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सुदीक्षा कांड: बिना गिरफ्तारी आरोपियों को छेड़छाड़ में मिली क्लीनचीट
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डीएवी तिराहे पर प्रदर्शन करते कांग्रेस के पदाधिकारी।
- फोटो : BULANDSHAHR
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सुदीक्षा प्रकरण : बिना गिरफ्तारी आरोपियों को छेड़छाड़ में मिली क्लीनचीट
बुलंदशहर। सुदीक्षा मौत प्रकरण को चार दिन से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन, पुलिस अभी तक आरोपियों का कोई सुराग भी नहीं लगा सकी है। बिना आरोपियों की गिरफ्तारी के ही पुलिस ने मान लिया है कि छेड़छाड़ नहीं हुई, क्योंकि ऐसा प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं। लेकिन, पुलिस परिजनों के द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों को ये मान कर झुठला रही है कि वारदात के बाद मृतका के भाई ने ऐसा कुछ नहीं बताया।
पुलिस को दी तहरीर में सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी ने बताया था कि गत 10 अगस्त की सुबह सुदीक्षा अपने चाचा और भाई के साथ अपनी ननिहाल जा रही थी। जब वह औरंगाबाद थाना क्षेत्र में गांव चरौरा मुस्तफाबाद के निकट पहुंची तो उनके आगे चल रहे बुलेट बाइक सवारों ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे। जिससे बाइक का नियंत्रण बिगड़ गया और बाइक बुलेट में पीछे से टकरा गई। हादसे में सड़क पर गिरी सुदीक्षा के सिर में गंभीर चोट आई थी और उसकी मौत हो गई। पूरे प्रकरण को पुलिस शुरूआत में सड़क हादसा मान रही थी। क्योंकि, प्रारंभिक दौर में मृतका के परिजनों ने हादसे की ही जानकारी पुलिस का दी थी। लेकिन, शव पोस्टमार्टम के बाद जब मृतका के गौतमबुद्धनगर स्थित गांव डेरी स्कनर पहुंचा तो उसके परिजनों ने बताया कि जिस बुलेट बाइक से टक्कर हुई थी। उसे चला रहा युवक व उसके साथी सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। इसी हड़बड़ाहट में यह सड़क दुर्घटना हुई और सुदीक्षा की जान चली गई। मामला छेड़छाड़ का आते ही पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी। साथ ही मामले में पुलिस ने आनन फानन में प्रत्यक्षदर्शियों से लेकर सीएचसी प्रभारी तक का बयान दर्ज किया। जिसमें वह छेड़छाड़ संबंधित वारदात को देखने व मृतका के भाई द्वारा बताए जाने से इंकार करते नजर आ रहे हैं। पुलिस की छीछालेदर होती देख एसएसपी ने मामले में बयान जारी किया और सुदीक्षा की मौत पर दुख प्रकट किया था। लेकिन, इस दौरान एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने से पूर्व ही छेड़छाड़ की वारदात को अनसुना कर दिया है। पुलिस कह रही है कि प्रारंभिक जांच में कोई छेड़छाड़ का मामला सामने नहीं आया है। आखिर, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी से पूर्व ही उन्हें क्लीनचिट क्यों दे रही है, ऐसे कई सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हैं।
गिरफ्तारी तो दूर, सुराग तक नहीं जुटा पाई पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी जनपद पुलिस के लिए अब चुनौती साबित हो रही है। पुलिस हरसंभव कोशिश व जांच कर रही है। लेकिन, कोई सुराग पुलिस के हाथ अभी तक नहीं लग सका है। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी में नजर आए दो बाइक सवार भी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। आस पास के गांवों में खोजबीन भी पुलिस के काम नहीं आ रही है।
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पुलिस को इनाम करना पड़ा घोषित
सुदीक्षा प्रकरण में कोई सुराग हाथ न लगता देख जनपद पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करना पड़ गया है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बुलेट बाइक सवार आरोपियों की जानकारी देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं, एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान बताने वाला शख्स यदि अपनी पहचान गोपनीय रखना चाहता है तो उसकी पहचान को गोपनीय ही रखा जाएगा। उन्होंने सूचना देने के लिए दो नंबर 9454400253, 9454401023 भी जारी किए हैं।
एसआईटी को तीन दिन में भेजनी थी रिपोर्ट
सुदीक्षा प्रकरण को चार दिन और पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी को तीन दिन बीत चुके हैं। आईजी मेरठ जोन प्रवीण कुमार ने एसआईटी का गठन सीओ सिटी दीक्षा सिंह के नेतृत्व में कर जांच आख्या तीन दिन के भीतर प्रेषित करने के निर्देश दिए थे। एसआईटी मामले की गहनता से जांच में जुटी है, लेकिन, अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। अब देखना होगा कि एसआईटी पूरे प्रकरण में अपनी आख्या के माध्यम से अफसरों को क्या अवगत कराती है। सीओ दीक्षा सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आख्या प्रेषित कर दी जाएगी।
