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पारा 40 पार, एक ही दिन में डायरिया-बुखार के 53 मरीज भर्ती
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पारा 40 पार, एक ही दिन में डायरिया-बुखार के 53 मरीज भर्ती
बुलंदशहर। तापमान बढ़ने से डायरिया और बुखार का प्रकोप शुरू हो गया है। इसके चलते जिला अस्पताल में प्रतिदिन मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं, हीट स्ट्रोक की समस्या लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 965 मरीजों ने परामर्श लिया तो डायरिया और बुखार समेत 53 मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। उधर, मरीजों की संख्या बढ़ती देख थोड़ी राहत मिलने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है।
बदलता मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। एक तरफ गर्मी और मच्छरों का प्रकोप तो दूसरी ओर दूषित पानी व बासी खाने का सेवन लोगों को बीमार बना रहा है। मौसम में आए बदलाव के कारण अस्पतालों में डायरिया और बुखार के मरीज बढ़ने लगे है। साथ ही हीट स्ट्रोक की समस्या लेकर भी मरीज आ रहे हैं। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस मापा गया। तेज धूप और गर्मी होने के दौरान लोगों द्वारा लापरवाही बरतने से बीमारियां भी बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में होने वाली बीमारियां गंदा पानी पीने, दूषित भोजन करने और बाजारों में खुले में रखे कटे हुए फलों और जूस का सेवन करने से पाचन क्रिया प्रभावित हो रही है।
ओपीडी में बुखार, डायरिया के 338 मरीजों ने लिया परामर्श
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 965 मरीजों ने पंजीकरण करा परामर्श लिया। इसमें 338 मरीज डायरिया और बुखार से पीड़ित थे, तो 15 के करीब मरीज हीट स्ट्रोक की समस्या और शेष मरीज एलर्जी, नाक-कान, आंख, दांत, आर्थोपेडिक व अन्य समस्याओं को लेकर पहुंचे। वहीं, बुधवार दोपहर तक 53 नए मरीज बुखार और डायरिया समेत अन्य बीमारियों के भर्ती किए गए।
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ये बरतें सावधानी
- धूप में घर से बाहर निकलने से बचें, बहुत जरूरी होने पर छाते का सहारा लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। डायरिया जैसी स्थिति होने पर ओआरएस का प्रयोग करें।
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें, पानी को उबालकर छानकर ठंडा करने के बाद सेवन करें।
- कटे हुए फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थों के खाने से परहेज करें।
- डायरिया के लक्षण लगने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाकर दवा का सेवन लें।
- डायरिया से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- बासी खाने से परहेज करें और ताजा व गर्म खाना खाएं।
बोले मरीज =
धूप में करनी पड़ती है मजदूरी
मजदूरी करने के कारण धूप में बाहर निकलना पड़ जाता है। गर्मी के कारण शरीर में कमजोरी महसूस करने पर चिकित्सकों को दिखाने के लिए आया हूं।
- रोहित कुमार
दो दिन से है बुखार
पिछले दो दिन से बुखार से परेशान हूं, जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक द्वारा दवा लिखकर दी गई है।
- सतीश कुमार
शरीर में पानी की कमी न होने दें
गर्मी के बढ़ते ही डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या अब ओपीडी में ज्यादा हो गई है। डायरिया से पीड़ित मरीजों में अधिक कमजोरी व चलने में असमर्थ मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस समय शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। खानपान पर विशेष ध्यान दें और तला-भुना खाने से बचें।
- डॉ. एमपी सिंह, प्रभारी सीएमएस
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बुलंदशहर। तापमान बढ़ने से डायरिया और बुखार का प्रकोप शुरू हो गया है। इसके चलते जिला अस्पताल में प्रतिदिन मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं, हीट स्ट्रोक की समस्या लेकर भी मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 965 मरीजों ने परामर्श लिया तो डायरिया और बुखार समेत 53 मरीजों को वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। उधर, मरीजों की संख्या बढ़ती देख थोड़ी राहत मिलने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जा रहा है।
बदलता मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है। एक तरफ गर्मी और मच्छरों का प्रकोप तो दूसरी ओर दूषित पानी व बासी खाने का सेवन लोगों को बीमार बना रहा है। मौसम में आए बदलाव के कारण अस्पतालों में डायरिया और बुखार के मरीज बढ़ने लगे है। साथ ही हीट स्ट्रोक की समस्या लेकर भी मरीज आ रहे हैं। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस मापा गया। तेज धूप और गर्मी होने के दौरान लोगों द्वारा लापरवाही बरतने से बीमारियां भी बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में होने वाली बीमारियां गंदा पानी पीने, दूषित भोजन करने और बाजारों में खुले में रखे कटे हुए फलों और जूस का सेवन करने से पाचन क्रिया प्रभावित हो रही है।
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ओपीडी में बुखार, डायरिया के 338 मरीजों ने लिया परामर्श
बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 965 मरीजों ने पंजीकरण करा परामर्श लिया। इसमें 338 मरीज डायरिया और बुखार से पीड़ित थे, तो 15 के करीब मरीज हीट स्ट्रोक की समस्या और शेष मरीज एलर्जी, नाक-कान, आंख, दांत, आर्थोपेडिक व अन्य समस्याओं को लेकर पहुंचे। वहीं, बुधवार दोपहर तक 53 नए मरीज बुखार और डायरिया समेत अन्य बीमारियों के भर्ती किए गए।
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ये बरतें सावधानी
- धूप में घर से बाहर निकलने से बचें, बहुत जरूरी होने पर छाते का सहारा लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। डायरिया जैसी स्थिति होने पर ओआरएस का प्रयोग करें।
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें, पानी को उबालकर छानकर ठंडा करने के बाद सेवन करें।
- कटे हुए फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थों के खाने से परहेज करें।
- डायरिया के लक्षण लगने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाकर दवा का सेवन लें।
- डायरिया से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें।
- बासी खाने से परहेज करें और ताजा व गर्म खाना खाएं।
बोले मरीज =
धूप में करनी पड़ती है मजदूरी
मजदूरी करने के कारण धूप में बाहर निकलना पड़ जाता है। गर्मी के कारण शरीर में कमजोरी महसूस करने पर चिकित्सकों को दिखाने के लिए आया हूं।
- रोहित कुमार
दो दिन से है बुखार
पिछले दो दिन से बुखार से परेशान हूं, जिला अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया। चिकित्सक द्वारा दवा लिखकर दी गई है।
- सतीश कुमार
शरीर में पानी की कमी न होने दें
गर्मी के बढ़ते ही डायरिया और बुखार के मरीजों की संख्या अब ओपीडी में ज्यादा हो गई है। डायरिया से पीड़ित मरीजों में अधिक कमजोरी व चलने में असमर्थ मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। इस समय शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। खानपान पर विशेष ध्यान दें और तला-भुना खाने से बचें।
- डॉ. एमपी सिंह, प्रभारी सीएमएस