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ग्लोबल वार्मिंग के चलते इस बार सर्दी कभी गर्मी
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Wed, 30 Dec 2015 11:43 PM IST
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सर्दी का मौसम होने के बावजूद बुधवार को दूसरे दिन भी लोगों को ज्यादा तापमान का सामना करना पड़ेगा। ग्लोबल वार्मिंग के चलते सर्दी के मौसम में कभी-कभी गर्मी का भी अहसास हाेने लग रहा है।
दिसंबर खत्म होने के बावजूद सर्दी अपने रूप में नहीं आ रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के लेट होने से भी मौसम डिस्टर्ब है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
दिसंबर में मौसम के तेवरों से सभी हैरान हैं। गर्म कपड़ों में लिपटने की बजाय लोगों को मार्च की तरह रहना पड़ रहा है। रात में भी सर्दी कम हो गई है। कोहरे और पाले का कहीं पता नहीं है।
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बुधवार को हवा थम जाने के चलते ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ा, इससे लोगों को दिनभर पसीना-पसीना होना पड़ा। मौसम एवं पर्यावरण वैज्ञानिक डा. एके अहलूवालिया के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग केचलते मौसम डिस्टर्ब है।
साल दर साल इसमें उथल-पुथल बढ़ती जाएगी। प्रदूषण बढ़ने और हरियाली-तालाब कम होने से मौसम अपने रूटीन में नहीं आ रहे हैं। इसका असर फसलों की पैदावार, फलों के विकास और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
जनवरी के पहले सप्ताह में भी तापमान में गिरावट होने वाली नहीं है। दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी।
2013 में 30 दिसंबर को तापमान 05 /17 डिग्री सेल्सियस और 2014 में 06 / 16 डिग्री सेल्सियस रहा था। इस बार तापमान 09/25 डिग्री सेल्सियस है।
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दिसंबर खत्म होने के बावजूद सर्दी अपने रूप में नहीं आ रही है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के लेट होने से भी मौसम डिस्टर्ब है। जनवरी के दूसरे सप्ताह में तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।
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दिसंबर में मौसम के तेवरों से सभी हैरान हैं। गर्म कपड़ों में लिपटने की बजाय लोगों को मार्च की तरह रहना पड़ रहा है। रात में भी सर्दी कम हो गई है। कोहरे और पाले का कहीं पता नहीं है।
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बुधवार को हवा थम जाने के चलते ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ा, इससे लोगों को दिनभर पसीना-पसीना होना पड़ा। मौसम एवं पर्यावरण वैज्ञानिक डा. एके अहलूवालिया के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग केचलते मौसम डिस्टर्ब है।
साल दर साल इसमें उथल-पुथल बढ़ती जाएगी। प्रदूषण बढ़ने और हरियाली-तालाब कम होने से मौसम अपने रूटीन में नहीं आ रहे हैं। इसका असर फसलों की पैदावार, फलों के विकास और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।
जनवरी के पहले सप्ताह में भी तापमान में गिरावट होने वाली नहीं है। दूसरे सप्ताह में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। इसके बाद तापमान में गिरावट आएगी।
2013 में 30 दिसंबर को तापमान 05 /17 डिग्री सेल्सियस और 2014 में 06 / 16 डिग्री सेल्सियस रहा था। इस बार तापमान 09/25 डिग्री सेल्सियस है।