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पांच माह में 100 करोड़ का सर्राफा कारोबार हुआ प्रभावित
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पीडीडीयू नगर। कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से कभी लॉक डाउन तो कभी अनलॉक की वजह से पांच माह से दुकाने बंद रही। सामान्य दिनों में और लगन के दौरान प्रत्येक माह 18 से 20 करोड़ का व्यवसाय होता है। इस तरह पांच माह में लगभग 100 करोड़ के व्यवसाय को चपत लगी है। कारोबारियों के अब धनतेरस और दीवाली पर उम्मीद है कि बाजार में रौनक आएगी।
जिले में 400 से अधिक छोटी-बड़ी ज्वेलरी की दुकानें है। करीब पांच सौ छोटे-बड़े सराफा के कारोबारी है। मार्च के अंत में 21 दिन का लाकडाउन लागू हुआ तो कारोबारियों केे लगा कि लगन के पिक समय में दुकानें खुल जाएंगी मगर हालात और खराब होते गए। बाद में कोरोना संक्रमण काल में जिला प्रशासन की ओर से दुुकानों को खोलने की छूट तो दी गई है लेकिन ग्राहकों की कमी के चलते व्यापार मंदा हो गया है।
पीडीडीयू नगर के स्वर्णकार रमानंद सेठ ने कहा कि शादी विवाह की सीजन के निकल जाने के बाद अब सिर्फ धनतेरस पर ही बिक्री की उम्मीद है। सामान्य दिनों और लगन के समय जिलेभर में प्रत्येक महीने कम से कम 18-20 करोड़ का कारोबार होता था लेकिन दुकान का किराया देना मुश्किल हो गया है। अजय सोनी ने कहा कि कोरोना संक्रमण में बिगड़े हुए हालात ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। अगर यही हाल रहा तो छोटे शहरों के व्यापारियों का हाल और अधिक बुरा हो जाएगा। कमाने वाले घर लौट आए हैं, शादी विवाद पूरी तरह से बंद है। ऐसे में कारोबार भी ठप हो गया है। सैयदराजा के स्वर्ण व्यवसायी सोनल वर्मा ने कहा कि बाजार खुल गए है लेकिन खरीदार नहीं है। पिछले पांच महीने से सिर्फ खर्च हो रहा है जबकि आमदनी शून्य है। राहुल वर्मा ने कहा कि सीजन में व्यापार अच्छा होता है लेकिन कोरोना काल में लंबे समय तक व्यापार के उबरने की उम्मीद नहीं है। जिलेभर में कोरोना के चलते पांच महीने में तकरीबन सौ करोड़ का नुकसान हुुआ होगा।
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जिले में 400 से अधिक छोटी-बड़ी ज्वेलरी की दुकानें है। करीब पांच सौ छोटे-बड़े सराफा के कारोबारी है। मार्च के अंत में 21 दिन का लाकडाउन लागू हुआ तो कारोबारियों केे लगा कि लगन के पिक समय में दुकानें खुल जाएंगी मगर हालात और खराब होते गए। बाद में कोरोना संक्रमण काल में जिला प्रशासन की ओर से दुुकानों को खोलने की छूट तो दी गई है लेकिन ग्राहकों की कमी के चलते व्यापार मंदा हो गया है।
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पीडीडीयू नगर के स्वर्णकार रमानंद सेठ ने कहा कि शादी विवाह की सीजन के निकल जाने के बाद अब सिर्फ धनतेरस पर ही बिक्री की उम्मीद है। सामान्य दिनों और लगन के समय जिलेभर में प्रत्येक महीने कम से कम 18-20 करोड़ का कारोबार होता था लेकिन दुकान का किराया देना मुश्किल हो गया है। अजय सोनी ने कहा कि कोरोना संक्रमण में बिगड़े हुए हालात ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। अगर यही हाल रहा तो छोटे शहरों के व्यापारियों का हाल और अधिक बुरा हो जाएगा। कमाने वाले घर लौट आए हैं, शादी विवाद पूरी तरह से बंद है। ऐसे में कारोबार भी ठप हो गया है। सैयदराजा के स्वर्ण व्यवसायी सोनल वर्मा ने कहा कि बाजार खुल गए है लेकिन खरीदार नहीं है। पिछले पांच महीने से सिर्फ खर्च हो रहा है जबकि आमदनी शून्य है। राहुल वर्मा ने कहा कि सीजन में व्यापार अच्छा होता है लेकिन कोरोना काल में लंबे समय तक व्यापार के उबरने की उम्मीद नहीं है। जिलेभर में कोरोना के चलते पांच महीने में तकरीबन सौ करोड़ का नुकसान हुुआ होगा।
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