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दो ग्राम सचिवों ने डकारे 12 लाख, निलंबित
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दो ग्राम सचिवों ने डकारे 12 लाख, निलंबित
बुलंदशहर। ऊंचागांव क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के खातों से दो ग्राम सचिवों द्वारा 12 लाख रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। विभागीय अफसरों के अनुसार दोनों ने यह कारनामा एडीओ पंचायत के पद पर पदोन्नत होने के बाद मेडिकल लेकर किया। इसके लिए अलग से डोंगल का भी इस्तेमाल किया गया। मामला संज्ञान में आने पर दोनों ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच भी शुरू हो गई है।
ऊंचागांव की ग्राम पंचायत पर शिव कुमार शर्मा और गांव घुंघरावली और बसी बांगर की ग्राम पंचायत पर रोहताश सिंह ग्राम सचिव के पद पर तैनात रहें। यह दोनों ग्राम सचिव मार्च में पदोन्नति पाकर एडीओ पंचायत बन गए। विभागीय अफसरों ने बताया कि पदोन्नत होने के बाद दोनों ग्राम सचिवों को जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर कुछ कागजी कार्रवाई पूरी करनी थी। लेकिन उन्होंने ऐसा न करते हुए मेडिकल लेकर अवकाश पर चले गए। इस दौरान इन दोनों सचिवों ने तीनों ग्राम पंचायतों के खातों से 12 लाख से अधिक की राशि निकाल ली। इसके लिए डोंगल का प्रयोग किया गया। जांच में सामने आया कि ग्राम सचिव शिव कुमार शर्मा ने ग्राम पंचायत ऊंचागांव के खाते से 10 लाख 32 हजार 112 रुपये निकाले। इसी तरह ग्राम सचिव रोहताश सिंह ने ग्राम पंचायत बसी बांगर के खाते से एक लाख 35 हजार 96 रुपये और ग्राम पंचायत घुंघरावली के खाते से 42 हजार 337 रुपये निकाले हैं। प्रथम दृष्टया जांच में दोनों ग्राम सचिव दोषी पाए गए और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनकी आगामी जांच भी शुरू हो गई है। जांच के दौरान यह पता किया जाएगा कि निकाली गई राशि को कहीं प्रयोग किया या नहीं। इस राशि के संबंध में दोनों ग्राम सचिवों से पूछताछ करने के साथ उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
तीनों गांव के प्रधानों की भी मिलीभगत, बैठी जांच
दो ग्राम सचिवों द्वारा 12 लाख से अधिक की राशि निकाल कर डकारने के मामले में तीनों गांव के प्रधानाें की भी मिलीभगत मानी जा रही है। इस पर तीनों ग्राम प्रधान के खिलाफ भी जांच बैठ गई है। अफसरों ने बताया कि कोई भी ग्राम सचिव बिना ग्राम प्रधान की सहमति के ग्राम पंचायत के खाते से राशि नहीं निकाल सकता है और न ही उसका प्रयोग कर सकता है। यदि इस पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधानों की भी मिलीभगत सामने आई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
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तीन ग्राम पंचायतों के खातों से 12 लाख रुपये निकालने के आरोप में दो ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। दोनाें सचिवों की आगामी जांच भी शुरू हो गई है। वहीं, तीनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों की मिलीभगत सामने आने पर उन पर भी जांच बैठा दी गई है। जल्द ही पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। - नन्दलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी
मनरेगा के नोडल अधिकारी ने मांगी नोटिस की जानकारी
बुलंदशहर। मनरेगा में धांधली का मामला सामने आने पर लोकपाल की ओर से नौ ब्लॉकों के बीडीओ, सचिव और प्रधान समेत कुल 45 लोगों को जारी किए गए नोटिस की जानकारी मनरेगा के नोडल अधिकारी ने संबंधित ब्लॉक अफसरों से मांगी है। बता दें कि मनरेगा लोकपाल अंशु त्यागी ने मनरेगा में धांधली की शिकायत मिलने पर जनपद के ब्लॉक शिकारपुर, डिबाई, खुर्जा, अगौता, अरनिया, जहांगीराबाद, ऊंचागांव, गुलावठी और अनूपशहर के बीडीओ, सचिव और प्रधानाें समेत कुल 45 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ के माध्यम से मनरेगा में श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा कुछ गांवों में काम हुआ ही नहीं और फंड निकाल लिया गया है। वहीं, मामला सामने आने पर जनपद में मनरेगा के नोडल अधिकारी सर्वेश चंद ने सभी ब्लॉकों के अफसरों से नोटिस की जानकारी मांग ली है। उन्होंने बताया कि नोटिस प्राप्त कर यह पता किया जाएगा कि उसमें किस तरह के आरोप लगाए गए हैं। इनकी जांच होगी और लोकपाल से भी संपर्क किया जाएगा। यदि शिकायत सही पाई जाती हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी।
