{"_id":"624c737880aa340ebf1adbb2","slug":"vaccine-production-bulandshahr-news-gbd236438088","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट के अभाव में बिबकोल में वैक्सीन उत्पादन पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बजट के अभाव में बिबकोल में वैक्सीन उत्पादन पर संकट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजट के अभाव में बिबकोल में वैक्सीन उत्पादन पर संकट
बुलंदशहर। कोरोना महामारी को देश से खत्म करने के लिए बिबकोल में अभी तक कोवैक्सीन उत्पादन तो दूर लैब बनाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। प्रबंधन की मानें तो सरकार की ओर से अपेक्षित बजट न मिलने के कारण कार्य चालू नहीं हो पाया है। जबकि सितंबर माह में कंपनी प्रबंधन ने दावा किया था कि मार्च माह में कंपनी की ओर से वैक्सीन की पहली खेप सप्लाई की जाएगी।
चोला के औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकोल (भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉरपोरेशन) की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। कंपनी की स्थापना का उद्देश्य पोलियो की अधिक से अधिक वैक्सीन का निर्माण करते हुए देश से पोलियो को खत्म करना था। कंपनी ने उम्मीदों को पूरा करते हुए 13 करोड़ से अधिक पोलियो की खुराक बनाते हुए लक्ष्य को हासिल किया। अब जब पोलियो का लगभग खात्मा हो चुका है तो सरकार ने कंपनी को कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिए को वैक्सीन उत्पादन का काम सौंपा था। सरकार ने कंपनी को प्रतिमाह 10 करोड़ वैक्सीन की डोज बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके लिए आदेश जारी करते हुए 30 करोड़ रुपये का बजट लैब निर्माण के लिए जारी किया गया था। बजट जारी करने के बाद काम शुरू किया तो बजट की कमी आगे आई। प्रबंधन का दावा है कि बार-बार बजट की मांग करने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। जिसके चलते अभी तक लैब का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि बजट जारी करने के दौरान कंपनी की ओर से दावा किया था कि मार्च माह में को वैक्सीन की पहले खेप सप्लाई कर दी जाएगी।
हैजा खत्म करने के लिए बनेगी कालरा वैक्सीन
सरकार ने देश से हैजा जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए बिबकोल को कालरा वैक्सीन बनाने का जिम्मा सौंपा है। वैक्सीन बनाने के पहले लैब बनाने, उपकरण खरीदने के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था। बिबकोल के एमडी डा. संजय मिश्रा के निर्देशन में 20 सदस्यीय टीम ने वैक्सीन के लिए कार्य शुरू भी कर दिया है। सरकार के निर्देश पर बिबकोल ने सबसे पहले वैक्सीन का फॉर्मूला बनाया है। अब बताया जा रहा है कि कालरा वैक्सीन के निर्माण के लिए लैब का भवन का बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इसके लिए मशीनें और उपकरण खरीदने के लिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
को वैक्सीन बनाने के लिए सरकार की ओर से एक बार ही बजट जारी किया गया था। जिसके बाद बजट जारी न होने के कारण अभी तक लैब निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। सरकार से लगातार बजट जारी करने की मांग की जा रही है, जल्द बजट जारी होने पर वैक्सीन उत्पादन के लिए की जा रही प्रक्रिया और गति पकड़ेगी। - सुनील शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकोल
विज्ञापन
बुलंदशहर। कोरोना महामारी को देश से खत्म करने के लिए बिबकोल में अभी तक कोवैक्सीन उत्पादन तो दूर लैब बनाने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। प्रबंधन की मानें तो सरकार की ओर से अपेक्षित बजट न मिलने के कारण कार्य चालू नहीं हो पाया है। जबकि सितंबर माह में कंपनी प्रबंधन ने दावा किया था कि मार्च माह में कंपनी की ओर से वैक्सीन की पहली खेप सप्लाई की जाएगी।
चोला के औद्योगिक क्षेत्र स्थित बिबकोल (भारत इम्युनोलॉजिकल एंड बायोलॉजिकल कॉरपोरेशन) की स्थापना वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने की थी। कंपनी की स्थापना का उद्देश्य पोलियो की अधिक से अधिक वैक्सीन का निर्माण करते हुए देश से पोलियो को खत्म करना था। कंपनी ने उम्मीदों को पूरा करते हुए 13 करोड़ से अधिक पोलियो की खुराक बनाते हुए लक्ष्य को हासिल किया। अब जब पोलियो का लगभग खात्मा हो चुका है तो सरकार ने कंपनी को कोरोना महामारी से निजात दिलाने के लिए को वैक्सीन उत्पादन का काम सौंपा था। सरकार ने कंपनी को प्रतिमाह 10 करोड़ वैक्सीन की डोज बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके लिए आदेश जारी करते हुए 30 करोड़ रुपये का बजट लैब निर्माण के लिए जारी किया गया था। बजट जारी करने के बाद काम शुरू किया तो बजट की कमी आगे आई। प्रबंधन का दावा है कि बार-बार बजट की मांग करने के बाद भी सरकार की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया। जिसके चलते अभी तक लैब का निर्माण भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि बजट जारी करने के दौरान कंपनी की ओर से दावा किया था कि मार्च माह में को वैक्सीन की पहले खेप सप्लाई कर दी जाएगी।
विज्ञापन
हैजा खत्म करने के लिए बनेगी कालरा वैक्सीन
सरकार ने देश से हैजा जैसी गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए बिबकोल को कालरा वैक्सीन बनाने का जिम्मा सौंपा है। वैक्सीन बनाने के पहले लैब बनाने, उपकरण खरीदने के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपये का बजट भी जारी किया था। बिबकोल के एमडी डा. संजय मिश्रा के निर्देशन में 20 सदस्यीय टीम ने वैक्सीन के लिए कार्य शुरू भी कर दिया है। सरकार के निर्देश पर बिबकोल ने सबसे पहले वैक्सीन का फॉर्मूला बनाया है। अब बताया जा रहा है कि कालरा वैक्सीन के निर्माण के लिए लैब का भवन का बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही इसके लिए मशीनें और उपकरण खरीदने के लिए प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
विज्ञापन
को वैक्सीन बनाने के लिए सरकार की ओर से एक बार ही बजट जारी किया गया था। जिसके बाद बजट जारी न होने के कारण अभी तक लैब निर्माण का कार्य भी पूरा नहीं हो सका है। सरकार से लगातार बजट जारी करने की मांग की जा रही है, जल्द बजट जारी होने पर वैक्सीन उत्पादन के लिए की जा रही प्रक्रिया और गति पकड़ेगी। - सुनील शर्मा, एसोसिएट वाइस प्रेसीडेंट, बिबकोल