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Bulandshahar News: जमीनी विवाद में 28 साल पहले किसान की हत्या करने में वांछित दो भाई गिरफ्तार
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खुर्जा पुलिस की गिरफ्त में 29 साल पहले हत्या करने वाला आरोपी रमेश। स्रोत- पुलिस
खुर्जा। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को 29 वर्ष पूर्व किसान की हत्या करने वाले वांछित दो आरोपी भाइयों को गिरफ्तार किया है। जमीनी विवाद के चलते आरोपी नोएडा से खुर्जा में मेला दिखाने के बहाने ब्रह्मजीत (मृतक) को लेकर आ गए थे। जहां हत्या कर ब्रह्मजीत का शव खेतों में ज्वार की फसल में जला दिया था। तभी से एक आरोपी और मृतक की गुमशुदगी दर्ज थी।
सीओ खुर्जा शोभित कुमार सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को खुर्जा नगर पुलिस को नोएडा थाना सेक्टर-39 थाना से एक विवेचना प्राप्त हुई। इसमें जनपद कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-39 थाना में 17 अगस्त को भिंडौर गांव निवासी सुरजीत की ओर से हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गांव में रहने वाले रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
दर्ज एफआईआर में सुरजीत का आरोप था कि नौ अक्तूबर 1997 को उनका भाई ब्रह्मजीत (35) को आरोपी रमेश अपने साथ मेला दिखाने के लिए नोएडा से खुर्जा लाया था। जहां पर ब्रह्मजीत छलेरा ने उनके भाई की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया और फरार हो गया। उस वक्त 1997 में पीड़ित ने भाई की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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इसी जानकारी के आधार पर खुर्जा नगर पुलिस आरोपी रमेश व उसके साथियों की तलाश में जुट गई। शनिवार को पुलिस ने आरोपी रमेश और उसके भाई तारा सिंह निवासी गांव भिंडौर, थाना खुर्जा को मधुपुरा मोड़ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार के बाद आरोपी ने घटना को स्वीकार किया।
बेरहमी से हत्या कर जला दिया था शव :-
खुर्जा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ब्रह्मजीत (मृतक) और रमेश दूर के रिश्ते में चचेरे भाई थे। इनका जमीनी विवाद चल रहा था। भाई के साथ-साथ दोनों नोएडा में एक साथ ही नौकरी करते थे।
जमीनी विवाद के चलते रमेश ने पहले ही ब्रह्मजीत की हत्या की योजना बना ली थी। इसी के चलते नौ अक्तूबर को रमेश ने ब्रह्मजीत ने गांव न जाकर खुर्जा नगर में मेले देखने के बहाने ले गए। वहां पर पहले से ही तारा सिंह था।
दोनों भाइयों ने सुनसान स्थान पर ले जाकर पहले कैंची से वार कर ब्रह्मजीत की हत्या कर दी। इसके बाद जंक्शन मार्ग पर ही ज्वार के खेत में ले जाकर शव को जला दिया। फिर रमेश वहां से भाग गया और तारा सिंह गांव चला गया।
मुंबई में पहचान छिपा कर रहा था आरोपी:-
सीओ ने बताया कि आरोपी रमेश घटना करने के बाद मुंबई चला गया। यहां पर अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा। वहां पर शादी कर ली और घर गृहस्थी बसा ली। 25 साल मुंबई रहने के बाद वह तीन साल पहले नोएडा में आकर रहने लगा। जहां पर खुर्जा के कुछ लोगों ने उसको पहचान लिया और सुरजीत को सूचना दी। सुरजीत ने इस संबंध में नोएडा पुलिस से संपर्क किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।
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सीओ खुर्जा शोभित कुमार सिंह ने बताया कि 25 अगस्त को खुर्जा नगर पुलिस को नोएडा थाना सेक्टर-39 थाना से एक विवेचना प्राप्त हुई। इसमें जनपद कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-39 थाना में 17 अगस्त को भिंडौर गांव निवासी सुरजीत की ओर से हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में गांव में रहने वाले रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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दर्ज एफआईआर में सुरजीत का आरोप था कि नौ अक्तूबर 1997 को उनका भाई ब्रह्मजीत (35) को आरोपी रमेश अपने साथ मेला दिखाने के लिए नोएडा से खुर्जा लाया था। जहां पर ब्रह्मजीत छलेरा ने उनके भाई की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया और फरार हो गया। उस वक्त 1997 में पीड़ित ने भाई की गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
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इसी जानकारी के आधार पर खुर्जा नगर पुलिस आरोपी रमेश व उसके साथियों की तलाश में जुट गई। शनिवार को पुलिस ने आरोपी रमेश और उसके भाई तारा सिंह निवासी गांव भिंडौर, थाना खुर्जा को मधुपुरा मोड़ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार के बाद आरोपी ने घटना को स्वीकार किया।
बेरहमी से हत्या कर जला दिया था शव :-
खुर्जा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मामले में पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ब्रह्मजीत (मृतक) और रमेश दूर के रिश्ते में चचेरे भाई थे। इनका जमीनी विवाद चल रहा था। भाई के साथ-साथ दोनों नोएडा में एक साथ ही नौकरी करते थे।
जमीनी विवाद के चलते रमेश ने पहले ही ब्रह्मजीत की हत्या की योजना बना ली थी। इसी के चलते नौ अक्तूबर को रमेश ने ब्रह्मजीत ने गांव न जाकर खुर्जा नगर में मेले देखने के बहाने ले गए। वहां पर पहले से ही तारा सिंह था।
दोनों भाइयों ने सुनसान स्थान पर ले जाकर पहले कैंची से वार कर ब्रह्मजीत की हत्या कर दी। इसके बाद जंक्शन मार्ग पर ही ज्वार के खेत में ले जाकर शव को जला दिया। फिर रमेश वहां से भाग गया और तारा सिंह गांव चला गया।
मुंबई में पहचान छिपा कर रहा था आरोपी:-
सीओ ने बताया कि आरोपी रमेश घटना करने के बाद मुंबई चला गया। यहां पर अपनी पहचान छिपाकर रहने लगा। वहां पर शादी कर ली और घर गृहस्थी बसा ली। 25 साल मुंबई रहने के बाद वह तीन साल पहले नोएडा में आकर रहने लगा। जहां पर खुर्जा के कुछ लोगों ने उसको पहचान लिया और सुरजीत को सूचना दी। सुरजीत ने इस संबंध में नोएडा पुलिस से संपर्क किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।

खुर्जा पुलिस की गिरफ्त में 29 साल पहले हत्या करने वाला आरोपी रमेश। स्रोत- पुलिस