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हंगामे के चलते कोटा बहाली की बैठक निरस्त
Updated Thu, 25 Jan 2018 01:28 AM IST
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इलिया। क्षेत्र के ईशापुर और जिगना गांव में बुधवार को कोटे की दुकान बहाली को लेकर खुली बैठक हंगामे की निरस्त हो गई। जिससे मौजूद अधिकारियों वापस लौटना पड़ा और कोटे की दुकान की बहाली को स्थगित कर दिया गया।
ईशापुर गांव में बुधवार की सुबह से ही काफी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर एकत्रित होने लगे थे। सेक्रेटरी अनिल पटेल व नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय भी मौके पर पहुंच गए। बैठक में प्रधान के अनुपस्थित होने पर ग्रामीण हो हल्ला मचाने लगे। गांव की कोटे की दुकान एक दशक से निरस्त है। जिसके लिए ग्रामीणों ने नई दुकान आवंटन हेतु कई बार प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन काफी इंतजार के बाद जब प्रधान बैठक में नहीं पहुंचे तो बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक मे नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय, सेकेट्री अनिल पटेल, मदन खरवार, संजय चौहान, रंगनाथ खरवार, सियाराम, अशोक यादव, गोरख यादव, बीपी खरवार, जियुत वनवासी, रमेश यादव, हंसलाल यादव, मनीष आदि मौजूद रहे।
दूसरी तरफ जिगना गांव में कोटे की दुकान बहाली के लिए होने वाला चुनाव एक बार फिर हंगामे के भेंट चढ़ गया। जिसके चलते अधिकारियों को चुनाव रद्द करना पड़ा। जिगना गांव की सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त है। छह माह पूर्व भी एडियो पंचायत और सेक्रेटरी की देखरेख हुई खुली बैठक हंगामा होने के वजह से रद्द कर दिया गया था। बुधवार को बैठक में भंटू यादव और पप्पू यादव ने प्रस्ताव दिया। लेकिन चुनाव होने से पहले ही ग्रामीणों ने धांधली करने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। जिसके कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। अधिकारियो ने एक फरवरी को पुन: चुनाव कराने की बात कह वापस लौट गए। इस मौके पर विजय बहादुर यादव, सुबोध यादव, श्लोक यादव, श्यामा यादव, बुल्लू यादव, मस्त राम, शिवबचन यादव, चंद्रहास यादव आदि मौजूद रहे।
ईशापुर गांव में बुधवार की सुबह से ही काफी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन पर एकत्रित होने लगे थे। सेक्रेटरी अनिल पटेल व नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय भी मौके पर पहुंच गए। बैठक में प्रधान के अनुपस्थित होने पर ग्रामीण हो हल्ला मचाने लगे। गांव की कोटे की दुकान एक दशक से निरस्त है। जिसके लिए ग्रामीणों ने नई दुकान आवंटन हेतु कई बार प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन काफी इंतजार के बाद जब प्रधान बैठक में नहीं पहुंचे तो बैठक को स्थगित कर दिया गया। बैठक मे नोडल अधिकारी शैलेंद्र कुमार राय, सेकेट्री अनिल पटेल, मदन खरवार, संजय चौहान, रंगनाथ खरवार, सियाराम, अशोक यादव, गोरख यादव, बीपी खरवार, जियुत वनवासी, रमेश यादव, हंसलाल यादव, मनीष आदि मौजूद रहे।
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दूसरी तरफ जिगना गांव में कोटे की दुकान बहाली के लिए होने वाला चुनाव एक बार फिर हंगामे के भेंट चढ़ गया। जिसके चलते अधिकारियों को चुनाव रद्द करना पड़ा। जिगना गांव की सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त है। छह माह पूर्व भी एडियो पंचायत और सेक्रेटरी की देखरेख हुई खुली बैठक हंगामा होने के वजह से रद्द कर दिया गया था। बुधवार को बैठक में भंटू यादव और पप्पू यादव ने प्रस्ताव दिया। लेकिन चुनाव होने से पहले ही ग्रामीणों ने धांधली करने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। जिसके कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया। अधिकारियो ने एक फरवरी को पुन: चुनाव कराने की बात कह वापस लौट गए। इस मौके पर विजय बहादुर यादव, सुबोध यादव, श्लोक यादव, श्यामा यादव, बुल्लू यादव, मस्त राम, शिवबचन यादव, चंद्रहास यादव आदि मौजूद रहे।
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