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Bulandshahar News: जानलेवा हमले की दोषी महिला को तीन वर्ष की कैद
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बुलंदशहर। शिकारपुर कोतवाली क्षेत्र में दंपती और उनके पुत्र पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी महिला विमला सैनी को एडीजे तृतीय शिवानंद के न्यायालय ने दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे तीन वर्ष का कारावास व 40 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया है। प्रकरण के दो दोषियों यानि महिला के पति व पुत्र को वारदात के करीब एक वर्ष बाद ही न्यायालय से सात-सात वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है।
वादी मुकदमा भूदेव निवासी मोहल्ला चौक गली महल, निकट काली मंदिर शिकारपुर ने थाने पर 16 अप्रैल 2007 को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र देवेंद्र से पड़ोसी सुम्मेरा के पुत्र रवि ने शिवरात्रि पर सौ रुपये उधार लिए थे। कई बार मांगने पर भी रवि व उसके परिजन रुपये नहीं लौटा रहे थे।
16 अप्रैल की सुबह जब सभी परिजन खेतों पर गेहूं काटने गए हुए थे, तभी रवि उनके घर आया और उनकी पुत्री ऊषा को तमंचा दिखाकर धमकी दी कि आज उसके भाई को नहीं छोड़ेगा। इसके बाद रात आठ बजे जब पीड़ित अपनी पत्नी शकुंतला व पुत्र अनिल के साथ खेत से लौट रहे थे, तब रास्ते में झाड़ीपत मंदिर के पास आरोपी रवि और उसके पिता सुम्मेरा व उसकी पत्नी विमला सैनी ने रास्ते में अभद्रता की। साथ ही वादी पर जान से मारने के इरादे से रवि ने फायर कर दिया। जिसमें वह बच गए।
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आरोपी विमला सैनी और सुम्मेरा ने चाकू और सूएं से उनकी पत्नी शकुंतला और पुत्र अनिल पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। वर्ष 2008 में न्यायालय ने अभियुक्त सुम्मेरा और उसके पुत्र रवि को सात-सात वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार का अर्थदंड सुनाया था। विमला की पत्रावली पृथक कर दी गई थी, जिस पर सजा सुनाई है।
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वादी मुकदमा भूदेव निवासी मोहल्ला चौक गली महल, निकट काली मंदिर शिकारपुर ने थाने पर 16 अप्रैल 2007 को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र देवेंद्र से पड़ोसी सुम्मेरा के पुत्र रवि ने शिवरात्रि पर सौ रुपये उधार लिए थे। कई बार मांगने पर भी रवि व उसके परिजन रुपये नहीं लौटा रहे थे।
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16 अप्रैल की सुबह जब सभी परिजन खेतों पर गेहूं काटने गए हुए थे, तभी रवि उनके घर आया और उनकी पुत्री ऊषा को तमंचा दिखाकर धमकी दी कि आज उसके भाई को नहीं छोड़ेगा। इसके बाद रात आठ बजे जब पीड़ित अपनी पत्नी शकुंतला व पुत्र अनिल के साथ खेत से लौट रहे थे, तब रास्ते में झाड़ीपत मंदिर के पास आरोपी रवि और उसके पिता सुम्मेरा व उसकी पत्नी विमला सैनी ने रास्ते में अभद्रता की। साथ ही वादी पर जान से मारने के इरादे से रवि ने फायर कर दिया। जिसमें वह बच गए।
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आरोपी विमला सैनी और सुम्मेरा ने चाकू और सूएं से उनकी पत्नी शकुंतला और पुत्र अनिल पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। वर्ष 2008 में न्यायालय ने अभियुक्त सुम्मेरा और उसके पुत्र रवि को सात-सात वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार का अर्थदंड सुनाया था। विमला की पत्रावली पृथक कर दी गई थी, जिस पर सजा सुनाई है।