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राजकीय सम्मान के साथ हुआ शहीद के जवान का अंतिम संस्कार
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:11 AM IST
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सकलडीहा। श्रीनगर में तैनात सेना के जवान विश्वास चौबे का शव शुक्रवार की सुबह घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बाद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद की शव यात्रा निकाली गई। बलुआ गंगा घाट पर सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दी गई और अंतिम संस्कार किया गया।
कस्बा के सुशील चौबे का बड़ा बेटा विश्वास चौबे (35) श्रीनगर में सीमा सुरक्षा बल की 117 वीं बटालियन में सिपाही के पद पर वर्ष 2004 में भर्ती हुआ था। ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर घर आया हुआ था। बीएचयू में इलाज के बाद छुट्टी समाप्त होने के बाद वह 29 जून को श्रीनगर लौट गया। वहां पहुंचते ही अचानक तबीयत खराब होने पर विभागीय अधिकारियों ने इलाज के लिये भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह जवान का शव घर पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी विभा चौबे के साथ घर की अन्य परिवार के सदस्य दहाड़ मारकर रोते देख सभी की आंखे भर आई। जवान को कंधा देने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजद रहे। कस्बा के व्यापारी अपनी दुकानें बंद करके जवान के शव यात्रा में शामिल रहे। बलुआ घाट पर सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दी।
कस्बा के सुशील चौबे का बड़ा बेटा विश्वास चौबे (35) श्रीनगर में सीमा सुरक्षा बल की 117 वीं बटालियन में सिपाही के पद पर वर्ष 2004 में भर्ती हुआ था। ड्यूटी के दौरान तबीयत खराब होने पर घर आया हुआ था। बीएचयू में इलाज के बाद छुट्टी समाप्त होने के बाद वह 29 जून को श्रीनगर लौट गया। वहां पहुंचते ही अचानक तबीयत खराब होने पर विभागीय अधिकारियों ने इलाज के लिये भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह जवान का शव घर पहुंचा। शव के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पत्नी विभा चौबे के साथ घर की अन्य परिवार के सदस्य दहाड़ मारकर रोते देख सभी की आंखे भर आई। जवान को कंधा देने के लिए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजद रहे। कस्बा के व्यापारी अपनी दुकानें बंद करके जवान के शव यात्रा में शामिल रहे। बलुआ घाट पर सेना के जवानों ने गार्ड आफ आनर दी।
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