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गरीबों और निराश्रितों को मिला सरकारी कंबल
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चंदौली। जिला प्रशासन की ओर से शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कंबल वितरण का कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सदर, सकलडीहा, चकिया और मुगलसराय के गरीब, निराश्रितों और बुजुर्ग पुरुष महिलाओं में पशुधन राज्यमंत्री व जिले के प्रभारी जयप्रकाश निषाद ने कंबल का वितरण किया। उन्होंने गरीबोें को चिह्नित कर उनके घर पर लेखपालों के माध्यम से कंबल देने करा निर्देश दिया।
कंबल पाने के लिए जनपद के विभिन्न जगहों से आए लोगों की भीड़ शनिवार की सुबह ही कलेक्ट्रेट जमा होने लगी थी। कंबल देने के लिए लोगों को पहले ही टोकन जारी किया गया था। ज्यादा भीड़ होने पर आधे से ज्यादा लोगों को कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया। करीब एक बजे जिला प्रशासन की ओर से कंबल वितरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रभारी मंत्री एवं जिले के प्रभारी जयप्रकाश निषाद ने मंच के माध्यम से पांच लोगों को कंबल दिया और शेष परिसर में बैठे लोगों को तहसील कर्मियों के द्वारा कंबल दिया। इस दौरान जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक साधना सिंह, एडीएम बच्चालाल, अश्वनी दूबे, लक्ष्मी नारायन सिंह मुन्ना, ओसी जेएल सरोज, एसडीएम विकास कुमार, आनंद वर्धन, अभिषेक गोयल, तहसीलदार नुपूर सिंह, फूलचंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन की ओर शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में अधिक लोगों की भीड़ होने के कारण आधे से अधिक महिलाओं पुरुषों को मेन गेट पर ही रोक दिया गया। आश्वासन दिया गया कि परिसर के अंदर के लोगों को कंबल देने के बाद उन्हें भी कंबल दिया जाएगा। लेकिन शाम तक सभी गेट पर ही खड़े और सभी अधिकारी अपने वाहनों में बैठकर रवाना हो गए। जिससे सभी निराश होकर वापस लौट गए।
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सरकारी कंबल लेने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट के गेट पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। लेकिन परिसर में जगह कम होने के कारण आधे से अधिक लोगों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। जिससे बाहर खड़े पुरुष और महिलाएं बार बार अंदर जाने का प्रयास करती रही। जिन्हे रोकने के लिए तैनात पुलिस कर्मी पूरे दिन लोगों को समझाते रहे। एक बार तो गेट खुलते ही भीड़ अंदर घुसने लगी, लेकिन पुलिस और पीएसी के लोगों ने दोबारा उन्हें गेट के बाहर कर दिया।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में लगाए गए पोस्टर में जनपद के सकलडीहा विधायक प्रभुनारायन सिंह यादव का नाम नहीं था। जबकि सत्ता से जुडे़ अन्य तीनों विधायकों का नाम छपा था। इसे देखकर लोगों में चर्चा रही।
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कंबल पाने के लिए जनपद के विभिन्न जगहों से आए लोगों की भीड़ शनिवार की सुबह ही कलेक्ट्रेट जमा होने लगी थी। कंबल देने के लिए लोगों को पहले ही टोकन जारी किया गया था। ज्यादा भीड़ होने पर आधे से ज्यादा लोगों को कलेक्ट्रेट के बाहर ही रोक दिया। करीब एक बजे जिला प्रशासन की ओर से कंबल वितरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रभारी मंत्री एवं जिले के प्रभारी जयप्रकाश निषाद ने मंच के माध्यम से पांच लोगों को कंबल दिया और शेष परिसर में बैठे लोगों को तहसील कर्मियों के द्वारा कंबल दिया। इस दौरान जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक साधना सिंह, एडीएम बच्चालाल, अश्वनी दूबे, लक्ष्मी नारायन सिंह मुन्ना, ओसी जेएल सरोज, एसडीएम विकास कुमार, आनंद वर्धन, अभिषेक गोयल, तहसीलदार नुपूर सिंह, फूलचंद्र यादव आदि उपस्थित रहे।
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जिला प्रशासन की ओर शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में अधिक लोगों की भीड़ होने के कारण आधे से अधिक महिलाओं पुरुषों को मेन गेट पर ही रोक दिया गया। आश्वासन दिया गया कि परिसर के अंदर के लोगों को कंबल देने के बाद उन्हें भी कंबल दिया जाएगा। लेकिन शाम तक सभी गेट पर ही खड़े और सभी अधिकारी अपने वाहनों में बैठकर रवाना हो गए। जिससे सभी निराश होकर वापस लौट गए।
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सरकारी कंबल लेने के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट के गेट पर सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। लेकिन परिसर में जगह कम होने के कारण आधे से अधिक लोगों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया। जिससे बाहर खड़े पुरुष और महिलाएं बार बार अंदर जाने का प्रयास करती रही। जिन्हे रोकने के लिए तैनात पुलिस कर्मी पूरे दिन लोगों को समझाते रहे। एक बार तो गेट खुलते ही भीड़ अंदर घुसने लगी, लेकिन पुलिस और पीएसी के लोगों ने दोबारा उन्हें गेट के बाहर कर दिया।
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में लगाए गए पोस्टर में जनपद के सकलडीहा विधायक प्रभुनारायन सिंह यादव का नाम नहीं था। जबकि सत्ता से जुडे़ अन्य तीनों विधायकों का नाम छपा था। इसे देखकर लोगों में चर्चा रही।