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भाजपा के छह प्रत्याशी घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:46 PM IST
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विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया से कुछ घंटे पहले भाजपा ने अपने सियासी योद्धाओं का एलान कर दिया। जिले की छह विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए गए। वहीं डिबाई सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई। माना जा रहा है कि इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के किसी करीब को प्रत्याशी बनाया जाएगा।
भाजपा ने जिले में दो ब्राह्मण, एक लोधी, एक ठाकुर, एक जाट को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। एक सीट सुरक्षित है तो एक पर उम्मीदवार तय नहीं है। भाजपा ने सिकंदराबाद पर मौजूदा विधायक विमला सोलंकी पर फिर भरोसा जताया है। भाजपा के उम्मीदवारों का एलान होते ही जिले का सियासी पारा चढ़ गया है। अब सभी की निगाहें सपा, कांग्रेस और रालोद के गठबंधन पर टिकी हैं।
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बुलंदशहर : वीरेंद्र सिंह सिरोही
भाजपा ने सदर सीट पर वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही को फिर मैदान में उतारा है। सिरोही जिले के कद्दावर जाट नेता है और पूर्व में वह अगौता सीट से विधायक रहते हुए राजस्व मंत्री रह चुके हैं। इस सीट पर दावेदारों में पूर्व जिलाध्यक्ष डीके शर्मा और सपा से निष्कासित गुड्डू पंडित का नाम चल रहा था, लेकिन बाजी पूर्व मंत्री के हाथ लगी।
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वह 2012 में भी सदर सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे और मामूली अंतर से बसपा के हाजी अलीम से हारे थे। इस बार उनकी स्थिति मजबूत मानी जा रही थी।
अनूपशहर : संजय शर्मा
एमएलसी का चुनाव लड़ चुके और केंद्रीय मंत्री उमा भारती के नजदीकी संजय शर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। संजय शर्मा हाल ही में हुए एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी के खिलाफ लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस सीट पर पूर्व विधायक होशियार सिंह की भी मजबूत दावेदारी थी।
उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का करीबी माना जाता है। इसके अलावा इस सीट पर सर्वाधिक दावेदार थे। इसमें प्रशांत वशिष्ठ, आशीष शर्मा, सतीश शर्मा, जयप्रकाश सिंह, अनिल चरौरा आदि प्रमुख थे।
शिकारपुर : अनिल शर्मा
खुर्जा से बसपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके अनिल शर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। अनिल शर्मा पिछला विधानसभा चुनाव भी इसी सीट से बसपा के टिकट पर लड़े थे और मामूली अंतर से हार गए थे। अनिल शर्मा ने कुछ माह पहले ही भाजपा ज्वाइन की थी।
विधायक बंधुओं (गुड्डू पंडित और मुकेश शर्मा) को कड़ी टक्कर देने के कारण वह पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पहली पसंद थे। इस सीट पर आशीष वत्स भी मजबूती से दावेदारी कर रहे थे। अनिल शर्मा संघ पदाधिकारियों के काफी नजदीक माने जाते हैं।
स्याना : देवेंद्र लोधी
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेहद करीबी देवेंद्र लोधी को चुनावी मैदान में उतारा है। पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने जब-जब भाजपा छोड़ अपनी पार्टी बनाई, तब-तब वह बाबूजी के साथ रहे। स्याना में भाजपा से टिकट बाबूजी के साथ उनकी ईमानदारी को लेकर ही देखा जा रहा है। इस सीट से अनीता लोधी राजपूत समेत कई नेता दावा कर रहे थे, लेकिन पूर्व सीएम के करीबी ने बाजी मार ली।
सिकंदराबाद : विमला सोलंकी
भाजपा ने मौजूदा विधायक विमला सोलंकी को बरकरार रखा है। पिछला चुनाव विमला सोलंकी मामूली अंतर से जीती थी। ठाकुर बाहुल्य सीट होने के कारण उनकी सीट तय मानी जा रही थी। पार्टी में उनकी सक्रियता और निर्विवाद छवि को देखते हुए पार्टी ने उनको मैदान में उतारा है।
इस सीट पर युवा सम्मेलन के जिला संयोजक दीपक दुल्हेरा का नाम भी चल रहा था। भाजपा ने इस सीट पर कोई छेड़छाड़ नहीं की और विमला सोलंकी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
खुर्जा : बिजेंद्र खटीक
युवा चेहरे के रूप में बिजेंद्र खटीक प्रमुख को मैदान में उतारा है। बिजेंद्र को केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा का करीबी माना जाता है। माना जा रहा है कि उनके टिकट में केंद्रीय मंत्री की भूमिका रही है। खुर्जा के निवर्तमान विधायक बंशी सिंह पहाड़िया भी खटीक समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। इसको देखते हुए भी बिजेंद्र प्रमुख को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर पूर्व विधायक होराम सिंह, मीनाक्षी सिंह, अखिल कुमार समेत कई दावेदार थे।
डिबाई : आज होगी घोषणा
इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के किसी करीबी के आने की संभावना है। डिबाई कल्याण सिंह और उनके पुत्र राजवीर सिंह की परंपरागत सीट होने के कारण यहां अन्य कोई मजबूत दावेदार नहीं है। राजवीर सिंह के एटा से सांसद बनने के बाद माना जा रहा है कि इस सीट पर पूर्व सीएम कल्याण सिंह का कोई करीबी मैदान में उतारा जाएगा।
उनके पौत्र संजू भैया का नाम यहां से चल रहा था, लेकिन उनको अलीगढ़ के अतरौली से प्रत्याशी बनाया गया है। यहां पत्ते मंगलवार को खुलेंगे।