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विधि विधान से हुई मां सरस्वती की पूजा अर्चना
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:20 AM IST
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मुगलसराय। ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना नगर सहित पूरे जनपद में विधि विधान से हुई। स्कूल कालेज और शिक्षण संस्थानों के साथ सार्वजनिक स्थलों पर पंडालों में मां वाग्देवी की पूजा के बाद आरती उतारी गई। पंडालों में दिन भर माता के जयकारे गूंजते रहे। जगह जगह होलिका की स्थापना की गई, वही लोगों ने छोटे बच्चों के हाथों में स्लेट पेंसिल पकड़ा कर मां सरस्वती की पूजा कराकर शिक्षा की शुरुआत कराई।
सरस्वती पूजा की तैयारी वैसे तो पिछले कई दिनों से हो रही थी। रविवार को नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, न्यू महाल, लाठ नंबर दो, पराहूपुर, कैथापुर, परशुरामपुर, अलीनगर, काली महाल, चतुर्भुजपुर, रेलवे के आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, लोको कालोनी, शास्त्री कालोनी सहित विभिन्न कालोनियों में दो सौ से अधिक पूजा पंडालों में मां सरस्वती की पूजा की गई। यहां आस पास विद्युत झालरों की सजावट की गई और लाउडस्पीकर लगाकर भक्ति गीतों का प्रसारण शुरू किया। नगर के धर्मशाला रोड, नगर पालिका इंटर कालेज सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर मुक्ताकाश मंच बनाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। सोमवार की सुबह लोगों ने स्नान ध्यान के बाद नए कपड़े पहने। बच्चे स्कूल कालेज, आईटीआई कालेज, शिक्षण संस्थानों में पहुंचे और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इसी तरह पूजा पंडालों में पुरोहितों को बुलाकर पूजन अर्चन कर माता की भव्य आरती उतारी और प्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
सरस्वती पूजा के साथ ही होली का भी आगाज माना जाता है। इसी वजह से होलिका स्थापित कर होली गीत बजने भी शुरू हो गए। मंगलवार को मूर्ति विसर्जन वर्जित होने की वजह से बुधवार को मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
सरस्वती पूजा की तैयारी वैसे तो पिछले कई दिनों से हो रही थी। रविवार को नगर के कैलाशपुरी, रविनगर, न्यू महाल, लाठ नंबर दो, पराहूपुर, कैथापुर, परशुरामपुर, अलीनगर, काली महाल, चतुर्भुजपुर, रेलवे के आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, लोको कालोनी, शास्त्री कालोनी सहित विभिन्न कालोनियों में दो सौ से अधिक पूजा पंडालों में मां सरस्वती की पूजा की गई। यहां आस पास विद्युत झालरों की सजावट की गई और लाउडस्पीकर लगाकर भक्ति गीतों का प्रसारण शुरू किया। नगर के धर्मशाला रोड, नगर पालिका इंटर कालेज सहित एक दर्जन से अधिक स्थानों पर मुक्ताकाश मंच बनाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई। सोमवार की सुबह लोगों ने स्नान ध्यान के बाद नए कपड़े पहने। बच्चे स्कूल कालेज, आईटीआई कालेज, शिक्षण संस्थानों में पहुंचे और मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की। इसी तरह पूजा पंडालों में पुरोहितों को बुलाकर पूजन अर्चन कर माता की भव्य आरती उतारी और प्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर जगह जगह सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए।
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सरस्वती पूजा के साथ ही होली का भी आगाज माना जाता है। इसी वजह से होलिका स्थापित कर होली गीत बजने भी शुरू हो गए। मंगलवार को मूर्ति विसर्जन वर्जित होने की वजह से बुधवार को मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
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