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नक्सल प्रभावित इलाके में उन्नत खेती को बढ़ावा

Mon, 08 Oct 2018 12:52 AM IST
Updated Mon, 08 Oct 2018 12:52 AM IST
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नक्सल प्रभावित इलाके में उन्नत खेती को बढ़ावा

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नौगढ़। नक्सल प्रभावित इलाकों में उन्नत खेती को बढ़ावा देकर यहां के लोगों की किस्मत बदलने की तैयारी है। पहाड़ी इलाके में दलहन और मोटे अनाज के पैदावार से किसानों की आय बढ़ाया जाएगा। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र नई दिल्ली और कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू ने क्षेत्र के आठ गांवों को गोद लिया है। यहां के किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के गुर सिखाए जा रहे हैं। बीजों के उत्पादन का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिला कृषि विभाग की ओर से अभी कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी है।
पहाड़ी और वनीय इलाकों बहुत कम खेती होती थी। वनोपज पर ही आदिवासी, वनवासी आश्रित रहे हैं। अभावग्रस्त जीवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से क्षेत्र में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला। 20 नवंबर 2004 को हिनौत घाट विस्फोट कांड इसकी परिणीति रही। हालांकि इसके बाद से सरकार लगातार यहां के लोगों के जीवन में बदलाव लाने की कोशिश कर रही हैं। इसमें कृषि को बढ़ावा देना भी शामिल है। इसी क्रम में पिछले दिनों भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र नई दिल्ली और कृषि विज्ञान संस्थान बीएचयू ने इलाके के परसिया, शाहपुर, मझगवां, झरियवा, हड़ही, नउआनार, पथरौड़, धोबहीं, नोनवट गांव को गोद लिया है। किसानों को उन्नत खेती के प्रशिक्षण देने के लिए वरुण संस्थान का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके तहत इन गांवों में मक्का, अरहर, चना सहित मोटे अनाज की खेती के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। बीएचयू के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके सिंह, डॉ. एमडी सिंह, डॉ. आरके पड़रिया, डॉ.बंधोपाध्याय और वरुण संस्था के डॉक्टर एसपी सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से किसानों को नई तकनीकी खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही नहीं इलाके के लोगों को बीज उत्पादन के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अच्छे परिणाम भी आए हैं। चार माह पहले डीएम नवनीत चहल ने लौवारी गांव में आयोजित जनचौपाल में कृषि विभाग को यहां खेती के लिए पहल करने का निर्देश दिया था। इसके तहत लौवारी गांव के लौवारी कला, लौवारी खुर्द, लेड़हां, जमसोती, लतमरवा गांवों में उन्नत किस्म के बीज का वितरण किया गया था। हालांकि इसमें आगे कुछ नहीं हुआ है।
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नौगढ़। इलाके में धान और गेहूं जैसे परंपरागत फसलों की खेती के लिए किसानों को पानी उपलब्ध हो। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत क्षेत्र के छोटी छोटी बंधियों की मरम्मत की जाएगी और उसकी गहराई बढ़ाई जाएगी। एसडीओ बंधी बीके श्रीवास्तव ने बताया कि बंधियों की मरम्मत के लिए 61 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। अगर धन स्वीकृत हो गया तो नक्सल क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचेगा और धान गेहूं की फसल लहलहा सकेगी। इसके तहत नौगढ़ के 65 और चकिया व शहाबगंज की 30 बंधियों का कायाकल्प किया जाएगा।
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