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मौसम परिर्वतन से अस्पताल में मरीजों की बढ़ी संख्या
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चंदौली। मौसम परिवर्तन से लोग तेजी से वायरल फीवर की चपेट में आ रहे हैं। मौसमी बुखार के साथ अस्थमा व गले का संक्रमण फैलने से भी लोग परेशान हैं। जिला अस्पताल में ऐसे रोगियों की तादाद बढ़ती जा रही है। गुरुवार को ओपीडी से लेकर वार्ड तक मरीजों की भीड़ लगी रही। चिकित्सकों की मानें तो दिन में तेज धूप व शाम को मौसम में ठंड बीमारी का कारण है।
मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज जुकाम, बुखार, डायरियां, मलेरिया से पीड़ित होकर ओपीडी में इलाज करा रहे है। चिकित्सकों की मानें तो असावधानी बीमारी का कारण बन रही है। असंयमित खान-पान व दिनचर्या की वजह से स्वस्थ इंसान भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यदि लोग ध्यान रखें तो बीमारियों से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. संजय कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बीमारियों के खतरे को देखते हुए लोगों को ठंडे तासीर वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। दही, फल, ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिक आदि के सेवन करने से बचें। पंखे का इस्तेमाल अभी न करें तो बेहतर होगा।
मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल में मौसम के बदलाव के कारण मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। प्रतिदिन लगभग एक हजार से अधिक मरीज जुकाम, बुखार, डायरियां, मलेरिया से पीड़ित होकर ओपीडी में इलाज करा रहे है। चिकित्सकों की मानें तो असावधानी बीमारी का कारण बन रही है। असंयमित खान-पान व दिनचर्या की वजह से स्वस्थ इंसान भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यदि लोग ध्यान रखें तो बीमारियों से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डा. संजय कुमार ने बताया कि बदलते मौसम में बीमारियों के खतरे को देखते हुए लोगों को ठंडे तासीर वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। दही, फल, ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिक आदि के सेवन करने से बचें। पंखे का इस्तेमाल अभी न करें तो बेहतर होगा।
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