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Bulandshahar News: निर्धारित समय के तीन महीने बाद भी टांडा स्टेडियम में काम अधूरे
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टांडा स्टेडियम में अधूरा पड़ा बैडमिंटन हॉल। संवाद
बुलंदशहर। टांडा स्टेडियम में निर्माण कार्य पूरा करने की तय अवधि मई 2026 को बीत चुकी है। तीन महीने बाद भी चारदीवारी और बैडमिंटन हॉल का काम अधूरा पड़ा है। करीब एक साल से चल रहे निर्माण के बावजूद खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव में प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है।
शासन ने टांडा व यमुनापुरम स्टेडियम के कायाकल्प को 8 करोड़ 41 लाख 55 हजार रुपये स्वीकृत किए। पहली किस्त के रूप में 4 करोड़ 20 लाख 77 हजार रुपये जारी हुए।
टांडा स्टेडियम में चारदीवारी, सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, जूडो हॉल, कुश्ती हॉल का निर्माण और बैडमिंटन हॉल का जीर्णोद्धार होना है। यमुनापुरम स्टेडियम में चहारदीवारी, बास्केटबाल कोर्ट, पवेलियन और प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार प्रस्तावित है।
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टांडा और यमुनापुरम स्टेडियम की चहारदीवारी, प्रशासनिक भवन और बैडमिंटन हॉल मई 2026 तक पूरे होने थे। सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, जूडो और कुश्ती हॉल का काम 2027 तक पूरा होना है।
चहारदीवारी नहीं होने से परिसर में बकरियां, आवारा कुत्ते और अनजान लोगों की आवाजाही बनी रहती है। खिलाड़ियों को रनिंग ट्रैक की सफाई खुद करनी पड़ रही है।
निर्माण संस्था यूपी सिडको के जेई ने बताया कि दूसरी किस्त के लिए जनवरी 2026 में मांग की गई थी। रकम जारी न होने से फंड की कमी हुई और काम की रफ्तार प्रभावित हुई। क्रीड़ाधिकारी नूर हसन ने बताया कि जारी रकम के इस्तेमाल की जांच के बाद ही दूसरी किस्त मिलती है।
संस्था ने अगस्त 2026 में पहली किस्त के खर्च का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट दिया है। इसके आधार पर दूसरी किस्त जारी करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
पहली किस्त की पूरी राशि इस्तेमाल होने के बाद भी मई 2026 तक चारदीवारी और बैडमिंटन हॉल का काम पूरा नहीं हो सका। जनवरी 2026 में दूसरी किस्त की मांग के बावजूद रकम जारी होने में देरी हुई। इससे सवाल उठ रहे हैं कि पहली किस्त खर्च होने पर भी तय अवधि में काम पूरे क्यों नहीं हुए। खिलाड़ियों को अभी भी पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
-8.41 करोड़ से होने हैं ये काम
-टांडा स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण
-जूडो हॉल का निर्माण
-कुश्ती हॉल का निर्माण
-चहारदीवारी का निर्माण
-बैडमिंटन हॉल का जीर्णोद्धार
-यमुनापुरम स्टेडियम में चहारदीवारी का जीर्णोद्धार
-पवेलियन और प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार
-बास्केटबाल कोर्ट का जीर्णोद्धार
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शासन ने टांडा व यमुनापुरम स्टेडियम के कायाकल्प को 8 करोड़ 41 लाख 55 हजार रुपये स्वीकृत किए। पहली किस्त के रूप में 4 करोड़ 20 लाख 77 हजार रुपये जारी हुए।
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टांडा स्टेडियम में चारदीवारी, सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, जूडो हॉल, कुश्ती हॉल का निर्माण और बैडमिंटन हॉल का जीर्णोद्धार होना है। यमुनापुरम स्टेडियम में चहारदीवारी, बास्केटबाल कोर्ट, पवेलियन और प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार प्रस्तावित है।
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टांडा और यमुनापुरम स्टेडियम की चहारदीवारी, प्रशासनिक भवन और बैडमिंटन हॉल मई 2026 तक पूरे होने थे। सिंथेटिक रनिंग ट्रैक, जूडो और कुश्ती हॉल का काम 2027 तक पूरा होना है।
चहारदीवारी नहीं होने से परिसर में बकरियां, आवारा कुत्ते और अनजान लोगों की आवाजाही बनी रहती है। खिलाड़ियों को रनिंग ट्रैक की सफाई खुद करनी पड़ रही है।
निर्माण संस्था यूपी सिडको के जेई ने बताया कि दूसरी किस्त के लिए जनवरी 2026 में मांग की गई थी। रकम जारी न होने से फंड की कमी हुई और काम की रफ्तार प्रभावित हुई। क्रीड़ाधिकारी नूर हसन ने बताया कि जारी रकम के इस्तेमाल की जांच के बाद ही दूसरी किस्त मिलती है।
संस्था ने अगस्त 2026 में पहली किस्त के खर्च का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट दिया है। इसके आधार पर दूसरी किस्त जारी करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
पहली किस्त की पूरी राशि इस्तेमाल होने के बाद भी मई 2026 तक चारदीवारी और बैडमिंटन हॉल का काम पूरा नहीं हो सका। जनवरी 2026 में दूसरी किस्त की मांग के बावजूद रकम जारी होने में देरी हुई। इससे सवाल उठ रहे हैं कि पहली किस्त खर्च होने पर भी तय अवधि में काम पूरे क्यों नहीं हुए। खिलाड़ियों को अभी भी पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
-8.41 करोड़ से होने हैं ये काम
-टांडा स्टेडियम में सिंथेटिक रनिंग ट्रैक का निर्माण
-जूडो हॉल का निर्माण
-कुश्ती हॉल का निर्माण
-चहारदीवारी का निर्माण
-बैडमिंटन हॉल का जीर्णोद्धार
-यमुनापुरम स्टेडियम में चहारदीवारी का जीर्णोद्धार
-पवेलियन और प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार
-बास्केटबाल कोर्ट का जीर्णोद्धार

टांडा स्टेडियम में अधूरा पड़ा बैडमिंटन हॉल। संवाद