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भगवान संसार को दिखाते हैं कल्याण का मार्ग
Updated Mon, 05 Nov 2018 12:58 AM IST
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चहनिया। जीवन सुख-दुख का द्योतक है। भगवान इस संसार को कल्याण का मार्ग दिखाते हैं। परमात्मा जीव को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। सभी को दयावान होना चाहिय तभी कल्याण हो सकता है।
ये बातें लक्ष्मणगढ़ में चल रहे श्रीलक्ष्मी-नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को त्रिदंडी स्वामी के शिष्य स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहीं। कहा कि धन्य है यह क्षेत्र जहां की पावन धरती पर चातुर्मास व्रत व लक्ष्मी नारायण महायज्ञकरने का अवसर मिला। भगवान व भक्तों के बीच संबंध ऐसा होना चाहिए जैसा भगवान कृष्ण व गोपी-ग्वालों के बीच रहा। कहा, जीवन में दया का भाव होना चाहिए। स्वामी रामानुजाचार्य प्रपन्नाचार्य स्वामी ने कहा कि संसार में पुण्य, पाप, अहंकार, ईर्ष्या, लोभ व मोह भगवत कृपा से ही होते हैं। परमात्मा सभी जीवों का पालनहार है। इसलिए भजन करने से मनुष्य के सभी पाप दूर हो जाते हैं। स्वामी अखिलानन्द ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के दौरान भक्ति भाव का रसपान कराया। महायज्ञ की समाप्ति त्रिदंडी स्वामी की मंगल आरती के साथ हुई। इस मौके पर चंद्रिका सिंह, राजेंद्र पांडेय, अर्जुन, सुन्नर सिंह, राजा राम यादव, सुरेंद्र कुमार, राणा सिंह, श्रवण सिंह मौजूद रहे।
ये बातें लक्ष्मणगढ़ में चल रहे श्रीलक्ष्मी-नारायण महायज्ञ के अंतिम दिन रविवार को त्रिदंडी स्वामी के शिष्य स्वामी वेंकटेश प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने कहीं। कहा कि धन्य है यह क्षेत्र जहां की पावन धरती पर चातुर्मास व्रत व लक्ष्मी नारायण महायज्ञकरने का अवसर मिला। भगवान व भक्तों के बीच संबंध ऐसा होना चाहिए जैसा भगवान कृष्ण व गोपी-ग्वालों के बीच रहा। कहा, जीवन में दया का भाव होना चाहिए। स्वामी रामानुजाचार्य प्रपन्नाचार्य स्वामी ने कहा कि संसार में पुण्य, पाप, अहंकार, ईर्ष्या, लोभ व मोह भगवत कृपा से ही होते हैं। परमात्मा सभी जीवों का पालनहार है। इसलिए भजन करने से मनुष्य के सभी पाप दूर हो जाते हैं। स्वामी अखिलानन्द ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के दौरान भक्ति भाव का रसपान कराया। महायज्ञ की समाप्ति त्रिदंडी स्वामी की मंगल आरती के साथ हुई। इस मौके पर चंद्रिका सिंह, राजेंद्र पांडेय, अर्जुन, सुन्नर सिंह, राजा राम यादव, सुरेंद्र कुमार, राणा सिंह, श्रवण सिंह मौजूद रहे।
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