{"_id":"59b04d9c4f1c1bf87f8b4771","slug":"161504726428-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य कर्मचारियों का धरना...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य कर्मचारियों का धरना...
Updated Thu, 07 Sep 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
सभा किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौली। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले 18 सूत्री मांगों को लेकर राज्य कर्मचारियों ने बुधवार को विकास भवन के पास धरना दिया। सरकार पर कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार नहीं चेती तो बड़ा आंदोलन तय है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने का कई बार अनुरोध किया गया। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से इसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यहां तक की शासन और परिषद के बीच एक भी औपचारिक बैठक नहीं हो सकी। कर्मचारियों की समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। इससे राज्य कर्मचारियों में रोष है। सरकार द्वारा प्रदेश के विकास हेतु बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। लेकिन सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं को अमल में लाने वाले कर्मचारियों की जायज समस्याओं के निदान के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। कहा सरकार कर्मचारियोें की उपेक्षा कर रही है। निर्णय लिया कि दस सितंबर को परिषद के हाईकमान द्वारा समीक्षा के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार अगले आंदोलन की तैयारी की जाएगी। कर्मचारियों ने छठवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने, सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्तों का लाभ देने, 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों की जबर्दस्ती सेवानिवृत्ति पर रोक लगाने, सेवा की अधिकतम आयु 62 वर्ष करने की मांग दोहराते हुए एसडीएम को पत्रक सौंपा। इस अवसर पर ज्योतिनाथ दूबे, आनंद मिश्र, अजय यादव, सुनील मल्ल, रमाकांत यादव आदि रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा सरकार से कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर करने का कई बार अनुरोध किया गया। लेकिन कई माह बीत जाने के बाद भी शासन की ओर से इसपर कोई ध्यान नहीं दिया गया। यहां तक की शासन और परिषद के बीच एक भी औपचारिक बैठक नहीं हो सकी। कर्मचारियों की समस्याएं यथावत बनी हुई हैं। इससे राज्य कर्मचारियों में रोष है। सरकार द्वारा प्रदेश के विकास हेतु बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। लेकिन सरकार द्वारा बनाई गई योजनाओं को अमल में लाने वाले कर्मचारियों की जायज समस्याओं के निदान के लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है। कहा सरकार कर्मचारियोें की उपेक्षा कर रही है। निर्णय लिया कि दस सितंबर को परिषद के हाईकमान द्वारा समीक्षा के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा उसके अनुसार अगले आंदोलन की तैयारी की जाएगी। कर्मचारियों ने छठवें वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने, सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ प्रदान करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति भत्तों का लाभ देने, 50 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके कर्मचारियों की जबर्दस्ती सेवानिवृत्ति पर रोक लगाने, सेवा की अधिकतम आयु 62 वर्ष करने की मांग दोहराते हुए एसडीएम को पत्रक सौंपा। इस अवसर पर ज्योतिनाथ दूबे, आनंद मिश्र, अजय यादव, सुनील मल्ल, रमाकांत यादव आदि रहे।
विज्ञापन