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Bulandshahar News: सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल की सजा
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बुलंदशहर। सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि इसी मामले में नाबालिग तीसरे आरोपी के खिलाफ सुनवाई चल रही है।
छह अगस्त 2020 को अरनिया के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उनकी 16 वर्षीय धेवती अपनी सहेली से किताब लेने के लिए गई थी। इसी दौरान जावल गांव के पास आरोपी प्रशांत कुमार व शिबू उर्फ शिवकुमार के साथ एक किशोर ने किशोरी का अपहरण कर गांव के ही एक ट्यूबवेल पर ले गए और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद राहगीरों के आने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। लोगों की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और घायल किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। एक आरोपी के नाबालिग पाए जाने पर कोर्ट में अलग से वाद दायर किया गया। जबकि दोनों आरोपी शिबू उर्फ शिवकुमार व प्रशांत कुमार के खिलाफ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में अपील की गई कि दोनों आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत किशोरी का अपहरण किया और ट्यूबवेल पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। ऐसे में यदि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी तो समाज में इस प्रकार की वारदातों की पुनरावृत्ति नहीं होगी। इस पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सजा और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
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छह अगस्त 2020 को अरनिया के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि उनकी 16 वर्षीय धेवती अपनी सहेली से किताब लेने के लिए गई थी। इसी दौरान जावल गांव के पास आरोपी प्रशांत कुमार व शिबू उर्फ शिवकुमार के साथ एक किशोर ने किशोरी का अपहरण कर गांव के ही एक ट्यूबवेल पर ले गए और सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद राहगीरों के आने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। लोगों की सूचना पर वह मौके पर पहुंचे और घायल किशोरी को अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। एक आरोपी के नाबालिग पाए जाने पर कोर्ट में अलग से वाद दायर किया गया। जबकि दोनों आरोपी शिबू उर्फ शिवकुमार व प्रशांत कुमार के खिलाफ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम तरुण कुमार सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में अपील की गई कि दोनों आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत किशोरी का अपहरण किया और ट्यूबवेल पर ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। ऐसे में यदि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलेगी तो समाज में इस प्रकार की वारदातों की पुनरावृत्ति नहीं होगी। इस पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की सजा और 30-30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
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