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Bulandshahar News: फर्जी प्रमाणपत्र से पुलिस उपनिरीक्षक बन गए खुर्जा के दो युवक
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खुर्जा। क्षेत्र के समसपुर गांव निवासी दो युवकों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक की नौकरी प्राप्त कर ली। मामले में 23 अगस्त 2023 को लखनऊ के हुसैनगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। इसमें खुर्जा पुलिस को जांच के लिए मुकदमा स्थानांतरित किया गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के पुलिस अधीक्षक अनुसचिव प्रेमचंद की ओर से दर्ज मुकदमा के अनुसार उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2020-21 में चयन के लिए खुर्जा के गांव समसपुर निवासी विक्रांत और राहुल ने आवेदन किया था। इसमें दोनों ने अन्य पिछड़ा वर्ग एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के रूप में आवेदन किया था।
चयन प्रक्रिया के दौरान अभिलेखों की समीक्षा और शारीरिक परीक्षण के दौरान दोनों ने जिलाधिकारी बुलंदशहर कार्यालय से प्रमाणित होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। इसके बाद दोनों की भर्ती हो गई और वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में प्रशिक्षण पर हैं। इसमें सुल्तानपुर पीटीसी की ओर से सभी पुलिस कर्मियों के दस्तावेज की सामान्य जांच की गई।
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इसमें देखा गया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित के प्रमाण पत्र जिलाधिकारी बुलंदशहर से प्रमाणित नहीं हैं, जो फर्जी हैं। इसके बाद सुल्तानपुर पीटीएस की ओर से लखनऊ भर्ती बोर्ड को यह अवगत कराकर शिकायत दी गई। इसके बाद बोर्ड की ओर से दोनों के खिलाफ मुकदमा के आदेश दिए गए।
इसमें घटना स्थल लखनऊ है। इसलिए मुकदमा भी लखनऊ में दर्ज किया गया है। केवल आरोपी खुर्जा के रहने वाले हैं। इसी संबंध में पुलिस जांच कर रही है। - वरुण कुमार सिंह, सीओ खुर्जा।
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उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के पुलिस अधीक्षक अनुसचिव प्रेमचंद की ओर से दर्ज मुकदमा के अनुसार उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2020-21 में चयन के लिए खुर्जा के गांव समसपुर निवासी विक्रांत और राहुल ने आवेदन किया था। इसमें दोनों ने अन्य पिछड़ा वर्ग एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के रूप में आवेदन किया था।
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चयन प्रक्रिया के दौरान अभिलेखों की समीक्षा और शारीरिक परीक्षण के दौरान दोनों ने जिलाधिकारी बुलंदशहर कार्यालय से प्रमाणित होने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए। इसके बाद दोनों की भर्ती हो गई और वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में प्रशिक्षण पर हैं। इसमें सुल्तानपुर पीटीसी की ओर से सभी पुलिस कर्मियों के दस्तावेज की सामान्य जांच की गई।
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इसमें देखा गया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित के प्रमाण पत्र जिलाधिकारी बुलंदशहर से प्रमाणित नहीं हैं, जो फर्जी हैं। इसके बाद सुल्तानपुर पीटीएस की ओर से लखनऊ भर्ती बोर्ड को यह अवगत कराकर शिकायत दी गई। इसके बाद बोर्ड की ओर से दोनों के खिलाफ मुकदमा के आदेश दिए गए।
इसमें घटना स्थल लखनऊ है। इसलिए मुकदमा भी लखनऊ में दर्ज किया गया है। केवल आरोपी खुर्जा के रहने वाले हैं। इसी संबंध में पुलिस जांच कर रही है। - वरुण कुमार सिंह, सीओ खुर्जा।