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बुलंदशहर: शिवसेना शिंदे गुट का प्रदर्शन, पश्चिमी यूपी के लिए अलग राज्य, एम्स और उच्च न्यायालय खंडपीठ की मांग

Thu, 01 Oct 2026 01:48 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर
अमर उजाला नेटवर्क, बुलंदशहर Published by: Digvijay Singh Updated Thu, 01 Oct 2026 01:48 PM IST
सार

शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट ने आज बुलंदशहर के काला आम चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए पृथक पश्चिम प्रदेश के गठन की मांग को लेकर था। 

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Shiv Sena protest demands raised for a separate state for Western UP an AIIMS and a High Court bench in Buland
शिवसेना शिंदे गुट का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट ने आज बुलंदशहर के काला आम चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए पृथक पश्चिम प्रदेश के गठन की मांग को लेकर था। साथ ही, क्षेत्र में एम्स और इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ स्थापित करने की भी मांग की गई।

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संगठन के जिला अध्यक्ष सर्वेश राणा ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश का महत्वपूर्ण कृषि, औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, शामली, बागपत, हापुड़, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जैसे जिले आर्थिक रूप से अहम हैं। बुलंदशहर, मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर, अलीगढ़, आगरा और मथुरा का भी सामाजिक महत्व अत्यधिक है। इस बड़े और महत्वपूर्ण क्षेत्र की प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए पृथक राज्य की मांग की जा रही है। न्याय की सरल पहुंच तथा संतुलित विकास के लिए पश्चिम प्रदेश का गठन आवश्यक बताया गया। इतने बड़े क्षेत्र के लिए प्रशासनिक सुगमता और न्याय की सरल पहुंच सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। संतुलित विकास के लिए भी पृथक राज्य का गठन आवश्यक माना जा रहा है। शिवसेना ने अपनी मांगों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी बुलंदशहर कार्यालय पर दिया गया।
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एम्स की स्थापना की आवश्यकता
वर्तमान में भारत सरकार की सूची में उत्तर प्रदेश के रायबरेली और गोरखपुर में एम्स शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को देखते हुए यहां भी एक एम्स की स्थापना की आवश्यकता है। एक एम्स की उपलब्धता से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लंबी यात्रा से बचा जा सकेगा।
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उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ की मांग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नागरिकों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इससे वादी और अधिवक्ताओं पर समय तथा आर्थिक भार पड़ता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिवक्ताओं के संघ ने पहले भी कई बार धरना प्रदर्शन किए हैं। उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की स्थायी खंडपीठ की मांग की है। हाई कोर्ट की स्थायी खंडपीठ न्यायिक सुगमता के लिए आवश्यक है।
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