पूरे प्रकरण की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जल्द ही उनकी तलाश पूरी कर मामले का राजफाश कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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बुलंदशहर। सुदीक्षा मौत प्रकरण को चार दिन से अधिक का समय बीत चुका है। लेकिन, पुलिस अभी तक आरोपियों का कोई सुराग भी नहीं लगा सकी है। बिना आरोपियों की गिरफ्तारी के ही पुलिस ने मान लिया है कि छेड़छाड़ नहीं हुई, क्योंकि ऐसा प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं। लेकिन, पुलिस परिजनों के द्वारा लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों को ये मान कर झुठला रही है कि वारदात के बाद मृतका के भाई ने ऐसा कुछ नहीं बताया।
पुलिस को दी तहरीर में सुदीक्षा के पिता जितेंद्र भाटी ने बताया था कि गत 10 अगस्त की सुबह सुदीक्षा अपने चाचा और भाई के साथ अपनी ननिहाल जा रही थी। जब वह औरंगाबाद थाना क्षेत्र में गांव चरौरा मुस्तफाबाद के निकट पहुंची तो उनके आगे चल रहे बुलेट बाइक सवारों ने अचानक ब्रेक लगा दिए थे। जिससे बाइक का नियंत्रण बिगड़ गया और बाइक बुलेट में पीछे से टकरा गई। हादसे में सड़क पर गिरी सुदीक्षा के सिर में गंभीर चोट आई थी और उसकी मौत हो गई। पूरे प्रकरण को पुलिस शुरूआत में सड़क हादसा मान रही थी। क्योंकि, प्रारंभिक दौर में मृतका के परिजनों ने हादसे की ही जानकारी पुलिस का दी थी। लेकिन, शव पोस्टमार्टम के बाद जब मृतका के गौतमबुद्धनगर स्थित गांव डेरी स्कनर पहुंचा तो उसके परिजनों ने बताया कि जिस बुलेट बाइक से टक्कर हुई थी। उसे चला रहा युवक व उसके साथी सुदीक्षा के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। इसी हड़बड़ाहट में यह सड़क दुर्घटना हुई और सुदीक्षा की जान चली गई। मामला छेड़छाड़ का आते ही पुलिस प्रशासन ने जांच शुरू कर दी। साथ ही मामले में पुलिस ने आनन फानन में प्रत्यक्षदर्शियों से लेकर सीएचसी प्रभारी तक का बयान दर्ज किया। जिसमें वह छेड़छाड़ संबंधित वारदात को देखने व मृतका के भाई द्वारा बताए जाने से इंकार करते नजर आ रहे हैं। पुलिस की छीछालेदर होती देख एसएसपी ने मामले में बयान जारी किया और सुदीक्षा की मौत पर दुख प्रकट किया था। लेकिन, इस दौरान एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने आरोपियों की गिरफ्तारी होने से पूर्व ही छेड़छाड़ की वारदात को अनसुना कर दिया है। पुलिस कह रही है कि प्रारंभिक जांच में कोई छेड़छाड़ का मामला सामने नहीं आया है। आखिर, पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी से पूर्व ही उन्हें क्लीनचिट क्यों दे रही है, ऐसे कई सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हैं।
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गिरफ्तारी तो दूर, सुराग तक नहीं जुटा पाई पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी जनपद पुलिस के लिए अब चुनौती साबित हो रही है। पुलिस हरसंभव कोशिश व जांच कर रही है। लेकिन, कोई सुराग पुलिस के हाथ अभी तक नहीं लग सका है। प्रारंभिक जांच में सीसीटीवी में नजर आए दो बाइक सवार भी अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगे हैं। आस पास के गांवों में खोजबीन भी पुलिस के काम नहीं आ रही है।
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पुलिस को इनाम करना पड़ा घोषित
सुदीक्षा प्रकरण में कोई सुराग हाथ न लगता देख जनपद पुलिस को आरोपियों की गिरफ्तारी पर इनाम घोषित करना पड़ गया है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बुलेट बाइक सवार आरोपियों की जानकारी देने वाले को 20 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वहीं, एसएसपी ने बताया कि आरोपियों की पहचान बताने वाला शख्स यदि अपनी पहचान गोपनीय रखना चाहता है तो उसकी पहचान को गोपनीय ही रखा जाएगा। उन्होंने सूचना देने के लिए दो नंबर 9454400253, 9454401023 भी जारी किए हैं।
एसआईटी को तीन दिन में भेजनी थी रिपोर्ट
सुदीक्षा प्रकरण को चार दिन और पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी को तीन दिन बीत चुके हैं। आईजी मेरठ जोन प्रवीण कुमार ने एसआईटी का गठन सीओ सिटी दीक्षा सिंह के नेतृत्व में कर जांच आख्या तीन दिन के भीतर प्रेषित करने के निर्देश दिए थे। एसआईटी मामले की गहनता से जांच में जुटी है, लेकिन, अभी तक आरोपियों का सुराग नहीं लग सका है। अब देखना होगा कि एसआईटी पूरे प्रकरण में अपनी आख्या के माध्यम से अफसरों को क्या अवगत कराती है। सीओ दीक्षा सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आख्या प्रेषित कर दी जाएगी।
पूरे प्रकरण की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जल्द ही उनकी तलाश पूरी कर मामले का राजफाश कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार सिंह, एसएसपी