{"_id":"5b007d214f1c1bd5408b69b4","slug":"151526758689-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मांगों के समर्थन में अनिश्चित कालीन धरन पर जलनिगम कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मांगों के समर्थन में अनिश्चित कालीन धरन पर जलनिगम कर्मी
Updated Sun, 20 May 2018 01:12 AM IST
विज्ञापन
विरोध किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मुगलसराय। उत्तर प्रदेश जल निगम समन्वय समिति के बैनर तेल शनिवार को नगर स्थित जलनिगम के कार्यालय में कर्मचारी अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों ने चेताया कि इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
संगठन के जनपद इकाई के प्रवक्ता अबरार अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल निगम जन स्वास्थ्य संबंधित कार्य करने वाला महत्वपूर्ण विभाग है। शुद्ध पेय जल और स्वच्छता, स्वास्थ्य की मौलिक आवश्यकता है। कहा कि इसके बाद भी सरकार को जल निगम का महत्व समझ में नहीं आ रहा है। कहा कि संगठन की ओर से मांग की जा रही है कि जल निगम को सुदृढ़ करते हुए अन्य प्रदेशों की भांति शासकीय विभाग में परिवर्तित करना चाहिए। मांग की कि अमृत योजना जैसे प्रमुख कार्यो को अन्य संस्थाओं के बजाय जलनिगम से कराया जाए, एक्ट में प्रावधानो के अनुसार यूपी जल निगम अपना बजट बनाए, जलनिगम में भी अन्य संस्थानों के मुताबिक सप्तम वेतन लागू किया जाए। इस दौरान राजेश कुमार गुप्ता, केएस मिश्रा, रमेश सिंह, उपेंद्र गोंड, मनोरंजन सिंह, विनय पांडेय, रामनारायण गुप्ता, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
संगठन के जनपद इकाई के प्रवक्ता अबरार अहमद ने कहा कि उत्तर प्रदेश जल निगम जन स्वास्थ्य संबंधित कार्य करने वाला महत्वपूर्ण विभाग है। शुद्ध पेय जल और स्वच्छता, स्वास्थ्य की मौलिक आवश्यकता है। कहा कि इसके बाद भी सरकार को जल निगम का महत्व समझ में नहीं आ रहा है। कहा कि संगठन की ओर से मांग की जा रही है कि जल निगम को सुदृढ़ करते हुए अन्य प्रदेशों की भांति शासकीय विभाग में परिवर्तित करना चाहिए। मांग की कि अमृत योजना जैसे प्रमुख कार्यो को अन्य संस्थाओं के बजाय जलनिगम से कराया जाए, एक्ट में प्रावधानो के अनुसार यूपी जल निगम अपना बजट बनाए, जलनिगम में भी अन्य संस्थानों के मुताबिक सप्तम वेतन लागू किया जाए। इस दौरान राजेश कुमार गुप्ता, केएस मिश्रा, रमेश सिंह, उपेंद्र गोंड, मनोरंजन सिंह, विनय पांडेय, रामनारायण गुप्ता, विपिन सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन