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आधी रात को जन्मे कन्हाई, घर-घर बजी बधाई
Updated Mon, 03 Sep 2018 12:52 AM IST
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पीडीडीयू नगर। कृष्ण के जन्म लेते ही रविवार की आधी रात को जय जयकार होने लगी थालियां बजा मंगल गीत गाए गये । श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर घरों में जन्मोत्सव की झाकियां सजाई गई। भजन-कीर्तन के साथ ही प्रसाद वितरण किया गया और लोगों ने खुशियां मनाई। वहीं उदया तिथि में अष्टमी सोमवार को होने की वजह से मंदिरों, मठों, आश्रमों और थानों में आज जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में आधी रात के वक्त हुआ था। पंडित कुंज बिहारी मिश्र की माने तो भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में आधी रात के वक्त अष्टमी तिथि को हुआ था। ऐसे में दिन में यदि सप्तमी तिथि भी होती है और रात में अष्टमी हो जाती है तो उस दिन गृहस्थ जन्माष्टमी मनाते हैं। रविवार की शाम पांच बजकर नौ मिनट पर अष्टमी तिथि की शुरूआत हो गई। वहीं शाम छह बजकर 29 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र की शुरूआत हुई। इस वजह से घरों में लोगों ने रविवार को जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिरों, कोतवाली, मठों, आश्रमों में सोमवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के मद्देनजर पूरे नगर में जगह जगह झांकी सजाई गई। युवक सुबह से ही दुकानों पर पहुंच कर झूले, जेल, महल, पहाड़ के साथ श्रीकृष्ण की मूर्ति, खिलौने आदि की खरीददारी की। घरों में पूरे मनोयोग से झांकी सजाई। रात में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान के जन्म लेते ही महिलाओं ने थाल बजाई और सोहर गाए। विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण को माखन मिश्री का भोग लगाया और आरती उतारी। नगर के कुढे खुर्द, चंदासी, नई बस्ती, पटेलनगर, रविनगर, कैलाशपुरी, न्यू महाल, कालीमहाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कालोनी, शास्त्री कालोनी, इंस्टीट्यूट कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, गया कालोनी, यूरोपियन कालोनी, रोजा कालोनी, सुभाषनगर, अलीनगर में झांकी सजाई गई।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में आधी रात के वक्त हुआ था। पंडित कुंज बिहारी मिश्र की माने तो भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में आधी रात के वक्त अष्टमी तिथि को हुआ था। ऐसे में दिन में यदि सप्तमी तिथि भी होती है और रात में अष्टमी हो जाती है तो उस दिन गृहस्थ जन्माष्टमी मनाते हैं। रविवार की शाम पांच बजकर नौ मिनट पर अष्टमी तिथि की शुरूआत हो गई। वहीं शाम छह बजकर 29 मिनट पर रोहिणी नक्षत्र की शुरूआत हुई। इस वजह से घरों में लोगों ने रविवार को जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिरों, कोतवाली, मठों, आश्रमों में सोमवार को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। जन्माष्टमी के मद्देनजर पूरे नगर में जगह जगह झांकी सजाई गई। युवक सुबह से ही दुकानों पर पहुंच कर झूले, जेल, महल, पहाड़ के साथ श्रीकृष्ण की मूर्ति, खिलौने आदि की खरीददारी की। घरों में पूरे मनोयोग से झांकी सजाई। रात में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान के जन्म लेते ही महिलाओं ने थाल बजाई और सोहर गाए। विधि विधान से पूजन अर्चन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण को माखन मिश्री का भोग लगाया और आरती उतारी। नगर के कुढे खुर्द, चंदासी, नई बस्ती, पटेलनगर, रविनगर, कैलाशपुरी, न्यू महाल, कालीमहाल, चतुर्भुजपुर, आरपीएफ कालोनी, शास्त्री कालोनी, इंस्टीट्यूट कालोनी, सेंट्रल कालोनी, मानसनगर, गया कालोनी, यूरोपियन कालोनी, रोजा कालोनी, सुभाषनगर, अलीनगर में झांकी सजाई गई।
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