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Bulandshahar News: राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के आदेश का पालन न करने पर बीकेडीए सचिव को वारंट
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बुलंदशहर। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के आदेशों का पालन न करने के मामले में बीकेडीए सचिव के खिलाफ उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ने वारंट जारी किया है। साथ ही एसएसपी को आदेश दिए कि संबंधित अधिकारी 30 जुलाई को आयोग के समक्ष पेश किया जाए।
जिला उपभोक्ता आयोग के जनसंपर्क अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि सिविल लाइन निवासी अनिल कुमार ने वर्ष 1993 में उपभोक्ता आयोग के समक्ष वाद दायर किया था। अनिल कुमार ने मांग की थी कि उन्हें धनराशि जमा करने के बाद भी दुर्बल आय वर्ग के तहत उन्हें एक मकान संख्या सी-182 को आवंटित नहीं किया गया है। ऐसे में पीड़ित को मकान दिलाते हुए क्षतिपूर्ति भी दिलाई जाए। इसके चलते आयोग की ओर से छह मई 2002 को अनिल कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीकेडीए अधिकारियों को 60 दिन के अंदर मकान देने व 500 रुपये वाद व्यय देने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ प्राधिकरण की ओर से पहले राज्य आयोग में अपील की थी। बाद में यह प्रकरण राष्ट्रीय आयोग के समक्ष पहुंचा था। इस दौरान राष्ट्रीय आयोग ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि जमा धनराशि पर 12 फीसदी की दर से ब्याज के साथ वापस किया जाए और 10 हजार रुपये वाद व्यय के तौर पर दिए जाएं। इसके बाद भी प्राधिकरण की ओर से केवल 15,100 रुपये का भुगतान अनिल कुमार को किया गया था। इसके चलते पीड़ित ने शेष धनराशि दिलाने की मांग करते हुए वाद दायर किया था। अब जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी ने बीकेडीए सचिव या संपत्ति इंचार्ज अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही एसएसपी को वारंट जारी करते हुए 30 जुलाई को पेश करने के आदेश दिए हैं।
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जिला उपभोक्ता आयोग के जनसंपर्क अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि सिविल लाइन निवासी अनिल कुमार ने वर्ष 1993 में उपभोक्ता आयोग के समक्ष वाद दायर किया था। अनिल कुमार ने मांग की थी कि उन्हें धनराशि जमा करने के बाद भी दुर्बल आय वर्ग के तहत उन्हें एक मकान संख्या सी-182 को आवंटित नहीं किया गया है। ऐसे में पीड़ित को मकान दिलाते हुए क्षतिपूर्ति भी दिलाई जाए। इसके चलते आयोग की ओर से छह मई 2002 को अनिल कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीकेडीए अधिकारियों को 60 दिन के अंदर मकान देने व 500 रुपये वाद व्यय देने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ प्राधिकरण की ओर से पहले राज्य आयोग में अपील की थी। बाद में यह प्रकरण राष्ट्रीय आयोग के समक्ष पहुंचा था। इस दौरान राष्ट्रीय आयोग ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि जमा धनराशि पर 12 फीसदी की दर से ब्याज के साथ वापस किया जाए और 10 हजार रुपये वाद व्यय के तौर पर दिए जाएं। इसके बाद भी प्राधिकरण की ओर से केवल 15,100 रुपये का भुगतान अनिल कुमार को किया गया था। इसके चलते पीड़ित ने शेष धनराशि दिलाने की मांग करते हुए वाद दायर किया था। अब जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरैशी ने बीकेडीए सचिव या संपत्ति इंचार्ज अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। साथ ही एसएसपी को वारंट जारी करते हुए 30 जुलाई को पेश करने के आदेश दिए हैं।
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