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सचिवों ने खाद-बीज वितरण ठप करने की दी चेतावनी
Updated Sun, 04 Nov 2018 01:09 AM IST
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चंदौली। बकाए वेतन और विभिन्न मांगों को लेकर सहकारी समितियों के सचिवों ने शनिवार को मुख्यालय स्थित सहायक निबंधक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना दिया। आरोप लगाया कि तमाम वादों और प्रयास के बाद भी शासन सत्ता में बैठे लोग सचिवों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। चेताया कि उनकी समस्याओं का निस्तरण नहीं होने तक कार्य बहिष्कार करके धरने पर रहेंगे। लोगों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कार्य बहिष्कार कर खाद-बीज वितरण ठप करने की चेतावनी दी है।
धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह यादव ने कहा कि विगत कई माह से सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों के वेतन का भुगतान नहीं हो पाया। जबकि अन्य विभागों में तैनात कर्मचारियों को प्रत्येक माह में वेतन का भुगतान किया जा रहा है। वहीं सचिवों को राज्य कर्मचारियों की तरह अन्य सुविधाएं देने में भी प्रदेश सरकार द्वारा गुरेज किया जा रहा है। जिससे सचिवों को नौकरी करने के बाद भी अपने परिवार का भरण पोषण करना भारी पड़ रहा है। इसके लिए विधानसभा का घेराव भी किया जा चुका है फिर भी शासन की नींद नहीं टूटी। चेताया कि सहकारी समिति पर तैनात सचिवों के बकाए वेतन सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो समितियों से खाद और बीज का वितरण ठप करके आंदोलन को और धार दिया जाएगा। धरने में महेंद्रनाथ सिंह, दिनेश उपाध्याय, कैलाशपति, उमाशंकर मिश्र, रविंद्र कुमार शर्मा, सोमारु पाल, रामलच्छन मौर्य, चंद्रभान यादव, अशोक यादव, कमेंद्र सिंह, रामबोध मौर्य, रामसेवक सिंह, रामनिवास, छन्नू सिंह, शीतला सिंह, रामसिंह, नरेंद्र कुमार, हवलदार पांडेय मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ सिंह यादव ने कहा कि विगत कई माह से सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों के वेतन का भुगतान नहीं हो पाया। जबकि अन्य विभागों में तैनात कर्मचारियों को प्रत्येक माह में वेतन का भुगतान किया जा रहा है। वहीं सचिवों को राज्य कर्मचारियों की तरह अन्य सुविधाएं देने में भी प्रदेश सरकार द्वारा गुरेज किया जा रहा है। जिससे सचिवों को नौकरी करने के बाद भी अपने परिवार का भरण पोषण करना भारी पड़ रहा है। इसके लिए विधानसभा का घेराव भी किया जा चुका है फिर भी शासन की नींद नहीं टूटी। चेताया कि सहकारी समिति पर तैनात सचिवों के बकाए वेतन सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो समितियों से खाद और बीज का वितरण ठप करके आंदोलन को और धार दिया जाएगा। धरने में महेंद्रनाथ सिंह, दिनेश उपाध्याय, कैलाशपति, उमाशंकर मिश्र, रविंद्र कुमार शर्मा, सोमारु पाल, रामलच्छन मौर्य, चंद्रभान यादव, अशोक यादव, कमेंद्र सिंह, रामबोध मौर्य, रामसेवक सिंह, रामनिवास, छन्नू सिंह, शीतला सिंह, रामसिंह, नरेंद्र कुमार, हवलदार पांडेय मौजूद रहे।
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