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अभियंता दिवस पर याद किया एम विश्वेसरैया को
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:55 AM IST
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मुगलसराय। ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनरतले नगर के इंडियन इंस्टीट्यूट कालोनी स्थित सामुदायिक भवन में भारत रत्न इंजीनियर डॉ. एम विश्वेश्वरैया की जयंती अभियंता दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान डॉ. एम विश्वेश्वरैया के योगदान पर चर्चा की गई। इस मौके पर संरक्षा गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इसमें देश में हो रही रेल दुर्घटनाओं पर रोक के उपायों पर मंथन किया गया तथा रेल अभियंताओं ने रेल को दुर्घटना मुक्त करने का लिया संकल्प
कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. एम विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत के विकास में डॉ. एम विश्वेसरैया के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। इस मौके पर आयोजित सेफ्टी सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाना रेलवे की नैतिक जिम्मेदारी है। दुर्घटनाओं का मुख्य कारण रेलवे बोर्ड द्वारा समय समय पर गठित कमेटी जैसे रेलवे रिफार्म कमेटी, जस्टिस बांचू कमेटी, सेफ्टी कमेटी के रिपोर्ट को पूरी तरह लागू नहीं करना है। गोष्ठी में रेलवे इंजीनियरों ने रेलवे को दुर्घटना मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जूनियर इंजीनियरों व सीनियर सेक्शन इंजीनियरों के साथ अन्याय पर चर्चा करते हुए रेलवे में इंजीनियरों की प्रमुख मांगों को समय क्रमबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की गई। कहा कि अधिकारियों को समयबद्ध प्रमोशन और राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देना मुख्य मांग है। मुख्य अतिथि मुगलसराय विधायक साधना सिंह ने भी रेल परिचालन में रेल इंजीनियरों की भूमिका पर चर्चा की। इस मौके पर नीलमणि प्रकाश, सर्वेश कुमार, एसके शर्मा, एसके सिंह, प्रमोद चौरसिया, हीरा सिंह, एसके चौबे, नीरज कुमार, जावेद आदि इंजीनियर उपस्थित रहे। अध्यक्षता रामवतार प्रसादने और सांचालन डीपी सिंह ने व एसके सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम की शुरूआत डॉ. एम विश्वेश्वरैया के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत के विकास में डॉ. एम विश्वेसरैया के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। हम सभी को उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है। इस मौके पर आयोजित सेफ्टी सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाना रेलवे की नैतिक जिम्मेदारी है। दुर्घटनाओं का मुख्य कारण रेलवे बोर्ड द्वारा समय समय पर गठित कमेटी जैसे रेलवे रिफार्म कमेटी, जस्टिस बांचू कमेटी, सेफ्टी कमेटी के रिपोर्ट को पूरी तरह लागू नहीं करना है। गोष्ठी में रेलवे इंजीनियरों ने रेलवे को दुर्घटना मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर जूनियर इंजीनियरों व सीनियर सेक्शन इंजीनियरों के साथ अन्याय पर चर्चा करते हुए रेलवे में इंजीनियरों की प्रमुख मांगों को समय क्रमबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग की गई। कहा कि अधिकारियों को समयबद्ध प्रमोशन और राजपत्रित अधिकारी का दर्जा देना मुख्य मांग है। मुख्य अतिथि मुगलसराय विधायक साधना सिंह ने भी रेल परिचालन में रेल इंजीनियरों की भूमिका पर चर्चा की। इस मौके पर नीलमणि प्रकाश, सर्वेश कुमार, एसके शर्मा, एसके सिंह, प्रमोद चौरसिया, हीरा सिंह, एसके चौबे, नीरज कुमार, जावेद आदि इंजीनियर उपस्थित रहे। अध्यक्षता रामवतार प्रसादने और सांचालन डीपी सिंह ने व एसके सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया।
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