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Chandauli News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.53 लाख मामलों का निपटारा
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चंदौली में आयोजित लोक अदालत में उपस्थित बैंककर्मी व अन्य। स्रोत:-जागरूक पाठक
चंदौली। जिले में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर कुल 1,53,287 वादों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालयों में 10,070, राजस्व न्यायालयों में 1,41,849 और बैंकों के 1,368 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंकों ने 9.29 करोड़ रुपये से अधिक की समझौता राशि तय की और 2.70 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकद वसूली की।
सदर तहसील सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने वर्चुअल किया। जनपद न्यायालयों में अलग-अलग न्यायालयों द्वारा कुल 10,070 मुकदमों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 63 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 4.39 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। स्थायी लोक अदालत में चार वादों के निस्तारण से 21.64 लाख रुपये की समझौता राशि तय हुई। परिवार न्यायालय में 46 वाद निपटाए गए और पांच दंपतियों को साथ भेजा गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में सर्वाधिक 4,578 वादों का निस्तारण हुआ। रेलवे के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 1,720, चकिया के सिविल जज न्यायालय में 1,018, अपर सिविल जज चकिया न्यायालय में 700 और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। न्यायालयों ने कुल 11,96,035 रुपये जुर्माना वसूल किया। वहीं, समझौते के माध्यम से 4,60,94,389 रुपये की राशि तय हुई। पांच सिविल वादों में 66,35,481 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
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इसी तरह जिले के विभिन्न बैंकों ने लोक अदालत में 1,368 ऋण खातों का निस्तारण किया। इनमें 9,29,34,500 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जबकि 2,70,30,500 रुपये की नकद वसूली हुई। इससे ऋण संबंधी विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता साफ हुआ।-- -- -- -- -- -- -- --
राजस्व न्यायालयों में सबसे ज्यादा मामलों का समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे ज्यादा मामलों का निस्तारण राजस्व न्यायालयों में हुआ। राजस्व न्यायालयों ने कुल 1,41,849 मामलों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित और सरल समाधान कराना है।
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ये अधिकारी उपस्थित रहे
राष्ट्रीय लोक अदालत में कार्यकारी जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय किरण पाल सिंह, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी रश्मि नंदा, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सूबेदार सिंह, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी विकास वर्मा समेत न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एसपी आकाश पटेल, अग्रणी जिला प्रबंधक आशीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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सदर तहसील सभागार में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ उच्च न्यायालय इलाहाबाद के प्रशासनिक न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने वर्चुअल किया। जनपद न्यायालयों में अलग-अलग न्यायालयों द्वारा कुल 10,070 मुकदमों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में 63 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्ष को 4.39 करोड़ रुपये का प्रतिकर दिलाया गया। स्थायी लोक अदालत में चार वादों के निस्तारण से 21.64 लाख रुपये की समझौता राशि तय हुई। परिवार न्यायालय में 46 वाद निपटाए गए और पांच दंपतियों को साथ भेजा गया।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में सर्वाधिक 4,578 वादों का निस्तारण हुआ। रेलवे के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में 1,720, चकिया के सिविल जज न्यायालय में 1,018, अपर सिविल जज चकिया न्यायालय में 700 और अन्य न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। न्यायालयों ने कुल 11,96,035 रुपये जुर्माना वसूल किया। वहीं, समझौते के माध्यम से 4,60,94,389 रुपये की राशि तय हुई। पांच सिविल वादों में 66,35,481 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए।
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इसी तरह जिले के विभिन्न बैंकों ने लोक अदालत में 1,368 ऋण खातों का निस्तारण किया। इनमें 9,29,34,500 रुपये की समझौता राशि तय की गई, जबकि 2,70,30,500 रुपये की नकद वसूली हुई। इससे ऋण संबंधी विवादों के त्वरित समाधान का रास्ता साफ हुआ।
राजस्व न्यायालयों में सबसे ज्यादा मामलों का समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत में सबसे ज्यादा मामलों का निस्तारण राजस्व न्यायालयों में हुआ। राजस्व न्यायालयों ने कुल 1,41,849 मामलों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव निकिता गौड़ ने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मामलों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित और सरल समाधान कराना है।
ये अधिकारी उपस्थित रहे
राष्ट्रीय लोक अदालत में कार्यकारी जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय किरण पाल सिंह, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी रश्मि नंदा, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष सूबेदार सिंह, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी विकास वर्मा समेत न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग, एसपी आकाश पटेल, अग्रणी जिला प्रबंधक आशीष मिश्रा आदि मौजूद रहे।