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पीडी ने ब्लाक परिसर में पहुंच कर सुलझाया विवाद
Updated Tue, 23 Jan 2018 01:16 AM IST
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चंदौली। प्रधानमंत्री आवास का माडल सदर विकास खंड में बनना है। जिसके बनने के लिए अभी नींव खोदी गई थी कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ने इस कार्य को रोक दिया। उनके द्वारा रोके जाने पर पुलिस तक आ गई। इसकी जानकारी होने के बाद जिलास्तरीय अधिकारियों ने हस्पक्षेप कर सोमवार को मामले का सुलझा दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर ब्लाक मुख्यालय पर माडल आवास बनाकर इसका प्रचार प्रसार करना है। इसके तहत सदर विकास खंड परिसर में खंड विकास अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने रविवार को नींव खुदवाकर माडल आवास बनाने की योजना तैयार किए। इसी दौरान वहां पर पहुंचे प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कार्य को रोक दिया। उन्होने इस जमीन को अस्पताल को होने की बात कहते हुए इस कार्य को रोक दिया। जब इसकी जानकारी बीडीओ को हुई तो उन्होने ब्लाक परिसर का जमीन खंड विकास के नाम होने की बात कहते हुए इस कार्य को होने के लिए कहा। लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी ने पुलिस को बुला दिया। मामला इतना बढ गया कि सीडीओ ने कार्य को रोकते हुए सोमवार को दोनो मामले के निस्तारण के लिए परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय को भेजा। मौके पर पहुंचे पीडी ने जिस स्थान पर नींव की खुदाई की गई है। वह जमीन खंड विकास अधिकारी का पाया। इस पर उन्होने माडल आवास को उसी स्थान पर बनाए जाने के लिए कहा। उन्होने प्रभारी चिकित्साधिकारी से बेवजह हस्पक्षेप न करने का दिशा निर्देश भी दिया। परियोजना निदेशक के हस्तक्षेप के माडल आवास बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया।
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चंदौली। प्रधानमंत्री आवास का माडल सदर विकास खंड में बनना है। जिसके बनने के लिए अभी नींव खोदी गई थी कि प्रभारी चिकित्साधिकारी ने इस कार्य को रोक दिया। उनके द्वारा रोके जाने पर पुलिस तक आ गई। इसकी जानकारी होने के बाद जिलास्तरीय अधिकारियों ने हस्पक्षेप कर सोमवार को मामले का सुलझा दिया।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर ब्लाक मुख्यालय पर माडल आवास बनाकर इसका प्रचार प्रसार करना है। इसके तहत सदर विकास खंड परिसर में खंड विकास अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने रविवार को नींव खुदवाकर माडल आवास बनाने की योजना तैयार किए। इसी दौरान वहां पर पहुंचे प्रभारी चिकित्साधिकारी ने कार्य को रोक दिया। उन्होने इस जमीन को अस्पताल को होने की बात कहते हुए इस कार्य को रोक दिया। जब इसकी जानकारी बीडीओ को हुई तो उन्होने ब्लाक परिसर का जमीन खंड विकास के नाम होने की बात कहते हुए इस कार्य को होने के लिए कहा। लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी ने पुलिस को बुला दिया। मामला इतना बढ गया कि सीडीओ ने कार्य को रोकते हुए सोमवार को दोनो मामले के निस्तारण के लिए परियोजना निदेशक ऋषिमुनि उपाध्याय को भेजा। मौके पर पहुंचे पीडी ने जिस स्थान पर नींव की खुदाई की गई है। वह जमीन खंड विकास अधिकारी का पाया। इस पर उन्होने माडल आवास को उसी स्थान पर बनाए जाने के लिए कहा। उन्होने प्रभारी चिकित्साधिकारी से बेवजह हस्पक्षेप न करने का दिशा निर्देश भी दिया। परियोजना निदेशक के हस्तक्षेप के माडल आवास बनाने का कार्य प्रारंभ हो गया।
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