्ति रविवार भोर में तीन बजे से दोपहर दो बजे तक ठप रही। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जले केबिल बाक्स को हटाकर स्पेयर केबिल के जरिये आपूर्ति बहाल की। कंदवा संवाददाता के अनुसार अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से संचालित असना, ककरैत, धीना, रेरुआ और विश्व बैंक फीडर से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। देरशाम बिजली आपूर्ति बहाल हुई। यही हाल चहनियां क्षेत्र का भी रहा।
शनिवार को आधी रात के बाद मौसम अचानक बदल गया। रात में तीन बजे के करीब गरज चमक के साथ तेज आंधी चली और इसके बाद तेज बारिश हुई। तेज आंधी की वजह से खेतों में बोझा बनाकर रखी गई गेहूं की फसल बिखर गई। आम के बौर और टिकोरे टूट कर गिर गए। बरसात के कारण गेहूं के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में नमी हो गई है। इससे उसकी मड़ाई का कार्य एक सप्ताह के लिए टल गया है। वहीं खलिहानो में कटाई के बाद रखा गेहूं भीग गया है। किसानों का मानना है कि आंधी, पानी के कारण गेहूं की क्वालिटी तथा चमक प्रभावित होगी, जिसका खामियाजा किसानो को भुगतना होगा। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में सवा लाख हेक्टेअर में रबी की बोआई की गई है। करीब तीस हजार हेक्टअर में चना, मटर, मसूर, सरसो आदि की खेती की गई है। वर्तमान में गेहूं की कटाई का सीजन चल रहा है, लेकिन बारिश की वजह से दिक्कत हो गईै। नगर में बारिश की वजह से जगह जगह जलजमाव की स्थिति रही।इस संबंध में उपनिदेशक कृषि आरके सिंह ने कहा कि खलिहानों में रखी फसल को ज्यादा नुकसान पहुंचा है। अनाज की गुणवत्ता पर विपरित असर पड़ेगा। आंधी, पानी से खेतों में खड़ी फसल को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। खलिहानों में रखी फसलों के भीगने से अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होगी। दानों में कालापन आने की संभावना बढ़ जाएगी।
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चकिया संवाददाता के अनुसार तेज आंधी के साथ हुई बरसात तथा आकाशीय बिजली की चपेट में आने से स्थानीय विद्युत उपकेंद्र में नगर की विद्युत आपूर्ति के लिए स्थापित 33 हजार की लाईन का केबिल बाक्स विस्फोट के साथ जल गया। इससे नगर की आपूर्ति रविवार भोर में तीन बजे से दोपहर दो बजे तक ठप रही। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जले केबिल बाक्स को हटाकर स्पेयर केबिल के जरिये आपूर्ति बहाल की। कंदवा संवाददाता के अनुसार अमड़ा विद्युत उपकेंद्र से संचालित असना, ककरैत, धीना, रेरुआ और विश्व बैंक फीडर से जुड़े गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई है। देरशाम बिजली आपूर्ति बहाल हुई। यही हाल चहनियां क्षेत्र का भी रहा।
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