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Bulandshahar News: सात साल में ढाई करोड़ पौधे रोपे, फिर भी नहीं बढ़ी हरियाली

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 02 Mar 2025 10:34 PM IST
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Two and a half crore saplings were planted in seven years, yet the greenery did not increase
नेशनल हाईवे-34 के किनारे से गायब हुए रोपित किए गए पौधे। संवाद
बुलंदशहर/सिकंदराबाद/ऊंचागांव/चोला। जिले में पिछले सात साल में ढाई करोड़ पौधे रोपे गए हैं लेकिन हरित क्षेत्र एक हेक्टेयर भी नहीं बढ़ा है। हालत यह है कि जहां अधिक पौधे लगाए गए हैं, वहां अधिकतर पौधे नष्ट हो चुके हैं। गड्ढे भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। सात साल पहले भी वन विभाग के रिकार्ड में हरियाली 7,726 हेक्टेयर थी और आज भी यही स्थिति है। अमर उजाला ने जिलेभर में रोपे गए पौधों की रविवार को पड़ताल की तो सिस्टम की हकीकत सामने आई। कहीं पौधे नहीं मिले तो कहीं गड्ढे ही गायब थे।
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कार्यालय के आसपास सूख रहे पौधे
वन विभाग की पौधे बचाने के दावों की हकीकत कार्यालय के आसपास ही साफ दिखाई दी। कार्यालय से कुछ दूरी पर वलीपुरा नहर किनारे समेत कई जगह रोपित किए गए पौधे गायब हो चुके हैं। कार्यालय के पिछले हिस्से में लकड़ी कटी पड़ी मिली। अधिकारियों का तर्क है कि लकड़ी पेड़ों की छटाई की है।
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हाईवे किनारे भी गायब मिले पौधे
कई साल से लगातार नेशनल हाईवे-34 के किनारे 22 लाख से अधिक लाखों पौधे रोपित किए गए लेकिन जगह-जगह से पौधे गायब हो गए। इतना ही नहीं जगह-जगह पौधे सूख रहे हैं। जहां पौधे लगाए गए थे, उनके गड्ढे समतल हो चुके हैं। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए ट्री गार्ड भी गायब मिले।
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एक भी पौधा नहीं बचा



सिकंदराबाद स्थित किशन तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए पिछले साल 250 से अधिक पौधे लगाए गए थे लेकिन अब यहां पर रोपित किए गए पौधों में से एक भी पौधा नहीं बचा है। क्षेत्र निवासी प्रेम कुमार और सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पौधे लगाने के बाद कोई फिर देखने नहीं लौटा।







बचा एक पौधा, वह भी सूख रहा



ऊंचागांव ग्राम सचिवालय परिसर के बाहर हरियाली बढ़ाने के लिए करीब सौ पौधे रोपित किए गए थे लेकिन रोपित करने के बाद इनकी देखभाल और बचाने की किसी भी स्तर से पहल नहीं की गई। इसी का नतीजा है कि अब यहां पर सिर्फ एक ही पौधा बचा और वह भी सूख चुका है।

फिर 36 लाख पौधे लगाने की तैयारी शुरू

अब एक बार फिर से जिले में 36 लाख से अधिक पौधे लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी वन विभाग के साथ 26 विभागों को दी जाएगी। डीएफओ के अनुसार विभाग ने लक्ष्य से अधिक पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इस लक्ष्य के तहत जुलाई माह में पौधरोपण कार्यक्रम के तहत जिले में सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य अनुसार पौधे रोपित करेंगे।

पिछले सात साल में रोपे गए पौधे

वर्ष - पौधों की संख्या

2018 - 16 लाख पौधे

2019 - 32 लाख पौधे

2020 - 33 लाख पौधे

2021 - 40 लाख पौधे

2022 - 43 लाख पौधे
2023: 40 लाख पौधे
2024: 40 लाख पौधे

रोपे गए पौधों की लगातार निगरानी की जा रही है। कुछ प्रतिशत पौधे नष्ट हो जाते हैं। वन विभाग के अलावा अन्य विभागों की भी पौधे बचाने की जिम्मेदारी है लेकिन वह ध्यान नहीं देते हैं। इसलिए पौधे नष्ट होने का ग्राफ बढ़ जाता है। सभी विभाग इस पर ध्यान दें तो 90 प्रतिशत तक पौधों को बचाया जा सकता है। - विनीता सिंह, डीएफओ
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