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आशाओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार को कोसा
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:17 AM IST
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चंदौली। राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और आशा केंद्रों की स्थापना की मांग करते हुए मुख्यालय पर आंदोलनरत आशा कार्यकर्ताओं का धरना बुधवार को भी जारी रहा। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार को कोसा कहा कि सरकार उनकी समस्याओं को ध्यान नहीं दे रही है। आशा बहुओं ने शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया। साथ ही कलेक्ट्रेट पहुंचकर एसडीएम को अपना मांगपत्र भी सौंपा।
आशाओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए सम्मानजनक मानदेय देने, आशा केंद्रों की स्थापना करने व सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की। कहा कि कार्यकर्ताएं अपनी समस्याएं शासन और प्रशासन तक पहुंचा चुकी हैं। लेकिन इसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके चलते तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सारे कार्य कराए जाते हैं। लेकिन नियमित मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है। यात्रा भत्ता आदि भी नहीं दिया जाता है। कहा कि ग्रामीण इलाके में आशा केंद्रों की व्यवस्था न होने से कार्य करने में परेशानी होती है। आशाओं ने शीघ्र ही समस्याओं के निराकरण की मांग की। इस अवसर पर सुमन, रेखा, सावित्री, उषा, निशा, गीता, संतरा, सरिता, शाहजहां आदि रहीं।
आशाओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देते हुए सम्मानजनक मानदेय देने, आशा केंद्रों की स्थापना करने व सामाजिक सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की। कहा कि कार्यकर्ताएं अपनी समस्याएं शासन और प्रशासन तक पहुंचा चुकी हैं। लेकिन इसे लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसके चलते तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि स्वास्थ्य विभाग से संबंधित सारे कार्य कराए जाते हैं। लेकिन नियमित मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता है। यात्रा भत्ता आदि भी नहीं दिया जाता है। कहा कि ग्रामीण इलाके में आशा केंद्रों की व्यवस्था न होने से कार्य करने में परेशानी होती है। आशाओं ने शीघ्र ही समस्याओं के निराकरण की मांग की। इस अवसर पर सुमन, रेखा, सावित्री, उषा, निशा, गीता, संतरा, सरिता, शाहजहां आदि रहीं।
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