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दुष्कर्म में दस वर्ष का कारावास
Updated Sat, 15 Dec 2018 12:48 AM IST
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चंदौली। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अरविंद कुमार यादव ने शुक्रवार को किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म के जुर्म में एक आरोपी को दस वर्ष कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया और अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीन माह अतिरिक्त सजा होगी।
मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी के साथ वर्ष 2006 में दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता के पिता ने गांव के ही युवक पर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी मुगलसराय के एक विद्यालय में परीक्षा देने जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने बीच रास्ते ही बालिका का अपहरण कर लिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर किशोरी को लेकर पूना चला गया। वहां से किशोरी को लेकर मुंबई चला गया और एक माह से अधिक समय तक किशोरी के साथ एक ही कमरे में मुंबई में रहा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद मामला अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद यादव के न्यायालय में पहुंचा। जज ने गवाहों की दलील सुनने व दोनों पक्ष व पुलिस की चार्ज शीट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय में वादी पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अशफाक अहमद ने मुकदमे की पैरवी की।
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मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी 14 वर्षीय किशोरी के साथ वर्ष 2006 में दुष्कर्म हुआ था। पीड़िता के पिता ने गांव के ही युवक पर आरोप लगाते हुए कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी मुगलसराय के एक विद्यालय में परीक्षा देने जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने बीच रास्ते ही बालिका का अपहरण कर लिया। इसके बाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर किशोरी को लेकर पूना चला गया। वहां से किशोरी को लेकर मुंबई चला गया और एक माह से अधिक समय तक किशोरी के साथ एक ही कमरे में मुंबई में रहा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद मामला अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद यादव के न्यायालय में पहुंचा। जज ने गवाहों की दलील सुनने व दोनों पक्ष व पुलिस की चार्ज शीट में प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अभियुक्त को दस वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। न्यायालय में वादी पक्ष की तरफ से अधिवक्ता अशफाक अहमद ने मुकदमे की पैरवी की।
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