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सफाई के नाम पर ड्रामा कर तीन नहरों में छोड़ा पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 26 Jun 2017 11:54 PM IST
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- फोटो : demo pic
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सिंचाई विभाग में 50 करोड़ के घपले का कारनामा अखबारों की सुर्खियां बना तो हड़कंप मच गया। विभाग के आला अधिकारी अब करोड़ों के सफाई कार्य के साक्ष्य मांग रहे हैं तो घपला करने वाले मामले को दबाने का रास्ता तलाश रहे हैं। ऐसे में घपले को छिपाने के लिए सोमवार को कुछ जगह सफाई का ड्रामा कर पानी छोड़ दिया गया।
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घपले की शिकायत अब डीएम-कमिश्नर से लेकर लखनऊ तक पहुंच गई है। ऐसे में करोड़ों का घपला करने वाले जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। जिले में नहरों-रजवाहों की साफ-सफाई के नाम पर सिंचाई विभाग के अफसरों ने 50 करोड़ रुपये का बंदरबांट कर लिया था। नहरों-रजवाहों की सफाई नहीं कराई गई और 50 करोड़ खर्च कर इनको फाइलों में साफ दिखा दिया गया।
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इसका समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग में खलबली मच गई। सोमवार शाम बुलंदशहर रजवाहे, गाजियाबद डासना रजवाहे और देहरा रजवाहे में पानी छोड़ने से पहले सफाई के नाम पर कुछ स्थानों पर ड्रामा किया गया। जबकि कई नहरों और रजवाहों में सोमवार को पानी नहीं छोड़ा गया।
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वहीं खंड 10 के अंतर्गत लखावटी ब्रांच में 9.5 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। इससे कच्चा काम, गेटों पर पेंट, पुलों की मरम्मत, नहरों की साफ-सफाई आदि का काम किया जाना था। बजट जारी होते ही अफसरों ने ठेकेदारों से मिलकर इसको डकारना शुरू कर दिया। नहरों की सफाई, रेसिंग, नहर की मरम्मत, सर्विस रोड की ड्रेसिंग इस्टीमेट के हिसाब से काम नहीं किया गया।
ठेकेदारों ने लाखों रुपये की मिट्टी अवैध रूप से बेच दी। सारा काम वर्क ऑर्डर से ही करा दिया गया। अधीक्षण अभियंता ने अब एक्सईएन से कराए गए करोड़ों के विकास कार्यों के साक्ष्य मांगे हैं, पर अभी तक एसई को स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जा सका है।