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Chandauli News: 19 साल पहले बोर्ड पर लिखा गया राजकीय महिला अस्पताल, कागजों में अभी भी पोस्टपार्टम सेंटर

Tue, 26 May 2026 01:49 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2026 01:49 AM IST
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19 years ago, it was written on the board as Government Women Hospital, on paper it is still a postpartum center
पीडीडीयू नगर के राजकीय महिला चिकित्सालय। संवाद
पीडीडीयू नगर। जीटीआर ब्रिज के पास स्थित अस्पताल के बोर्ड पर 19 साल पहले राजकीय महिला अस्पताल लिखा गया, लेकिन सरकारी दस्तावेज में आज भी यह पोस्टपार्टम सेंटर (प्रसवोत्तर केंद्र) ही है। एक साल में यहां 1.17 लाख मरीजों का इलाज और 1067 महिलाओं के प्रसव हुए हैं। यहां संसाधनों और स्टाफ की कमी है। जीटीआर ब्रिज के पास साल 1980 के आसपास प्रसवोत्तर केंद्र की स्थापना की गई थी। इसका उद्देश्य प्रसव के बाद महिलाओं और नवजात बच्चों की देखभाल और उपचार करना था। साल 2007 में अस्पताल के लिए दो मंजिला भवन का निर्माण हुआ। इसके बाद यहां स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार शुरू हुआ। अस्पताल में 15-15 बेड के दो वार्ड, ऑपरेशन थियेटर, लेबर रूम, पैथोलॉजी लैब, फार्मेसी और इमरजेंसी जैसी सुविधाएं विकसित की गईं।
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महिलाओं और नवजातों के लिए उपलब्ध सुविधाएं
● ब्लड स्टोरेज यूनिट
● न्यू बॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू)
● मॉड्यूलर इम्यूनाइजेशन सेंटर
● ऑपरेशन थियेटर
● लेबर रूम
● पैथोलॉजी लैब
● फार्मेसी
● इमरजेंसी सुविधा
● नवजातों की निगरानी एवं उपचार
दर्जा मिला तो क्या बदलेगा
राजकीय महिला अस्पताल का पूर्ण दर्जा मिलने के बाद अस्पताल में संसाधनों और मानव बल में बड़ा इजाफा होगा। सीएमएस स्तर के अधिकारी की तैनाती के साथ अतिरिक्त विशेषज्ञ डॉक्टर और तकनीकी स्टाफ मिलेंगे।
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दर्जा मिलने के बाद संभावित नई नियुक्तियां
● 3 अतिरिक्त स्त्री रोग विशेषज्ञ
● 3 इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर
● 1 अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट
● 3 वार्ड बॉय
● 3 ओटी टेक्नीशियन
● सीएमएस स्तर के अधिकारी की तैनाती
वर्तमान स्टाफ
● 3 बाल रोग विशेषज्ञ
● 1 गायनी विशेषज्ञ
● 1 एनेस्थेटिस्ट
● 1 लेडी मेडिकल ऑफिसर
● 10 स्टाफ नर्स
● 6 लैब टेक्नीशियन
● 1 फार्मासिस्ट
● 1 वार्ड बॉय
● 1 ओटी टेक्नीशियन
- राजकीय महिला अस्पताल लोगों के लिए काफी मुफीद है। यहां बेहतर उपचार होता है। यदि अस्पताल में सुविधाओं का इजाफा हुआ तो इसका सीधे आमजन को मिलेगा। - आलोक यादव, चतुर्भुजपुर
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- इस अस्पताल से शहर के अलावा आसपास के 50 गांवों के लोगों को लाभ मिलता है। अस्पताल में सभी ब्लड टेस्ट होने से महिलाओं को भटकना नहीं पड़ता है। यहां की सुविधाएं और बढ़नी चाहिए। - कष्णा कुमार, शाहकुटी

- अस्पताल में बच्चों के अच्छे डॉक्टर बैठते हैं। सिर्फ एक रुपये खर्च में बच्चों का आसानी से उपचार हो जाता है। प्राइवेट अस्पताल में छोटे-छोटे उपचार के नाम पर हजारों रुपये खर्च हो जाते है। - सोम बिंद, रेवसां
- जिस स्थान पर अस्पताल है वहां दिन हो या रात, पहुंचना काफी आसान है। लोगों के लिए यह अस्पताल काफी महत्वपूर्ण है। ऐसे में यहां सुविधाओंं का इजाफा होना चाहिए। - उत्तम जायसवाल, मैनाताली


अस्पताल को राजकीय महिला अस्पताल का दर्जा दिलवाने के लिए प्रयास किया गया था, लेकिन महिला अस्पताल के मानकों के अनुसार पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे कागजों में दर्जा नहीं मिल सका। वर्तमान में यह अभिलेखों में पोस्टपार्टम सेंटर के रूप में ही दर्ज है।
- डॉ. एस.के. चतुर्वेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी
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