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Bulandshahar News: मृतक की डायलिसिस में दो का तबादला, दो को चेतावनी देकर छोड़ा
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मृत व्यक्ति की डायलिसिस मामले में यूनिट कर्मियों की लापरवाही सामने आई है। जांच टीम की रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन ने कंपनी को भेजी, जहां से दो कर्मियों का गैर जनपद स्थानांतरण और दो कर्मियों को चेतावनी देकर छोड़ा गया।
जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर ईएसकेएजी संजीवनी कंपनी डायलिसिस यूनिट का संचालन कर रही हैं। यूनिट के कर्मियों ने 22 मार्च को निजी अस्पताल में मृत हो चुके युवक की 23 व 26 मार्च को डायलिसिस करना दिखा दिया। साथ ही यूनिट में मरीजों का एक्सपायर हो चुकी दवाओं से इलाज किया गया। इस मामले में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के निर्देश पर सीएमएस ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कर आख्या रिपोर्ट मांगी। जांच टीम 23 व 26 मार्च को यूनिट में कितने मरीजों की डायलिसिस हुई, इसके लिए बीएचटी (शय्या पत्रक) के साथ रजिस्टर में दर्ज ब्यौरे का मिलान किया। इसमें काफी खामियां मिली। मृत व्यक्ति के अलावा कई अन्य मरीजों की बीएचटी पर मरीज/तीमारदार में से किसी एक के हस्ताक्षर नहीं मिले। अधिकांश बीएचटी पर मरीज को भर्ती करते समय बीपी, पल्स, एसपीओ और टेंप्रेचर भी दर्ज नहीं मिली। इसकी रिपोर्ट बनाकर जांच टीम ने सीएमएस को सौंपी। सीएमएस ने लापरवाही मिलने पर कंपनी के अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जहां से कंपनी ने यूनिट इंचार्ज/टेक्नीशियन कामिल खान को कौशांबी और दीपक को रामपुर स्थानांतरण कर दिया। साथ ही एक स्टाफ नर्स व एक अन्य कर्मी को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
मृत व्यक्ति की डायलिसिस मामले में जांच टीम को लापरवाही मिली, जिसकी रिपोर्ट कंपनी को भेजी गई। लापरवाही बरतने वाले दोनों कर्मियों का कंपनी ने गैर जनपद स्थानांतरण कर दिया है। दो अन्य कर्मी को चेतावनी देकर छोड़ा गय है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर ईएसकेएजी संजीवनी कंपनी डायलिसिस यूनिट का संचालन कर रही हैं। यूनिट के कर्मियों ने 22 मार्च को निजी अस्पताल में मृत हो चुके युवक की 23 व 26 मार्च को डायलिसिस करना दिखा दिया। साथ ही यूनिट में मरीजों का एक्सपायर हो चुकी दवाओं से इलाज किया गया। इस मामले में मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य के निर्देश पर सीएमएस ने दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कर आख्या रिपोर्ट मांगी। जांच टीम 23 व 26 मार्च को यूनिट में कितने मरीजों की डायलिसिस हुई, इसके लिए बीएचटी (शय्या पत्रक) के साथ रजिस्टर में दर्ज ब्यौरे का मिलान किया। इसमें काफी खामियां मिली। मृत व्यक्ति के अलावा कई अन्य मरीजों की बीएचटी पर मरीज/तीमारदार में से किसी एक के हस्ताक्षर नहीं मिले। अधिकांश बीएचटी पर मरीज को भर्ती करते समय बीपी, पल्स, एसपीओ और टेंप्रेचर भी दर्ज नहीं मिली। इसकी रिपोर्ट बनाकर जांच टीम ने सीएमएस को सौंपी। सीएमएस ने लापरवाही मिलने पर कंपनी के अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जहां से कंपनी ने यूनिट इंचार्ज/टेक्नीशियन कामिल खान को कौशांबी और दीपक को रामपुर स्थानांतरण कर दिया। साथ ही एक स्टाफ नर्स व एक अन्य कर्मी को लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
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मृत व्यक्ति की डायलिसिस मामले में जांच टीम को लापरवाही मिली, जिसकी रिपोर्ट कंपनी को भेजी गई। लापरवाही बरतने वाले दोनों कर्मियों का कंपनी ने गैर जनपद स्थानांतरण कर दिया है। दो अन्य कर्मी को चेतावनी देकर छोड़ा गय है। - डॉ. राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल।
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