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Bulandshahar News: छोटे मंच से बदलाव की बड़ी इबारत लिख रहीं महिलाएं
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नवरात्र पर महिलाओं वाली खबर के लिए फोटो: युक्ति कौशिक।
बुलंदशहर/खुर्जा/सिकंदराबाद। समाज में बदलाव की शुरुआत हमेशा बड़े मंचों से नहीं होती। कई बार किसी जरूरतमंद बच्चे को पढ़ाने, किसी परेशान महिला की बात सुनने, बिखरते परिवार को संभालने या किसी महिला के हाथों को हुनरमंद बनाने से भी नई राह निकलती है। जिले में ऐसी ही महिलाएं समाज के बीच रहकर बदलाव की इबारत लिख रही हैं।
कोई निशुल्क काउंसिलिंग के जरिये परिवारों को जोड़ने में जुटी है तो कोई महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बना रही है। कुछ महिलाएं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इनके प्रयास बता रहे हैं कि सेवा का असली अर्थ केवल मदद करना नहीं, बल्कि लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का रास्ता दिखाना भी है।
निशुल्क काउंसिलिंग से टूटते परिवारों को जोड़ रहीं युक्ति
खुर्जा के राधाकृष्ण मोहल्ला निवासी युक्ति कौशिक पिछले 15 वर्षों से समाजसेवा कर रही हैं। वह घर-घर जाकर महिलाओं की निशुल्क काउंसिलिंग कर पारिवारिक विवाद सुलझाने और टूटते रिश्तों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। स्कूलों में छात्राओं और अभिभावकों के बीच समन्वय बनाने के लिए भी काउंसिलिंग करती हैं। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को आर्थिक सहायता भी दिलातीं हैं। खुर्जा, बुलंदशहर और सिकंदराबाद में प्रदर्शनियां लगाकर वह महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद कर रही हैं।
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हुनर सिखाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं डॉ. पूनम
खुर्जा की शांति कुंज कॉलोनी निवासी डॉ. पूनम सिंह महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। एनआरईसी डिग्री कॉलेज में प्राध्यापक रह चुकीं डॉ. पूनम वर्तमान में इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष हैं। वह सिलाई, कढ़ाई-बुनाई, ब्यूटीपार्लर, टेडी बियर निर्माण और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिलाकर हजरतपुर, अरनिया व नगला सहित आसपास के गांवों की 100 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर चुकी हैं। उन्होंने रमामूर्ति स्कूल में छात्राओं को सिलाई सिखाने के लिए केंद्र भी शुरू कराया है, ताकि महिलाएं हुनर के दम पर रोजगार हासिल कर सकें।
शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को भी निखार रहीं लक्ष्मी रानी
महिला जनजाति युवा विकास सेवा समिति की कोषाध्यक्ष लक्ष्मी रानी लंबे समय से समाजसेवा में जुटी हैं। वह महिलाओं को सिलाई, ब्यूटीशियन सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही रेलवे स्टेशन के निकट बस्ती और रमपुरा गांव के जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दे रही हैं। क्रिकेट खिलाड़ी रह चुकीं लक्ष्मी रानी बच्चों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देकर उनकी खेल प्रतिभा भी निखार रही हैं। उनका प्रयास है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी बच्चे की प्रतिभा पीछे न रह जाए।
सरकारी योजनाओं से महिलाओं को जोड़ रहीं ग्राम प्रधान मुस्कान
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के राजारामपुर गांव की ग्राम प्रधान मुस्कान देवी वर्ष 2021 से महिलाओं को जागरूक करने के लिए प्रयासरत हैं। वह महिलाओं को सुलभ शौचालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका प्रयास है कि जानकारी के अभाव में कोई भी महिला सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। वह महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने और गांव के विकास में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।
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कोई निशुल्क काउंसिलिंग के जरिये परिवारों को जोड़ने में जुटी है तो कोई महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बना रही है। कुछ महिलाएं बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और ग्रामीण महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। इनके प्रयास बता रहे हैं कि सेवा का असली अर्थ केवल मदद करना नहीं, बल्कि लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने का रास्ता दिखाना भी है।
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निशुल्क काउंसिलिंग से टूटते परिवारों को जोड़ रहीं युक्ति
खुर्जा के राधाकृष्ण मोहल्ला निवासी युक्ति कौशिक पिछले 15 वर्षों से समाजसेवा कर रही हैं। वह घर-घर जाकर महिलाओं की निशुल्क काउंसिलिंग कर पारिवारिक विवाद सुलझाने और टूटते रिश्तों को जोड़ने का प्रयास करती हैं। स्कूलों में छात्राओं और अभिभावकों के बीच समन्वय बनाने के लिए भी काउंसिलिंग करती हैं। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को आर्थिक सहायता भी दिलातीं हैं। खुर्जा, बुलंदशहर और सिकंदराबाद में प्रदर्शनियां लगाकर वह महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद कर रही हैं।
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हुनर सिखाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहीं डॉ. पूनम
खुर्जा की शांति कुंज कॉलोनी निवासी डॉ. पूनम सिंह महिलाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण दिलाकर आत्मनिर्भर बनाने में जुटी हैं। एनआरईसी डिग्री कॉलेज में प्राध्यापक रह चुकीं डॉ. पूनम वर्तमान में इनरव्हील क्लब की अध्यक्ष हैं। वह सिलाई, कढ़ाई-बुनाई, ब्यूटीपार्लर, टेडी बियर निर्माण और हस्तशिल्प का प्रशिक्षण दिलाकर हजरतपुर, अरनिया व नगला सहित आसपास के गांवों की 100 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद कर चुकी हैं। उन्होंने रमामूर्ति स्कूल में छात्राओं को सिलाई सिखाने के लिए केंद्र भी शुरू कराया है, ताकि महिलाएं हुनर के दम पर रोजगार हासिल कर सकें।
शिक्षा के साथ खेल प्रतिभाओं को भी निखार रहीं लक्ष्मी रानी
महिला जनजाति युवा विकास सेवा समिति की कोषाध्यक्ष लक्ष्मी रानी लंबे समय से समाजसेवा में जुटी हैं। वह महिलाओं को सिलाई, ब्यूटीशियन सहित विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण लेने के लिए प्रेरित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही हैं। साथ ही रेलवे स्टेशन के निकट बस्ती और रमपुरा गांव के जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दे रही हैं। क्रिकेट खिलाड़ी रह चुकीं लक्ष्मी रानी बच्चों को क्रिकेट का प्रशिक्षण देकर उनकी खेल प्रतिभा भी निखार रही हैं। उनका प्रयास है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी बच्चे की प्रतिभा पीछे न रह जाए।
सरकारी योजनाओं से महिलाओं को जोड़ रहीं ग्राम प्रधान मुस्कान
सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के राजारामपुर गांव की ग्राम प्रधान मुस्कान देवी वर्ष 2021 से महिलाओं को जागरूक करने के लिए प्रयासरत हैं। वह महिलाओं को सुलभ शौचालय, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर उनका लाभ उठाने के लिए प्रेरित करती हैं। उनका प्रयास है कि जानकारी के अभाव में कोई भी महिला सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। वह महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनने और गांव के विकास में भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

नवरात्र पर महिलाओं वाली खबर के लिए फोटो: युक्ति कौशिक।

नवरात्र पर महिलाओं वाली खबर के लिए फोटो: युक्ति कौशिक।

नवरात्र पर महिलाओं वाली खबर के लिए फोटो: युक्ति कौशिक।