{"_id":"6123de958ebc3e79b801e687","slug":"unique-i-card-bulandshahr-news-gbd224613791","type":"story","status":"publish","title_hn":"असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आई कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आई कार्ड
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
असंगठित श्रमिकों के बनेंगे यूनिक आई कार्ड
बुलंदशहर। असंगठित श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आधार कार्ड की तर्ज पर उनके यूनिक आई कार्ड बनेंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त से इस कार्यक्रम को शुरू कर रहा है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार देशभर में करोड़ों असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनके कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा, ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, जिनका पंजीकरण किया जाना है। सभी का पंजीकरण निशुल्क होगा। इसके लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर संचालक को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी। यदि इस यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट करवाता है तो उसके 20 रुपये उसे खुद देने होंगे। यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन संगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है, इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आसानी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। साथ ही श्रमिकों की गतिविधियों और वह किसी राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं, इसका भी पता चल सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकाें तक आसानी से मदद पहुुंचाई जा सकेगी।
ये श्रमिक कर सकते हैं पंजीकरण
यूनिक आईडी कार्ड बनाने के लिए छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करे वाले, रेहड़ी व फड़ लगाने वाले, न्यूज पेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो चालक एवं संचालक, मनरेगा श्रमिक, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, चाय विक्रेता आदि अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन
पंजीयन के लिए जरूरी
- आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।
- आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
ये दस्तावेज होंगे जरूरी
आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए। बैंक का खाता और मोबाइल फोन भी अनिवार्य है। वह किसी भी सीएससी पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है।
असंगठित श्रमिकों के अब यूनिक आई कार्ड बनाए जाएंगे। इस कार्यक्रम की शुरूआत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त से कर रहा है। इसके साथ ही श्रमिक सीएससी पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए सीएचसी संचालकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। - मुकेश कुमार दीक्षित, सहायक श्रमायुक्त।
विज्ञापन
बुलंदशहर। असंगठित श्रमिकों के लिए एक अच्छी खबर है। अब आधार कार्ड की तर्ज पर उनके यूनिक आई कार्ड बनेंगे। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त से इस कार्यक्रम को शुरू कर रहा है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार देशभर में करोड़ों असंगठित श्रमिक विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अब इनके कार्य के अनुसार विभाजन का खाका तैयार किया जाएगा, ताकि इनके उत्थान के लिए योजनाएं बनाकर उन्हें क्रियान्वित किया जा सके। जिले में हजारों असंगठित श्रमिक हैं, जिनका पंजीकरण किया जाना है। सभी का पंजीकरण निशुल्क होगा। इसके लिए सरकार कॉमन सर्विस सेंटर संचालक को 20 रुपये प्रति कार्ड देगी। यदि इस यूनिक आईडी कार्ड में आवेदक बाद में अपडेट करवाता है तो उसके 20 रुपये उसे खुद देने होंगे। यूनिक आईडी कार्ड बनते ही इन संगठित श्रमिकों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिल जाएगा। इसका एक साल का खर्च भी खुद सरकार ही वहन करेगी। असंगठित श्रमिक किस वर्ग से है, इसका खाका तैयार करने के बाद सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को आसानी से क्रियान्वित कर इनके लिए बजट का प्रावधान किया जा सकेगा। साथ ही श्रमिकों की गतिविधियों और वह किसी राज्य से किस राज्य में जा रहे हैं, इसका भी पता चल सकेगा। आपदा के समय इन असंगठित श्रमिकाें तक आसानी से मदद पहुुंचाई जा सकेगी।
विज्ञापन
ये श्रमिक कर सकते हैं पंजीकरण
यूनिक आईडी कार्ड बनाने के लिए छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट भट्ठों पर काम करे वाले, रेहड़ी व फड़ लगाने वाले, न्यूज पेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो चालक एवं संचालक, मनरेगा श्रमिक, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर, नाई, चाय विक्रेता आदि अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।
विज्ञापन
पंजीयन के लिए जरूरी
- आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक किसी भी संगठित समूह या संस्था का सदस्य नहीं होना चाहिए।
- आवेदक का पीएफ और ईएसआई खाता नहीं होना चाहिए।
- आवेदक की उम्र 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
ये दस्तावेज होंगे जरूरी
आवेदक के पास आधार कार्ड नंबर होना चाहिए। बैंक का खाता और मोबाइल फोन भी अनिवार्य है। वह किसी भी सीएससी पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकता है।
असंगठित श्रमिकों के अब यूनिक आई कार्ड बनाए जाएंगे। इस कार्यक्रम की शुरूआत श्रम एवं रोजगार मंत्रालय 25 अगस्त से कर रहा है। इसके साथ ही श्रमिक सीएससी पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए सीएचसी संचालकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। - मुकेश कुमार दीक्षित, सहायक श्रमायुक्त।