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वेव शुगर मिल होगी चालू
शाहनवाज चौधरी, बुलंदशहर
Updated Sun, 18 Jun 2017 12:15 AM IST
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शुगर मिल
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60 हजार गन्ना किसान परिवारों के लिए राहत की खबर यह है कि वेव शुगर मिल का बॉयलर एक बार फिर से गर्म होगा। एनजीटी का हवाला देते हुए जिस वेव शुगर मिल को वर्ष-2014 में बंद कर दिया गया था, उसका चलने का समय अब आ गया है। मिल बंदी से 60 हजार किसान परिवारों के सामने गन्ना बेचने का संकट खड़ा हो गया था। इस संबंध में गन्ना विभाग ने शासन को रिपोर्ट भेजी है।
बसपा शासन काल में महज 29 करोड़ रुपये में वेव शुगर मिल को पोंटी चड्ढा के वेव ग्रुप को बेच दिया गया था। जिस समय मिल को वेव ग्रुप के हैंडओवर किया गया, उस समय मिल में आठ करोड़ रुपये की चीनी का स्टॉक था। मिल में दो करोड़ रुपये से अधिक कीमत की खराब मशीनरी (लोहा पीतल आदि) भी मौजूद थी।
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महज सात साल में 29 करोड़ रुपये की चीनी मिल की कीमत अब 1000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है। गन्ना विभाग द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एनजीटी के आदेश का हवाला देते हुए वेव शुगर मिल को वर्ष-2014 में पेराई सत्र के दौरान अचानक बंद कर दिया गया।
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वेव शुगर मिल में मेंटीनेंन के नाम पर कुछ भी खर्च नहीं किया गया। जब तक मिल चलाई वेव ग्रुप ने मुनाफा कमाया। जब मिल की मशीनरी में मेंटीनेंस की मांग बढ़ने लगी लगी तो मिल प्रबंधन ने हाथ टाइट कर लिया। बकौल, गन्ना अधिकारी एनजीटी ने मानक पूरा करने के बाद प्रबंधन को वेव शुगर मिल चलाने का आदेश दिया था। प्रबंधन ने मानक पूरे नहीं किए तो प्रशासन ने मिल का संचालन रोक दिया।
वेब शुगर मिल बिक्री और बंदी के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच के बाद रिपोर्ट भेज दी गई है। वेव शुगर मिल फिर से चालू होगी। हालांकि इसपर निर्णय शासन स्तर से ही लिया जाएगा। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
मुख्यमंत्री से मिल बंदी और बिक्री की शिकायत की थी। मिल को 100 फीसदी चलवाया जाएगा। हमारी शिकायत के क्रम में भी गन्ना विभाग ने रिपोर्ट भेजी है। - वीरेंद्र सिंह सिरोही, सदर विधायक भाजपा