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श्रमदान कर नदी बांधने से भी नहीं चला अदसड़ पंप कैनाल
Updated Mon, 18 Jun 2018 12:43 AM IST
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कंदवा। क्षेत्र में सिंचाई का एक मात्र साधन कर्मनाशा नदी पर बने पंप कैनाल पानी के अभाव नहीं चल पा रहे हैं। नदी पर स्थापित नौ पंप कैनालों के न चलने से पांच हजार से अधिक एकड़ में धान की नर्सरी नहीं डाली जा सकी है। इससे परेशान अदसड़ के किसानों ने श्रमदान कर नदी को बांध दिया लेकिन इसके बाद भी अदसड़ पंप कैनाल पूरी क्षमता से नहीं चल पाया। इससे किसान निराश हैं।
क्षेत्र में कर्मनाशा नदी के पानी से खेतों की सिंचाई होती है। वर्षों पर खेतों की सिंचाई के लिए अदसड़, मुड्डा, ककरैत, करौती, धनाइतपुर, रेरुआ़, नौबतपुर में 10 से 20 क्यूसेक क्षमता के पंप कैनाल स्थापित किए गए। इससे पांच हजार से अधिक एकड़ खेतों की सिंचाई होती है। हालांकि अदसड़ सहित विभिन्न स्थानों पर पचास क्यूसेक क्षमता के नए पंप कैनाल भी स्थापित किए जा रहे हैं। इस वर्ष मानसून की देरी की वजह से नदी सूखने के कगार पर है। पानी न होने से पंप कैनाल नहीं चल पा रहे हैं। इससे किसान निराश हैं। स्थिति यह है कि नौ पंप कैनालों पर आधारित गांवों में अब तक धान की नर्सरी भी नहीं डाली जा सकी है। कुछ किसानों ने नर्सरी डाली भी है तो पानी के अभाव में सूखने लगी है। चार दिन पहले अदसड़ के किसानों ने श्रमदान कर नदी को बांधने की शुरूआत की। मिट्टी का मेड़ बनाकर नदी को बांध तो दिया लेकिन इसके बाद भी नदी में इतना पानी नहीं हुआ जिससे पूरी क्षमता से अदसड़ पंप कैनाल चल सके। इसको लेकर किसानों में निराशा है। नदी को बांधने वालों में शामिल विक्रमा यादव, संजय सिंह, रमेश यादव, उमेश पांडेय आदि ने बताया कि यदि जल्द ही पानी नहीं मिला तो धान की नर्सरी बर्बाद हो जाएगी।
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