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फास्टैग सेंसर फेल होने से लुहारली टोल पर लग रहा घंटों जाम
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टोल प्लाजा पर लगी वाहनों की कतार।
- फोटो : SIKANDRABAD
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फास्टैग सेंसर फेल होने से लुहारली टोल पर लग रहा घंटों जाम
सिकंदराबाद। लुहारली टोल प्लाजा पर प्रतिदिन औसतन 27 हजार लोग अव्यवस्थाओं और जाम की मार झेल रहे हैं। फास्टैग के बावजूद स्थिति खराब है। टोल पर कैश की दो लेन और फास्टैग की आठ लेन हैं। अक्सर यहां फास्टैग को परखने वाला सेंटर फेल हो जाता है जिसकी वजह से वाहन चालक को लेन बदलनी पड़ती है और जाम लग जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित लुहारली टोल प्लाजा से हर रोज तकरीबन 25 से 27 हजार वाहन गुजरते हैं। टोल पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एनएचएआई ने दिसंबर 2019 में फास्टैग व्यवस्था लागू की थी। टोल प्लाजा पर दो कैश और आठ फास्टैग लाइनें हैं। फास्टैग लाइन में लगा सेंसर अक्सर फास्टैग को रीड नहीं कर पाता है। इसके चलते चालक को कैश लाइन में जाना पड़ता है, जो जाम का एक मुख्य कारण बनता है। इस दौरान टोलकर्मी और वाहन चालक में बहस आम बात हो गई है। कई बार विवाद बढ़ने के कारण टोल पर अफरातफरी की स्थिति भी पैदा हो जाती है। वहीं बिना फास्टैग लगे स्थानीय वाहन चालक भी फास्टैग लाइन में चले जाते हैं, इसके कारण भी अव्यवस्था पैदा होती है। टोल प्लाजा पर तैनात अफसरों और कर्मियों के सक्रिय नहीं होने के कारण टोल प्लाजा पर अक्सर जाम लगता रहता है। सुबह और शाम के समय हालात बेकाबू हो जाते हैं।
टोल अधिकारियों और हाईवे अथॉरिटी से भी जाम की समस्या के समाधान की मांग कई बार की गई है, लेकिन समाधान नहीं हो सका। - पिंकू गुर्जर
टोल पर आए दिन जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अथॉरिटी को जाम की समस्या का समाधान करवाना चाहिए। - राजू सैनी
अव्यवस्थाओं के कारण अक्सर टोल पर जाम लगता है। टोल पर तैनात अफसर और कर्मचारी व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से नाकाम हैं। - मोहित गोयल
टोल पर जाम के कारण वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। टैक्स देने के बाद भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। - नीरज चौधरी
इनका कहना है:
कैश में टोल टैक्स देने वाले वाहन चालकों के फास्टैग लाइन में घुसने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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- पीपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई
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सिकंदराबाद। लुहारली टोल प्लाजा पर प्रतिदिन औसतन 27 हजार लोग अव्यवस्थाओं और जाम की मार झेल रहे हैं। फास्टैग के बावजूद स्थिति खराब है। टोल पर कैश की दो लेन और फास्टैग की आठ लेन हैं। अक्सर यहां फास्टैग को परखने वाला सेंटर फेल हो जाता है जिसकी वजह से वाहन चालक को लेन बदलनी पड़ती है और जाम लग जाता है।
औद्योगिक क्षेत्र स्थित लुहारली टोल प्लाजा से हर रोज तकरीबन 25 से 27 हजार वाहन गुजरते हैं। टोल पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एनएचएआई ने दिसंबर 2019 में फास्टैग व्यवस्था लागू की थी। टोल प्लाजा पर दो कैश और आठ फास्टैग लाइनें हैं। फास्टैग लाइन में लगा सेंसर अक्सर फास्टैग को रीड नहीं कर पाता है। इसके चलते चालक को कैश लाइन में जाना पड़ता है, जो जाम का एक मुख्य कारण बनता है। इस दौरान टोलकर्मी और वाहन चालक में बहस आम बात हो गई है। कई बार विवाद बढ़ने के कारण टोल पर अफरातफरी की स्थिति भी पैदा हो जाती है। वहीं बिना फास्टैग लगे स्थानीय वाहन चालक भी फास्टैग लाइन में चले जाते हैं, इसके कारण भी अव्यवस्था पैदा होती है। टोल प्लाजा पर तैनात अफसरों और कर्मियों के सक्रिय नहीं होने के कारण टोल प्लाजा पर अक्सर जाम लगता रहता है। सुबह और शाम के समय हालात बेकाबू हो जाते हैं।
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टोल अधिकारियों और हाईवे अथॉरिटी से भी जाम की समस्या के समाधान की मांग कई बार की गई है, लेकिन समाधान नहीं हो सका। - पिंकू गुर्जर
टोल पर आए दिन जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अथॉरिटी को जाम की समस्या का समाधान करवाना चाहिए। - राजू सैनी
अव्यवस्थाओं के कारण अक्सर टोल पर जाम लगता है। टोल पर तैनात अफसर और कर्मचारी व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह से नाकाम हैं। - मोहित गोयल
टोल पर जाम के कारण वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। टैक्स देने के बाद भी कोई सुविधा नहीं मिल रही है। - नीरज चौधरी
इनका कहना है:
कैश में टोल टैक्स देने वाले वाहन चालकों के फास्टैग लाइन में घुसने से जाम की समस्या उत्पन्न होती है। समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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- पीपी सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई