फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   10-15 patients of food poisoning and dehydration are reaching the emergency daily

Chandauli News: इमरजेंसी में रोजाना पहुंच रहे फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन के 10-15 मरीज

Sun, 25 May 2025 12:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 May 2025 12:46 AM IST
विज्ञापन
10-15 patients of food poisoning and dehydration are reaching the emergency daily
चंदौली। इस समय शादी का सीजन चल रहा है। मौसम में परिवर्तन की वजह से पकवान जल्दी खराब हो जा रहे हैं। जिसको खाने से लोग बीमार हो रहे हैं। इससे कभी जिला अस्पताल की इमरजेंसी में 2-4 की संख्या में पहुंचने वाले फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़कर अब प्रतिदिन 10-15 की हो गई है। फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन के शिकार मरीजों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है।
विज्ञापन


पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन ओपीडी में इलाज के लिए करीब 1200 मरीज आते हैं। वही इमरजेंसी में भी 50 से ज्यादा मरीज आते हैं। इमरजेंसी में ज्यादातर गंभीर बीमारियों और दुर्घटनाओं में घायल मरीज ही आते हैं, लेकिन इस बार प्रतिदिन इमरजेंसी में 10 से 15 गंभीर मरीज डिहाइड्रेशन और फूड पॉइजनिंग से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर अस्पताल के सामान्य वार्ड में भर्ती करा रहे हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा उन्हीं लोगों की तबीयत खराब हो रही है, जो किसी कार्यक्रम में गए थे और वहां भोजन किए थे। डॉक्टरों के अनुसार इस समय लोगों को काफी सतर्क रहने की जरूरत है। चंदौली से सटे सोनभद्र जिले में हाल ही में इसी तरह का खाना खाने से 15 से ज्यादा लोग भर्ती हुए थे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी के मेडिकल अफसर डाॅ. संजय कुमार का कहना है कि इस मौसम में खानपान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना महत्वपूर्ण उपाय है। इसके अलावा ऐसे खाद्य पदार्थ भी खा सकते हैं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। ऐसे मौसम में जो लोग फूड पॉइजनिंग और डिहाइड्रेशन पीड़ित हो जाते हैं, उन्हें तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए। साथ ही सरकारी अस्पताल में पहुंचकर तत्काल इलाज शुरू कर देना चाहिए। ताकि मरीज को राहत मिल सके और परेशानी न बढ़े। पं. कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला चिकित्सालय के डाॅ. आरके वर्मा ने बताया कि फूड पॉइजनिंग खाद्य जनित बीमारी है। जिसमें लोग कुछ भी खाने या पीने से बीमार हो जाते हैं। इसके लक्षणों में पेट खराब होना, दस्त और उल्टी होना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed