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मौसम की मार से बच्चे हो रहे बीमार
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मौसम की मार से बच्चे हो रहे बीमार
बुलंदशहर। मौसम में बदलाव से बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। पिछले दिनों बारिश के कारण जलभराव और तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित 150 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ के पास इन दिनों भीड़ बढ़ गई है। मौसम बदलने तथा जगह-जगह जल-जमाव के कारण बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से बीमार हो जा रहे हैं। इसमें सर्दी, जुकाम, खुजली, खांसी, सांस फूलना और निमोनिया आदि से पीड़ित बच्चे शामिल हैं। प्रतिदिन दो से तीन बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मौसम बदलने से बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों सबसे अधिक वायरल बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और खून की कमी से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। मौसम बदलने के चलते इस समय बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तो बच्चों को उससे दूर रखें।
पिछले पांच दिन उपचार कराने वाले बच्चों की संख्या
तारीख बीमार बच्चों की संख्या
13 अगस्त 200
15 अगस्त 53
16 अगस्त 196
17 अगस्त 215
18 अगस्त 147
नोट: यह आंकड़े जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों की है।
यह बरतें सावधानी
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
बारिश में बच्चों को भीगने न दें।
गंदे पानी में न जाने दें।
बीमार लोगों से बच्चों को दूर रखें।
आइसक्रीम, शीतल पेयपदार्थ, बाहर का सामान, बर्फ, ठंडा पानी न दें।
पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनाएं और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मौसम बदलने से वायरल इंफेक्शन होता है और इम्यूनिटी कम हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण तेज हो जाता है। इस समय अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी, सर्दी, उल्टी-दस्त आदि के मरीज सर्वाधिक आ रहे हैं। बच्चों के इलाज में लापरवाही न बरतें। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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बुलंदशहर। मौसम में बदलाव से बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। पिछले दिनों बारिश के कारण जलभराव और तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों से पीड़ित 150 से अधिक बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल की ओपीडी में बाल रोग विशेषज्ञ के पास इन दिनों भीड़ बढ़ गई है। मौसम बदलने तथा जगह-जगह जल-जमाव के कारण बच्चे संक्रामक बीमारियों की चपेट में आने से बीमार हो जा रहे हैं। इसमें सर्दी, जुकाम, खुजली, खांसी, सांस फूलना और निमोनिया आदि से पीड़ित बच्चे शामिल हैं। प्रतिदिन दो से तीन बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि मौसम बदलने से बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों सबसे अधिक वायरल बुखार, खांसी, उल्टी-दस्त और खून की कमी से पीड़ित बच्चे इलाज के लिए आ रहे हैं। मौसम बदलने के चलते इस समय बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तो बच्चों को उससे दूर रखें।
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पिछले पांच दिन उपचार कराने वाले बच्चों की संख्या
तारीख बीमार बच्चों की संख्या
13 अगस्त 200
15 अगस्त 53
16 अगस्त 196
17 अगस्त 215
18 अगस्त 147
नोट: यह आंकड़े जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले बच्चों की है।
यह बरतें सावधानी
साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।
बारिश में बच्चों को भीगने न दें।
गंदे पानी में न जाने दें।
बीमार लोगों से बच्चों को दूर रखें।
आइसक्रीम, शीतल पेयपदार्थ, बाहर का सामान, बर्फ, ठंडा पानी न दें।
पूरी आस्तीन का कपड़ा पहनाएं और मच्छरदानी का प्रयोग करें।
मौसम बदलने से वायरल इंफेक्शन होता है और इम्यूनिटी कम हो जाती है, जिससे बैक्टीरिया का संक्रमण तेज हो जाता है। इस समय अस्पताल में वायरल बुखार, खांसी, सर्दी, उल्टी-दस्त आदि के मरीज सर्वाधिक आ रहे हैं। बच्चों के इलाज में लापरवाही न बरतें। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस
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