{"_id":"5f624dc78ebc3e2eda1614e7","slug":"women-raised-their-voice-to-speedy-justice-bulandshahr-news-gbd2055450180","type":"story","status":"publish","title_hn":"त्वरित न्याय को महिलाओं ने बुलंद की आवाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
त्वरित न्याय को महिलाओं ने बुलंद की आवाज
विज्ञापन
सीमा सिंह।
- फोटो : BULANDSHAHR
त्वरित न्याय के लिए महिलाओं ने बुलंद की आवाज
बुलंदशहर। डिबाई क्षेत्र निवासी मासूम दुष्कर्म पीड़ित को त्वरित न्याय मिलने पर जनपद की महिलाओं ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि कानूनी रूप से इसी तरह महिलाओं के साथ अपराध करने वाले अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए।
जल्द से जल्द पुलिस चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करे और न्यायालय में भी जल्द सुनवाई के बाद निस्तारण किया जाए। इससे अपराधियों के बीच कानून का खौफ रहेगा, साथ ही समाज में महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करेंगी। यकीनन, महिला अपराधों में भी गिरावट देखने को मिलेगी। मामले में पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों व न्याय अधिकारियों की तारीफ की जा रही है। लोगों को इस तरह के निर्णय से एक आस भी बंधी है।
न्यायपालिका के द्वारा सुनाया गया यह फैसला ऐतिहासिक है। किसी भी दशा में अपराधियों को बख्शा नहीं जाता है, लेकिन प्रत्येक मामले में त्वरित न्याय की व्यवस्था को अपनाया जाना चाहिए। जिससे खासतौर पर महिला अपराधों पर रोक लग सकेगी। - ज्योति वर्मा, समाजसेवी
विज्ञापन
डिबाई प्रकरण में पुलिस व न्यायपालिका की कार्यप्रणाली सराहनीय है। इससे महिलाओं को सशक्त होने का बल मिलेगा। कानून और न्यायपालिका पर विश्वास और भी मजबूत होगा। इससे अपराधों में भी कमी आएगी। - लीना भाटी, समाजसेवी
पुलिस ने पूरे मामले में सराहनीय भूमिका निभाई है। मासूम के साथ हुई वारदात से उसके जीवन में पनपे अंधेरे को खत्म तो नहंी किया जा सकता। हां, लेकिन त्वरित न्याय उसके परिजनों को आत्मबल प्रदान करेगा। - अनीता राज, समाजसेवी
10 दिन में चार्जशीट फाइल करना और 50 दिन के ट्रायल में 24 तारीखों में पूरे प्रकरण को सुनना और आरोपी को दोषी करार देकर उसे सजा सुनाना, वाकई सराहनीय कार्य है। न्यायालय का यह फैसला ऐतिहासिक है। - अर्चना सिंह, प्रोफेसर
विज्ञापन
बुलंदशहर। डिबाई क्षेत्र निवासी मासूम दुष्कर्म पीड़ित को त्वरित न्याय मिलने पर जनपद की महिलाओं ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि कानूनी रूप से इसी तरह महिलाओं के साथ अपराध करने वाले अपराधियों को सजा मिलनी चाहिए।
जल्द से जल्द पुलिस चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करे और न्यायालय में भी जल्द सुनवाई के बाद निस्तारण किया जाए। इससे अपराधियों के बीच कानून का खौफ रहेगा, साथ ही समाज में महिलाएं भी सुरक्षित महसूस करेंगी। यकीनन, महिला अपराधों में भी गिरावट देखने को मिलेगी। मामले में पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले पुलिसकर्मियों व न्याय अधिकारियों की तारीफ की जा रही है। लोगों को इस तरह के निर्णय से एक आस भी बंधी है।
विज्ञापन
न्यायपालिका के द्वारा सुनाया गया यह फैसला ऐतिहासिक है। किसी भी दशा में अपराधियों को बख्शा नहीं जाता है, लेकिन प्रत्येक मामले में त्वरित न्याय की व्यवस्था को अपनाया जाना चाहिए। जिससे खासतौर पर महिला अपराधों पर रोक लग सकेगी। - ज्योति वर्मा, समाजसेवी
विज्ञापन
डिबाई प्रकरण में पुलिस व न्यायपालिका की कार्यप्रणाली सराहनीय है। इससे महिलाओं को सशक्त होने का बल मिलेगा। कानून और न्यायपालिका पर विश्वास और भी मजबूत होगा। इससे अपराधों में भी कमी आएगी। - लीना भाटी, समाजसेवी
पुलिस ने पूरे मामले में सराहनीय भूमिका निभाई है। मासूम के साथ हुई वारदात से उसके जीवन में पनपे अंधेरे को खत्म तो नहंी किया जा सकता। हां, लेकिन त्वरित न्याय उसके परिजनों को आत्मबल प्रदान करेगा। - अनीता राज, समाजसेवी
10 दिन में चार्जशीट फाइल करना और 50 दिन के ट्रायल में 24 तारीखों में पूरे प्रकरण को सुनना और आरोपी को दोषी करार देकर उसे सजा सुनाना, वाकई सराहनीय कार्य है। न्यायालय का यह फैसला ऐतिहासिक है। - अर्चना सिंह, प्रोफेसर