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अस्पतालों में दुर्व्यवस्था देखकर डीएम बिफरे
Updated Sun, 23 Sep 2018 12:48 AM IST
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पीडीडीयू नगर। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रही लगातार लापरवाही पर जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल सख्त हो गए हैं। एक सप्ताह पहले कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में मिली खामी और कार्रवाई करने के बाद शनिवार को वह अचानक पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय और भोगवार स्थित सीएचसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने दोनों अस्पतालों में उपस्थिति रजिस्टर, महिला वार्ड, लेबर रूम, वैक्सिन रूम सहित विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और मरीजों में सही ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं न देने पर कर्मचारियों और चिकित्सकों को फटकार लगाई। दोनों जगह लापरवाही मिलने और अनुपस्थित दो चिकित्सकों और दो कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश सीएमओ को दिया।
डीएम नवनीत सिंह चहल शनिवार को सबसे पहले पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा। इसके बाद वैक्सिन कक्षा में मौजूद एएनएम को डीप फ्रीजर के बारे में जानकारी नहीं होने पर कड़ी फटकार लगाई। महिला चिकित्सक को हिदायत दी कि डिलीवर के 48 घंटे के बाद ही डिस्चार्ज करें। इससे पहले डिस्चार्ज करने की शिकायत पर महिला चिकित्सकों पर नाराजगी जताई। इसके बाद वार्डों, लेबर रूम, महिला विंग में चल रहे निर्माण कार्य को देखा। अल्ट्रासाउंड खराब होने पर उन्होंने सीएमओ को ठीक कराने या दूसरी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद डीएम भोगवार स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया जहां मरीजों की संख्या कम होने और एक्सरे रजिस्टर में छह सितंबर से अब तक का विवरण नहीं होने पर चिकित्सकों और कर्मचारियों पर नाराजगी जताई। डीएम ने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों व कर्मचारियों का महीने में जितनी उपस्थिति हो उतने का वेतन स्वीकृत किए जाए। दोनों अस्पतालों में दो चिकित्सक और दो कर्मचारियों का एक वेतन रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने सीएमओ को एक सप्ताह के अंदर निरीक्षण किए गए दोनों केंद्रों का निरीक्षण स्वयं कर आख्या से अवगत कराने का निर्देश दिया।
डीएम नवनीत सिंह चहल शनिवार को सबसे पहले पीडीडीयू नगर स्थित राजकीय महिला चिकित्सालय पहुंचे। वहां उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा। इसके बाद वैक्सिन कक्षा में मौजूद एएनएम को डीप फ्रीजर के बारे में जानकारी नहीं होने पर कड़ी फटकार लगाई। महिला चिकित्सक को हिदायत दी कि डिलीवर के 48 घंटे के बाद ही डिस्चार्ज करें। इससे पहले डिस्चार्ज करने की शिकायत पर महिला चिकित्सकों पर नाराजगी जताई। इसके बाद वार्डों, लेबर रूम, महिला विंग में चल रहे निर्माण कार्य को देखा। अल्ट्रासाउंड खराब होने पर उन्होंने सीएमओ को ठीक कराने या दूसरी व्यवस्था कराने के निर्देश दिए।
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इसके बाद डीएम भोगवार स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया जहां मरीजों की संख्या कम होने और एक्सरे रजिस्टर में छह सितंबर से अब तक का विवरण नहीं होने पर चिकित्सकों और कर्मचारियों पर नाराजगी जताई। डीएम ने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि सभी सीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों व कर्मचारियों का महीने में जितनी उपस्थिति हो उतने का वेतन स्वीकृत किए जाए। दोनों अस्पतालों में दो चिकित्सक और दो कर्मचारियों का एक वेतन रोकने का निर्देश दिया है। उन्होंने सीएमओ को एक सप्ताह के अंदर निरीक्षण किए गए दोनों केंद्रों का निरीक्षण स्वयं कर आख्या से अवगत कराने का निर्देश दिया।
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