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गन्ने की नर्सरी तैयार करे स्वयं सहायता समूह, सरकार देगी पैसा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Mar 2021 11:29 PM IST
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sugar cane nursry
गन्ने की नर्सरी तैयार करे स्वयं सहायता समूह, सरकार देगी पैसा
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बुलंदशहर। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को गन्ने की नर्सरी यानी पौध तैयार करने में सरकार भी उनकी सहायता करेगी। शासन से प्रति पौधा डेढ़ रुपया मिलेगा। वहीं, किसान से भी पौधे खरीदने पर राशि ली जाएगी। इस तरह से एक महिला समूह करीब 40 दिन में अच्छी कमाई कर सकता है।
शासन के आदेश पर गन्ना विभाग महिला समूह चयनित कर रहा है। समूह में शामिल महिलाएं अपने गांव में गन्ने की नर्सरी तैयारी करके अपने क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध करवाएंगी। अफसरों के अनुसार, एक महिला समूह कम से कम 25 हजार पौधे तैयार कर सकता है। एक पौधा तैयार करने पर समूह को सरकार की ओर से डेढ़ रुपये मिलते हैं, जबकि किसान को पौधा उपलब्ध करवाने पर समूह स्वयं राशि तय कर सकता है। गन्ने की पौध तैयार करने में कोई लागत इसलिए नहीं आएगी। क्योंकि महिलाएं अपने ही खेत के गन्ने लेती हैं, जिसके पास खेत नहीं है उन महिलाओं को गन्ना विभाग की ओर से गन्ना उपलब्ध करवाया जाता है। पौध तैयार करने के लिए सीड ट्रेड शीड कटर निशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा। महिलाओं द्वारा तैयार की जाने वाली पौध का भी विभागीय अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करेंगे।
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चयनित हुए 32 स्वयं सहायता समूह
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गन्ने की नर्सरी तैयार करने के लिए अभी तक 32 स्वयं सहायता समूह का चयन कर लिया गया। इन समूहों की महिलाओं ने पौध भी तैयार करनी शुरू कर दी है। अभी विभाग की ओर से 80 और समूह चयनित किए जाएंगे। इनके चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस कार्य को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही चयन होने के बाद उन्हें गन्ने की पौध तैयार करने के लिए विभाग की ओर से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
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नर्सरी में तैयार पौध से बंपर होती है फसल
गन्ना विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसान अमूमन पुरानी चली आ रही विधि से ही गन्ने की बिजाई करते हैं। इस विधि के तहत खेत में गड्ढा बनाया जाता है और उसमें गन्ने के टुकड़े डाल दिए जाते हैं। इस विधि से खेत में जहां-तहां गन्ने के अंकुर नहीं निकल पाते हैं। लेकिन नर्सरी में तैयार पौध से गन्ने की फसल बंपर होती है। साथ ही पौधा पहले ही तैयार हो जाता है और खेत में रोपने के बाद ऐसा कोई चांस नहीं होता कि पौधा नष्ट हो जाए। गन्ने के फसल के लिए यह विधि सबसे बेहतर मानी जाती है।

सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बढ़ावा देने के लिए गन्ने की पौध तैयार करवाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए शासन भी उनकी मदद करेगी। जनपद में 32 समूह चयनित कर लिए गए हैं, जबकि 80 और समूह जल्द चयनित कर लिए जाएंगे। यह सभी समूह पौध तैयार कर अच्छी कमाई कर सकती हैं।
- डीके सैनी, जिला गन्ना अधिकारी
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