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Chandauli News: 100 बीघे वन भूमि पर 25 वर्षों से था अतिक्रमण, बुलडोजर चलाकर कराया ध्वस्त

Tue, 10 Feb 2026 01:36 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 01:36 AM IST
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100 bighas of forest land had been encroached upon for 25 years and was demolished using a bulldozer.
चकिया में वनभूमि पर रोपे गए फसल को हटाता जेसीबी। स्रोत:-जागरूक पाठक
-अतिक्रमणकारियों की फसलें नष्ट, वन-कर्मियों, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम की बड़ी कार्रवाई
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शिकारगंज। चंद्रप्रभा वन क्षेत्र में सोमवार को वन विभाग ने अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 100 बीघा (लगभग 25 हेक्टेयर) वन भूमि को कब्जे से मुक्त कराया। 25 वर्षों से जमीन पर कब्जा करके खेती की जा रही थी। इस जमीन पर 20 झोपड़ियां भी थीं। कार्रवाई के दौरान वन विभाग, पुलिस, पीएसी और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौजूद रही।
रेंजर अखिलेश दुबे और उपवन क्षेत्राधिकारी आनंद दुबे अपनी टीम के साथ जब मूसाखाड़ वन ब्लॉक, कंपार्टमेंट 16ए स्थित प्रभु नारायणपुर ग्राम पंचायत के कुंडा हेमैया इलाके में पहुंचा तो अतिक्रमणकारियों में भगदड़ मच गई। कई वर्षों से लगाई जा रही सरसों, तीसी और चने की फसलें बुलडोजर से तत्काल नष्ट करा दी गईं। टीम ने खेतों में बनी मड़ईंयों और अस्थायी झोपड़ों को भी ध्वस्त कराया। अतिक्रमणकारी लंबे समय से वनभूमि पर खेती कर रहे थे। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तरला-मुजफ्फरपुर और आसपास के क्षेत्र में कई लोगों ने वन भूमि पर कब्जा कर सैकड़ों बीघा क्षेत्र में खेती शुरू दी थी। कार्रवाई के दौरान चकिया व नौगढ़ तहसीलों के वनकर्मी, चकिया कोतवाली पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात रहे। विभाग ने संभावित विरोध की आशंका को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी। टीम ने क्षेत्र को घेराबंदी कर चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाया।
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जल्द शुरू होगा पौधरोपण अभियान



वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण हटने के बाद अब क्षेत्र में पौधरोपण अभियान चलाकर जंगल की प्राकृतिक संरचना को दोबारा विकसित किया जाएगा। आने वाले महीनों में यहां बड़ी संख्या में पौधे लगाकर क्षेत्र को फिर से हरा-भरा बनाया जाएगा।
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कोट--
100 बीघा वन भूमि अतिक्रमण से मुक्त की गई है। किसी भी कीमत पर वन भूमि पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। --अखिलेश दूबे, वन क्षेत्राधिकारी
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