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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   The water level of Ganga reached 62 cm above the danger mark

Bulandshahar News: खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा गंगा का जलस्तर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Aug 2025 09:23 PM IST
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अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा में उफान जारी है। नरौरा बैराज पर पानी खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। सिद्धबाबा घाट पर दो धर्मशाला और चार मंदिर डूब चुके हैं। घाट पर बनी सीसी रोड भी बाढ़ में बह गई। पानी खेतों से होते हुए 10 गांवों की ओर बढ़ने लगा है। रास्ते जलमग्न हो गए हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
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पहाड़ों में हो रही बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अहार में रविवार को गंगा ने रौद्र रूप ले लिया। सिद्ध बाबा गंगा घाट के किनारे पर बने गंगा मंदिर, हनुमान मंदिर, गुरु गोरखनाथ मंदिर, जाहरवीर बाबा मंदिर और श्रद्धालुओं को ठहरने के लिए बनी दो धर्मशालाओं को गंगा ने अपने आगोश में ले लिया। इसके साथ अनेक पेड़ भी बह गए। कटान तेज है और लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के 62 सेमी ऊपर चल रहा है। बैराज से गंगा नदी की डाउनस्ट्रीम में 305041 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। सिंचाई विभाग हेड वर्क्स के एसडीओ अंकित सिंह ने बताया कि बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 305041 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बैराज पर ढाई लाख क्यूसेक पानी की निकासी होने पर जलस्तर खतरे के निशान पर होता है।
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सिंचाई विभाग ने बैराज व तटबंधों पर अलर्ट जारी किया है। समुद्र तल से 178.765 मीटर होने पर जल स्तर खतरे के निशान पर पहुंचता है। अनूपशहर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटे में करीब 2 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग के जेई उमेश कुमार ने बताया कि बिजनौर बैराज से रविवार सुबह 1.30 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
नहरें की गईं बंद

नरौरा गंगा बैराज से निकली एलसीसी पीएलजीसी नहरों को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया की अधिक मात्रा में सिल्ट नहर में जमा होने की आशंका के कारण एलसीसी व पीएलजीसी नहरों का संचालन रोका गया है। पानी के साफ होने के बाद ही नहरों में पानी छोड़ा जाएगा।

सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न
अहार के सैद घूरे घटटी की नई बस्ती में बसे आसिफ, मोनिस, इरफान व अनस के घरों के दरवाजों के आगे गंगा का पानी पहुंच गया। पानी लगातार बढ़ रहा है। किसानों की लौकी, तोरई आदि की फसलें पानी भरने से नष्ट हो गई हैं। लोगों को खेतों पर आने जाने में दिक्कत आ रही है। अहार की हनुमान घटटी क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया है। अनूपशहर के आसपास खादर क्षेत्र में स्थित लगभग 10 गांवों की सैकड़ों बीघा फसलें जलमग्न हो चुकी हैं। गंगा प्लेटफार्म पर करीब तीन फीट से अधिक पानी जमा है। यहां दुकान लगाकर अपना जीवन यापन करने वाले कुछ दुकानदारों के सामने भी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। त्रिवेणी घाट पर गंगा स्नान करने के लिए लोगों को बांस की चाली का उपयोग करना पड़ रहा है। चाली के माध्यम से लोग गंगा प्लेटफार्म से त्रिवेणी घाट तक पहुंच रहे हैं। मोहल्ला गंगाद्वार स्थित लाल महादेव घाट से करीब 150 फीट अंदर आबादी में पानी आ गया। नरौरा क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ के पानी से जहां राजघाट के बाजार में पानी आ गया है, वहीं खादर क्षेत्र के गंगा किनारे की खेतों की फसलों में पानी भरा हुआ है।

चारे का संकट गहराया
राजघाट ग्राम प्रधान ओमवीर सिंह, गोकुलपुर खादर सुभाष यादव व झंडू सिंह और बैनीनी नगला निवासी राजकुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा किनारे के खेतों में खड़ी किसानो की ईख, धान व बाजरा की फसलों में पानी भरा हुआ है। पशुओं के लिए चारे का भी संकट पैदा हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला महासचिव युवा मान सिंह ने प्रशासन से किसानों के नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता की मांग की है।


कोट
प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। 24 घंटे निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों पर लेखपाल और तहसीलकर्मी तैनात किए गए हैं। घाटों पर अलर्ट जारी है और पुलिस तैनात कर दी गई है। लोगों को चाहिए कि वह घाटों से दूर रहें और स्नान न करें।
- प्रियंका गोयल, एसडीएम अनूपशहर।
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