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अंधेरे के आगोश में है अतिव्यस्त पडाव चौराहा
Updated Mon, 11 Dec 2017 12:41 AM IST
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पड़ाव। वाराणसी, रामनगर और मुग़लसराय को जोड़ने वाला पड़ाव चौराहे पर रात में पिछले कई माह से अंधेरा रह रहा है। चौराहे पर लाखों रुपये की लागत से लगाया गया हाईमास्ट लाइट पिछले दो माह खराब है। ऐसे में अति व्यस्त इस चौराहे पर रात में आवागमन करने वालों को परेशानी हो रही है। कई बार इसकी शिकायत भी की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या सात की शुरूआत पड़ाव से ही होती है। यही नहीं वाराणसी के एतिहासिक रामनगर किले के लिए भी यहीं से मार्ग जाता है। वहीं वाराणसी मुगलसराय को जोड़ने वाली कड़ी स्थानीय चौराहा है। दो वर्ष पहले पड़ाव चौराहे का सुंदरीकरण किया गया और यहां हाईमास्ट लाइट लगाई गई। इससे पूरा चौराहा रोशनी से जगमगाने लगा। पिछले दिनों पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर पार्क बनाने की योजना शुरू की गई। लेकिन विकास के अन्य कार्य तो अधर में लटक गए और हाईमास्ट लाइट भी पिछले दो माह से नहीं जल रही है। इससे शाम होते ही पूरा चौराहा अंधेरे के आगोश में समा जा रहा है। इस संबंध में यहां के राजकुमार, कन्हैया, गणेश, दीपू, जवाहिर, पप्पू, बजरंगी आदि ने बताया कि अगस्त माह में हाईमास्ट लाइट की मरम्मत की गई थी लेकिन दो माह के भीतर ही यह फिर से खराब हो गई। इसकी शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या सात की शुरूआत पड़ाव से ही होती है। यही नहीं वाराणसी के एतिहासिक रामनगर किले के लिए भी यहीं से मार्ग जाता है। वहीं वाराणसी मुगलसराय को जोड़ने वाली कड़ी स्थानीय चौराहा है। दो वर्ष पहले पड़ाव चौराहे का सुंदरीकरण किया गया और यहां हाईमास्ट लाइट लगाई गई। इससे पूरा चौराहा रोशनी से जगमगाने लगा। पिछले दिनों पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर पार्क बनाने की योजना शुरू की गई। लेकिन विकास के अन्य कार्य तो अधर में लटक गए और हाईमास्ट लाइट भी पिछले दो माह से नहीं जल रही है। इससे शाम होते ही पूरा चौराहा अंधेरे के आगोश में समा जा रहा है। इस संबंध में यहां के राजकुमार, कन्हैया, गणेश, दीपू, जवाहिर, पप्पू, बजरंगी आदि ने बताया कि अगस्त माह में हाईमास्ट लाइट की मरम्मत की गई थी लेकिन दो माह के भीतर ही यह फिर से खराब हो गई। इसकी शिकायत की गई लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
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