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बुलंदशहर। ऊंचागांव क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के खातों से दो ग्राम सचिवों द्वारा 12 लाख रुपये निकाले जाने का मामला सामने आया है। विभागीय अफसरों के अनुसार दोनों ने यह कारनामा एडीओ पंचायत के पद पर पदोन्नत होने के बाद मेडिकल लेकर किया। इसके लिए अलग से डोंगल का भी इस्तेमाल किया गया। मामला संज्ञान में आने पर दोनों ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया है। साथ ही जांच भी शुरू हो गई है।
ऊंचागांव की ग्राम पंचायत पर शिव कुमार शर्मा और गांव घुंघरावली और बसी बांगर की ग्राम पंचायत पर रोहताश सिंह ग्राम सचिव के पद पर तैनात रहें। यह दोनों ग्राम सचिव मार्च में पदोन्नति पाकर एडीओ पंचायत बन गए। विभागीय अफसरों ने बताया कि पदोन्नत होने के बाद दोनों ग्राम सचिवों को जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय पर कुछ कागजी कार्रवाई पूरी करनी थी। लेकिन उन्होंने ऐसा न करते हुए मेडिकल लेकर अवकाश पर चले गए। इस दौरान इन दोनों सचिवों ने तीनों ग्राम पंचायतों के खातों से 12 लाख से अधिक की राशि निकाल ली। इसके लिए डोंगल का प्रयोग किया गया। जांच में सामने आया कि ग्राम सचिव शिव कुमार शर्मा ने ग्राम पंचायत ऊंचागांव के खाते से 10 लाख 32 हजार 112 रुपये निकाले। इसी तरह ग्राम सचिव रोहताश सिंह ने ग्राम पंचायत बसी बांगर के खाते से एक लाख 35 हजार 96 रुपये और ग्राम पंचायत घुंघरावली के खाते से 42 हजार 337 रुपये निकाले हैं। प्रथम दृष्टया जांच में दोनों ग्राम सचिव दोषी पाए गए और उन्हें निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनकी आगामी जांच भी शुरू हो गई है। जांच के दौरान यह पता किया जाएगा कि निकाली गई राशि को कहीं प्रयोग किया या नहीं। इस राशि के संबंध में दोनों ग्राम सचिवों से पूछताछ करने के साथ उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पूरी रिपोर्ट मिलने के बाद सख्त कार्रवाई होगी।
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तीनों गांव के प्रधानों की भी मिलीभगत, बैठी जांच
दो ग्राम सचिवों द्वारा 12 लाख से अधिक की राशि निकाल कर डकारने के मामले में तीनों गांव के प्रधानाें की भी मिलीभगत मानी जा रही है। इस पर तीनों ग्राम प्रधान के खिलाफ भी जांच बैठ गई है। अफसरों ने बताया कि कोई भी ग्राम सचिव बिना ग्राम प्रधान की सहमति के ग्राम पंचायत के खाते से राशि नहीं निकाल सकता है और न ही उसका प्रयोग कर सकता है। यदि इस पूरे प्रकरण में ग्राम प्रधानों की भी मिलीभगत सामने आई तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।
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तीन ग्राम पंचायतों के खातों से 12 लाख रुपये निकालने के आरोप में दो ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। दोनाें सचिवों की आगामी जांच भी शुरू हो गई है। वहीं, तीनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों की मिलीभगत सामने आने पर उन पर भी जांच बैठा दी गई है। जल्द ही पूरे प्रकरण का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। - नन्दलाल, जिला पंचायती राज अधिकारी
मनरेगा के नोडल अधिकारी ने मांगी नोटिस की जानकारी
बुलंदशहर। मनरेगा में धांधली का मामला सामने आने पर लोकपाल की ओर से नौ ब्लॉकों के बीडीओ, सचिव और प्रधान समेत कुल 45 लोगों को जारी किए गए नोटिस की जानकारी मनरेगा के नोडल अधिकारी ने संबंधित ब्लॉक अफसरों से मांगी है। बता दें कि मनरेगा लोकपाल अंशु त्यागी ने मनरेगा में धांधली की शिकायत मिलने पर जनपद के ब्लॉक शिकारपुर, डिबाई, खुर्जा, अगौता, अरनिया, जहांगीराबाद, ऊंचागांव, गुलावठी और अनूपशहर के बीडीओ, सचिव और प्रधानाें समेत कुल 45 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। आरोप है कि ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ के माध्यम से मनरेगा में श्रमिकों से अवैध वसूली की जा रही है। इसके अलावा कुछ गांवों में काम हुआ ही नहीं और फंड निकाल लिया गया है। वहीं, मामला सामने आने पर जनपद में मनरेगा के नोडल अधिकारी सर्वेश चंद ने सभी ब्लॉकों के अफसरों से नोटिस की जानकारी मांग ली है। उन्होंने बताया कि नोटिस प्राप्त कर यह पता किया जाएगा कि उसमें किस तरह के आरोप लगाए गए हैं। इनकी जांच होगी और लोकपाल से भी संपर्क किया जाएगा। यदि शिकायत सही पाई जाती हैं तो कड़ी कार्रवाई होगी।