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बीत गई मियाद, गड्ढामुक्त नहीं हो पाईं सड़कें
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पीडीडीयू नगर। जिले की सड़कों को दुरुस्त करने की मियाद बीत गई, लेकिन अब तक उन्हें गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका। सुगम आवागमन के लिए शासन और लोक निर्माण विभाग की ओर से तीन बार सड़कों को दुरुस्त करने की समय सीमा तय की गई, लेकिन सड़कों की मरम्मत का काम पूरा नहीं किया जा सका। जगह-जगह सड़कों पर बने गड्ढे दिख रहे हैं। कुछ सड़कों पर काम शुरू हुआ लेकिन धीमी गति के चलते वह भी अधूरा है। शासन को 22.73 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से अभी तक करीब छह करोड़ मिले हैं।
जिला मुख्यालय पर सितंबर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग को 15 अक्तूबर तक सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने शासन को 22.73 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। लेकिन समय पर धन नहीं मिलने के कारण मियाद को बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया। तब भी सड़कों को काम शुरू नहीं हो सका। इसके बाद फिर सड़क मरम्मत के काम की समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई। इस बीच कुछ धनराशि शासन से अवमुक्त हुई लेकिन विभागीय देरी से काम अवरुद्ध है। तीन चरणों में होने वाले सड़क मरम्मत में पहले और दूसरे चरण के लिए धन अब तक जारी ही नहीं हुआ। वहीं तीसरे चरण में कुछ धनराशि शासन से मिली है। उसी से सड़कों की मरम्मत शुरू की गई है।
इनसेट
बननी थीं जो प्रमुख सड़कें
जिले की कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढ़े बन गए थे। बनाई जाने वाली सड़कों में प्रमुख रूप से चंदौली-सकलडीहा, हिंगुतर-नादी-रामगढ़-गुरैरा, डेढ़ावल-धानापुर, मुगलसराय-भूपौली-चहनियां मार्ग, चंदौली-कैली, सैयदराजा-सोगाई, चकिया-इलिया, बबुरी-पंचवनिया आदि मार्ग शामिल हैं। जिसमें से मुगलसराय- चकिया मार्ग पर करीब डेढ़ किमी तक काम कराया गया है। जबकि सकलडीहा रोड पर भी कुछ पैचिंग की गई है। हालांकि अधिकतर काम अभी शुरू तक नहीं हुए हैं।
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इनसेट
पड़ाव-पंचफेड़वा मार्ग का भी कार्य नहीं हुआ शुरू
पीडब्ल्यूडी ने पड़ाव से पंचफेड़वा तक 11 किलोमीटर तक सड़क निर्माण की योजना बनाई है। लगभग चार करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क का टेंडर हो चुका है। बावजूद इसके साल बीत गया और कार्य शुरू नहीं हो सका है।
कोट-
सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने के लिए शासन से धन अवमुक्त होना शुरू हो गया है। कई सड़कों पर कार्य कराया भी गया है। जिन सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी है उन्हें फरवरी से कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। संजय कुमार गोरे, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी ।
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जिला मुख्यालय पर सितंबर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग को 15 अक्तूबर तक सड़कों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद पीडब्ल्यूडी ने शासन को 22.73 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया। लेकिन समय पर धन नहीं मिलने के कारण मियाद को बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया। तब भी सड़कों को काम शुरू नहीं हो सका। इसके बाद फिर सड़क मरम्मत के काम की समय सीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी गई। इस बीच कुछ धनराशि शासन से अवमुक्त हुई लेकिन विभागीय देरी से काम अवरुद्ध है। तीन चरणों में होने वाले सड़क मरम्मत में पहले और दूसरे चरण के लिए धन अब तक जारी ही नहीं हुआ। वहीं तीसरे चरण में कुछ धनराशि शासन से मिली है। उसी से सड़कों की मरम्मत शुरू की गई है।
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बननी थीं जो प्रमुख सड़कें
जिले की कई प्रमुख सड़कों पर गड्ढ़े बन गए थे। बनाई जाने वाली सड़कों में प्रमुख रूप से चंदौली-सकलडीहा, हिंगुतर-नादी-रामगढ़-गुरैरा, डेढ़ावल-धानापुर, मुगलसराय-भूपौली-चहनियां मार्ग, चंदौली-कैली, सैयदराजा-सोगाई, चकिया-इलिया, बबुरी-पंचवनिया आदि मार्ग शामिल हैं। जिसमें से मुगलसराय- चकिया मार्ग पर करीब डेढ़ किमी तक काम कराया गया है। जबकि सकलडीहा रोड पर भी कुछ पैचिंग की गई है। हालांकि अधिकतर काम अभी शुरू तक नहीं हुए हैं।
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पड़ाव-पंचफेड़वा मार्ग का भी कार्य नहीं हुआ शुरू
पीडब्ल्यूडी ने पड़ाव से पंचफेड़वा तक 11 किलोमीटर तक सड़क निर्माण की योजना बनाई है। लगभग चार करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क का टेंडर हो चुका है। बावजूद इसके साल बीत गया और कार्य शुरू नहीं हो सका है।
कोट-
सड़कों को गड्ढ़ामुक्त करने के लिए शासन से धन अवमुक्त होना शुरू हो गया है। कई सड़कों पर कार्य कराया भी गया है। जिन सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी है उन्हें फरवरी से कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा। संजय कुमार गोरे, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी ।